Use code NM10OFF for 10% off
Back to BlogPujas

माँ लक्ष्मी का अखंड 16 दिवसीय अनुष्ठान — स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति का विशेष अवसर

राधाष्टमी से श्राद्ध पक्ष की सप्तमी तक जोधपुर स्थित संस्थान में होने वाला अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान — गुरु माँ निधि जी के मार्गदर्शन में, LIVE प्रसारण के साथ, और अंतिम दिन 108 आहुतियों का विशेष हवन।

8 September 2026 6 min read|By Nidhi Shrimali

✨ लेखिका परिचय: यह लेख गुरु माँ निधि श्रीमाली जी के ज्ञान एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। पंडित एन. एम. श्रीमाली संस्थान, जोधपुर।

“धन का आना ही पर्याप्त नहीं है, धन का घर में टिकना और सही दिशा में बढ़ना भी उतना ही आवश्यक है।”
— गुरु माँ निधि जी

हमारे जोधपुर स्थित संस्थान में हर वर्ष माँ लक्ष्मी की कृपा और स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए विशेष अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी यह दिव्य अनुष्ठान राधाष्टमी से प्रारंभ होकर श्राद्ध पक्ष की सप्तमी तक पूरे 16 दिनों तक निरंतर चलेगा।

गुरु माँ निधि जी के अनुसार, यह समय माँ लक्ष्मी की साधना के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इन पवित्र 15 दिनों में माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और अपने भक्तों को अपनी कृपा प्रदान करती हैं।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. क्यों विशेष हैं ये 16 दिन?
  2. किन लोगों को इस अनुष्ठान से जुड़ना चाहिए?
  3. 16 दिनों तक चलेगा अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान
  4. अंतिम दिन होगा विशेष हवन एवं 108 आहुतियाँ
  5. आइए, माँ लक्ष्मी की अखंड आराधना से जुड़ें
  6. संपर्क करें

🌸 क्यों विशेष हैं ये 16 दिन?

गुरु माँ निधि जी बताती हैं कि प्राचीन मान्यता के अनुसार, जब माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आईं, तब उन्होंने अपने दिव्य चिन्ह के रूप में श्री यंत्र की स्थापना की। माँ लक्ष्मी ने श्री यंत्र को अपना ही स्वरूप बताते हुए उसकी पूजा करने का विधान बताया।

मान्यता है कि जो साधक इन 16 दिनों में माँ लक्ष्मी की अखंड आराधना करता है, उसके जीवन में माँ लक्ष्मी की कृपा स्थिर रूप से बनी रहती है।

इसी कारण इन 16 दिनों को माँ लक्ष्मी की साधना के लिए दीपावली से भी अधिक विशेष माना जाता है।

💰 किन लोगों को इस अनुष्ठान से जुड़ना चाहिए?

यदि आपके जीवन में धन से संबंधित परेशानियाँ चल रही हैं, तो आप इस विशेष अखंड अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं। जैसे—

  • घर में पैसा आता है, लेकिन टिक नहीं पाता।
  • कमाई अच्छी होने के बावजूद बचत नहीं हो पा रही।
  • किसी पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।
  • कहीं पैसा फँसा हुआ है और वापस नहीं मिल पा रहा।
  • व्यापार या कार्यक्षेत्र में आर्थिक रुकावटें बनी हुई हैं।
  • नौकरी में मेहनत के बावजूद प्रमोशन या आर्थिक उन्नति नहीं हो रही।
  • बार-बार धन संबंधी परेशानियाँ सामने आ रही हैं।
  • परिवार में आर्थिक स्थिरता नहीं बन पा रही है।

ऐसे सभी साधक माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से इस विशेष अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं।

🪔 16 दिनों तक चलेगा अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान

इस वर्ष हमारे संस्थान में माँ लक्ष्मी का यह विशेष 15 दिवसीय अखंड अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है।

पूरे 16 दिनों तक माँ लक्ष्मी की अखंड साधना एवं पूजन चलेगा और इस अनुष्ठान को भक्तों के लिए LIVE भी किया जाएगा, ताकि जो साधक संस्थान में उपस्थित नहीं हो सकते, वे भी इस दिव्य अनुष्ठान से जुड़ सकें।

इस विशेष साधना में गुरु माँ निधि जी स्वयं उपस्थित होकर भक्तगणों के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा एवं आराधना करेंगी।

🔥 अंतिम दिन होगा विशेष हवन एवं 108 आहुतियाँ

अनुष्ठान के अंतिम दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष 108 आहुतियों का आयोजन किया जाएगा।

यह विशेष हवन एवं आहुति अनुष्ठान की पूर्णता का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिसमें माँ लक्ष्मी से भक्तों के जीवन में धन, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और स्थिर लक्ष्मी की कृपा के लिए प्रार्थना की जाएगी।

🌺 आइए, माँ लक्ष्मी की अखंड आराधना से जुड़ें

गुरु माँ निधि जी कहती हैं—
“जब माँ लक्ष्मी की कृपा हमारे जीवन में आती है, तो केवल धन ही नहीं आता, बल्कि धन को सही दिशा में उपयोग करने की बुद्धि और जीवन में स्थिरता भी आती है। इसलिए इन 15 पवित्र दिनों को व्यर्थ न जाने दें। माँ लक्ष्मी की आराधना से जुड़ें और अपनी श्रद्धा के साथ इस विशेष अनुष्ठान का हिस्सा बनें।”

यदि आप भी माँ लक्ष्मी से संबंधित अपनी आर्थिक परेशानियों, धन की अस्थिरता या आर्थिक उन्नति में आ रही रुकावटों के लिए आध्यात्मिक साधना से जुड़ना चाहते हैं, तो हमारे जोधपुर स्थित संस्थान से संपर्क करें।

📞 विशेष लक्ष्मी अनुष्ठान से जुड़ने के लिए संपर्क करें

संस्थान — जोधपुर, राजस्थान
मोबाइल: 9929391753 / 9571122777

🌺 माँ लक्ष्मी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे।

🪔 जय माँ लक्ष्मी। 🪔

[ { "question": "अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान कब से कब तक चलता है?", "answer": "यह दिव्य अनुष्ठान राधाष्टमी से प्रारंभ होकर श्राद्ध पक्ष की सप्तमी तक निरंतर चलता है। इस अवधि में माँ लक्ष्मी की अखंड साधना एवं पूजन प्रतिदिन किया जाता है।" }, { "question": "ये दिन माँ लक्ष्मी की साधना के लिए विशेष क्यों माने जाते हैं?", "answer": "प्राचीन मान्यता के अनुसार जब माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आईं, तब उन्होंने अपने दिव्य चिन्ह के रूप में श्री यंत्र की स्थापना की और श्री यंत्र को अपना ही स्वरूप बताते हुए उसकी पूजा का विधान बताया। मान्यता है कि इन दिनों में अखंड आराधना करने वाले साधक पर माँ लक्ष्मी की कृपा स्थिर रूप से बनी रहती है, इसीलिए इस अवधि को दीपावली से भी अधिक विशेष माना जाता है।" }, { "question": "क्या मैं घर बैठे इस अनुष्ठान से जुड़ सकता हूँ?", "answer": "जी हाँ। यह अनुष्ठान भक्तों के लिए LIVE प्रसारित किया जाता है, ताकि जो साधक संस्थान में उपस्थित नहीं हो सकते, वे भी इस दिव्य अनुष्ठान से जुड़ सकें।" }, { "question": "किन लोगों को इस अनुष्ठान से जुड़ना चाहिए?", "answer": "जिनके घर में पैसा आता है पर टिक नहीं पाता, कमाई के बावजूद बचत नहीं हो पाती, कर्ज बढ़ता जा रहा है, कहीं पैसा फँसा हुआ है, व्यापार या कार्यक्षेत्र में आर्थिक रुकावटें हैं, मेहनत के बावजूद प्रमोशन नहीं हो रहा, या परिवार में आर्थिक स्थिरता नहीं बन पा रही — ऐसे सभी साधक इस अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं।" }, { "question": "अनुष्ठान के अंतिम दिन क्या होता है?", "answer": "अनुष्ठान के अंतिम दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष 108 आहुतियों का आयोजन किया जाता है। यह हवन अनुष्ठान की पूर्णता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें भक्तों के जीवन में धन, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और स्थिर लक्ष्मी की कृपा के लिए प्रार्थना की जाती है।" }, { "question": "क्या गुरु माँ निधि जी स्वयं अनुष्ठान में उपस्थित रहती हैं?", "answer": "जी हाँ। इस विशेष साधना में गुरु माँ निधि जी स्वयं उपस्थित होकर भक्तगणों के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा एवं आराधना करती हैं।" }, { "question": "स्थिर लक्ष्मी का क्या अर्थ है?", "answer": "गुरु माँ निधि जी के अनुसार धन का आना ही पर्याप्त नहीं है, धन का घर में टिकना और सही दिशा में बढ़ना भी उतना ही आवश्यक है। स्थिर लक्ष्मी का अर्थ है कि धन के साथ उसे सही दिशा में उपयोग करने की बुद्धि और जीवन में आर्थिक स्थिरता भी बनी रहे।" }, { "question": "अनुष्ठान में अपना नाम कैसे दर्ज करवाएँ?", "answer": "इस विशेष अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान से जुड़ने अथवा अपने परिवार के नाम से संकल्प करवाने हेतु जोधपुर, राजस्थान स्थित संस्थान से 9929391753 अथवा 9571122777 पर संपर्क किया जा सकता है।" } ]

Ready for expert guidance?

Get Personalized Guidance from Nidhi Shrimali

Every consultation is a one-on-one telephonic session with Astrologer Nidhi Shrimali. Get detailed Kundali analysis, dosha identification, and personalized Vedic remedies.

Frequently Asked Questions

अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान कब से कब तक चलता है?+
यह दिव्य अनुष्ठान राधाष्टमी से प्रारंभ होकर श्राद्ध पक्ष की सप्तमी तक निरंतर चलता है। इस अवधि में माँ लक्ष्मी की अखंड साधना एवं पूजन प्रतिदिन किया जाता है।
ये दिन माँ लक्ष्मी की साधना के लिए विशेष क्यों माने जाते हैं?+
प्राचीन मान्यता के अनुसार जब माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आईं, तब उन्होंने अपने दिव्य चिन्ह के रूप में श्री यंत्र की स्थापना की और श्री यंत्र को अपना ही स्वरूप बताते हुए उसकी पूजा का विधान बताया। मान्यता है कि इन दिनों में अखंड आराधना करने वाले साधक पर माँ लक्ष्मी की कृपा स्थिर रूप से बनी रहती है, इसीलिए इस अवधि को दीपावली से भी अधिक विशेष माना जाता है।
क्या मैं घर बैठे इस अनुष्ठान से जुड़ सकता हूँ?+
जी हाँ। यह अनुष्ठान भक्तों के लिए LIVE प्रसारित किया जाता है, ताकि जो साधक संस्थान में उपस्थित नहीं हो सकते, वे भी इस दिव्य अनुष्ठान से जुड़ सकें।
किन लोगों को इस अनुष्ठान से जुड़ना चाहिए?+
जिनके घर में पैसा आता है पर टिक नहीं पाता, कमाई के बावजूद बचत नहीं हो पाती, कर्ज बढ़ता जा रहा है, कहीं पैसा फँसा हुआ है, व्यापार या कार्यक्षेत्र में आर्थिक रुकावटें हैं, मेहनत के बावजूद प्रमोशन नहीं हो रहा, या परिवार में आर्थिक स्थिरता नहीं बन पा रही — ऐसे सभी साधक इस अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं।
अनुष्ठान के अंतिम दिन क्या होता है?+
अनुष्ठान के अंतिम दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष 108 आहुतियों का आयोजन किया जाता है। यह हवन अनुष्ठान की पूर्णता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें भक्तों के जीवन में धन, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और स्थिर लक्ष्मी की कृपा के लिए प्रार्थना की जाती है।
क्या गुरु माँ निधि जी स्वयं अनुष्ठान में उपस्थित रहती हैं?+
जी हाँ। इस विशेष साधना में गुरु माँ निधि जी स्वयं उपस्थित होकर भक्तगणों के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा एवं आराधना करती हैं।
स्थिर लक्ष्मी का क्या अर्थ है?+
गुरु माँ निधि जी के अनुसार धन का आना ही पर्याप्त नहीं है, धन का घर में टिकना और सही दिशा में बढ़ना भी उतना ही आवश्यक है। स्थिर लक्ष्मी का अर्थ है कि धन के साथ उसे सही दिशा में उपयोग करने की बुद्धि और जीवन में आर्थिक स्थिरता भी बनी रहे।
अनुष्ठान में अपना नाम कैसे दर्ज करवाएँ?+
इस विशेष अखंड लक्ष्मी अनुष्ठान से जुड़ने अथवा अपने परिवार के नाम से संकल्प करवाने हेतु जोधपुर, राजस्थान स्थित संस्थान से 9929391753 अथवा 9571122777 पर संपर्क किया जा सकता है।
🧿

Written by

Nidhi Shrimali

Vedic Astrologer

Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.

4.8 Rating 18+ Years Experience1,425+ Reviews

Consult Astrologer Nidhi Shrimali

Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu, Numerology — one-on-one telephonic consultation