# कौन सा ग्रह विवाह में देरी करता है 2026 | विवाह देरी के ज्योतिषीय कारण और उपाय
**कौन सा ग्रह विवाह में देरी करता है 2026** — यह विषय मेरे पास रोजाना सैकड़ों लोग पूछते हैं। जब किसी की कुंडली में ग्रह कमजोर होता है, तो जीवन में कई समस्याएँ आने लगती हैं।
मैं **गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली**, पिछले 15 वर्षों से ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन और व्यावहारिक अनुप्रयोग कर रही हूँ। इस विस्तृत लेख में, मैं आपके साथ वही सटीक उपाय साझा कर रही हूँ जो मैंने अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस में हज़ारों लोगों पर सफलतापूर्वक लागू किए हैं।
> **मेरा वादा:** यह कोई सामान्य इंटरनेट लेख नहीं है। इसमें हर उपाय वह है जो मैं स्वयं अपने मरीजों को सुझाती हूँ।
## विवाह में देरी के प्रमुख ग्रह
### 1. शनि (Shani) — सबसे प्रमुख कारक
**प्रभाव:**
• विवाह में सबसे अधिक देरी शनि के कारण होती है
• शनि की दशा या अंतर्दशा में विवाह में बाधा
• सप्तम भाव में शनि की स्थिति
• सप्तमेश पर शनि की दृष्टि
**लक्षण:**
• 28-30 वर्ष के बाद विवाह
• बार-बार रिश्ते टूटना
• वृद्ध आयु में विवाह
• अंतरजातीय विवाह की संभावना
**उपाय:**
• शनिवार को शनि देव की पूजा करें
• हनुमान चालीसा का पाठ करें
• शनि मंत्र: "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें
• गरीबों को काले तिल दान करें
• पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
### 2. राहु (Rahu) — भ्रम और बाधा कारक
**प्रभाव:**
• राहु सप्तम भाव में हो तो विवाह में बाधा
• राहु-कृत्य योग विवाह देरी का कारण
• विवाह में भ्रम और असमंजस
• अचानक रिश्ते टूटना
**लक्षण:**
• 30-35 वर्ष के बाद विवाह
• विदेशी या अलग संस्कृति के व्यक्ति से विवाह
• अनैतिक संबंधों की संभावना
• तलाक की संभावना
**उपाय:**
• राहु मंत्र: "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का जाप करें
• नारियल पानी में मिलाकर स्नान करें
• गाय को रोटी खिलाएं
• दुर्गा मंदिर में जाकर पूजा करें
• गुरुवार को हल्दी का तिलक लगाएं
### 3. मंगल (Mars) — मंगलिक दोष
**प्रभाव:**
• मंगल सप्तम भाव में हो तो मंगलिक दोष
• मंगल प्रथम, चतुर्थ, अष्टम, द्वादश भाव में भी दोष
• विवाह में गंभीर बाधा
• वैवाहिक जीवन में कलह
**लक्षण:**
• 28-32 वर्ष के बाद विवाह
• मंगलिक मिलान न होना
• बार-बार रिश्ते आना-जाना
• वैवाहिक जीवन में तनाव
**उपाय:**
• मंगल मंत्र: "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का जाप करें
• मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें
• लाल कपड़े में गुड़ बांधकर बहते पानी में प्रवाहित करें
• कुंभ में दान करें
• मंगल स्तोत्र का पाठ करें
### 4. केतु (Ketu) — वैराग्य कारक
**प्रभाव:**
• केतु सप्तम भाव में हो तो विवाह में अनिच्छा
• वैराग्य और आध्यात्मिक झुकाव
• विवाह के प्रति उदासीनता
• देरी से विवाह
**लक्षण:**
• 35-40 वर्ष के बाद विवाह
• विवाह में रुचि न होना
• आध्यात्मिक जीवन की ओर झुकाव
• अंत में आध्यात्मिक व्यक्ति से विवाह
**उपाय:**
• केतु मंत्र: "ॐ स्रां श्रीं स्रौं सः केतवे नमः" का जाप करें
• गाय को चारा खिलाएं
• कुत्तों को रोटी खिलाएं
• भैरव मंदिर में पूजा करें
• केतु ग्रह शांति पूजा करवाएं
### 5. सूर्य (Sun) — अहंकार कारक
**प्रभाव:**
• सूर्य सप्तम भाव में हो तो अहंकार से विवाह में देरी
• उच्च पदस्थ व्यक्ति से विवाह की इच्छा
• बहुत अधिक चयन करना
• विवाह के लिए सही व्यक्ति न मिलना
**लक्षण:**
• 30-35 वर्ष के बाद विवाह
• उच्च पदस्थ या प्रसिद्ध व्यक्ति से विवाह
• सरकारी नौकरी वाले से विवाह
• विवाह के बाद भी अहंकार बना रहना
**उपाय:**
• सूर्य मंत्र: "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जाप करें
• रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य दें
• गेहूं का दान करें
• आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
• तांबे के बर्तन में जल अर्पित करें
### 6. शनि-राहु युति — काल सर्प योग
**प्रभाव:**
• शनि और राहु एक साथ हों तो काल सर्प योग
• विवाह में गंभीर बाधा
• पारिवारिक विरोध
• सामाजिक बाधाएँ
**लक्षण:**
• 35-40 वर्ष के बाद विवाह
• पारिवारिक विरोध के बावजूद विवाह
• कोर्ट मैरिज की संभावना
• विवाह के बाद भी समस्याएँ बनी रहना
**उपाय:**
• काल सर्प दोष निवारण पूजा करवाएं
• नाग पंचमी को व्रत करें
• शिवलिंग पर जल अर्पित करें
• महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें
• गुरुवार को पीले वस्त्र दान करें
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## विवाह देरी के अन्य कारण
### 1. सप्तम भाव कमजोर होना
• सप्तम भाव का स्वामी कमजोर हो
• सप्तम भाव में पाप ग्रह हों
• सप्तम भाव खाली हो और उसका स्वामी कमजोर हो
**उपाय:**
• शुक्र मंत्र: "ॐ शुं शुक्राय नमः" का जाप करें
• शुक्रवार को सफेद फूल अर्पित करें
• शक्कर का दान करें
### 2. शुक्र कमजोर होना
• शुक्र विवाह कारक ग्रह है
• शुक्र कमजोर हो तो विवाह में देरी
• शुक्र अस्त हो तो विवाह में बाधा
**उपाय:**
• शुक्र मंत्र का जाप करें
• शुक्रवार को सफेद वस्त्र धारण करें
• चांदी के बर्तन में जल अर्पित करें
### 3. बृहस्पति की अशुभ स्थिति
• बृहस्पति विवाह के लिए शुभ ग्रह है
• बृहस्पति छठे, आठवें, बारहवें भाव में हो तो देरी
• बृहस्पति राहु-केतु की दृष्टि में हो
**उपाय:**
• बृहस्पति मंत्र: "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः" का जाप करें
• गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें
• केले के पेड़ की पूजा करें
### 4. चंद्रमा कमजोर होना
• चंद्रमा मन का कारक है
• चंद्रमा कमजोर हो तो मानसिक तनाव
• विवाह के प्रति नकारात्मक सोच
**उपाय:**
• चंद्रमा मंत्र: "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः" का जाप करें
• सोमवार को सफेद फूल अर्पित करें
• दूध का सेवन करें
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## विवाह देरी के लिए विशेष उपाय
### 1. हनुमान चालीसा पाठ
• रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें
• मंगलवार और शनिवार को विशेष पाठ
• विवाह में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं
### 2. पार्वती जी की पूजा
• कुंवारी लड़कियाँ पार्वती जी का व्रत करें
• सोलह सोमवार व्रत विशेष फलदायी
• विवाह के लिए उपयुक्त वर मिलता है
### 3. गायत्री मंत्र जाप
• रोजाना 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें
• विवाह में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं
• मानसिक शांति मिलती है
### 4. प्रदोष व्रत
• प्रदोष काल में शिव जी की पूजा करें
• कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को व्रत करें
• विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
### 5. कन्या पूजन
• नवरात्रि में 9 कन्याओं की पूजा करें
• भोजन कराएं और दक्षिणा दें
• विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
### 6. सप्तमी पूजा
• रविवार को सप्तमी पूजा करें
• सूर्य देव को अर्घ्य दें
• विवाह के लिए उपयुक्त समय आता है
### 7. नारियल प्रवाह
• नारियल पर कुमकुम से "ॐ नमः शिवाय" लिखें
• बहते पानी में प्रवाहित करें
• विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
### 8. गुड़ दान
• गुड़ को लाल कपड़े में बांधें
• बहते पानी में प्रवाहित करें
• विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
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> 💡 **निधि जी का विशेष टिप:** इन उपायों को मंगलवार या गुरुवार को शुरू करना सबसे शुभ होता है। चंद्रमा की कृपा होने पर परिणाम शीघ्र मिलते हैं।
## विवाह देरी के लिए रत्न उपाय
| ग्रह | रत्न | धारण विधि |
|---|---|---|
| शनि | नीलम | शनिवार को चांदी में धारण करें |
| राहु | गोमेद | शनिवार को चांदी में धारण करें |
| मंगल | मूंगा | मंगलवार को सोने में धारण करें |
| केतु | लहसुनिया | बुधवार को चांदी में धारण करें |
| सूर्य | माणिक्य | रविवार को सोने में धारण करें |
| शुक्र | हीरा | शुक्रवार को सोने में धारण करें |
| बृहस्पति | पुखराज | गुरुवार को सोने में धारण करें |
| चंद्रमा | मोती | सोमवार को चांदी में धारण करें |
**नोट:** रत्न धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह जरूर लें।
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> 💡 **निधि जी का विशेष टिप:** इन उपायों को मंगलवार या गुरुवार को शुरू करना सबसे शुभ होता है। चंद्रमा की कृपा होने पर परिणाम शीघ्र मिलते हैं।
## विवाह देरी के लिए मंत्र
### शनि मंत्र:
```
ॐ शं शनैश्चराय नमः
```
जाप: 108 बार, शनिवार को
### राहु मंत्र:
```
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
```
जाप: 108 बार, शनिवार को
### मंगल मंत्र:
```
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
```
जाप: 108 बार, मंगलवार को
### केतु मंत्र:
```
ॐ स्रां श्रीं स्रौं सः केतवे नमः
```
जाप: 108 बार, बुधवार को
### शुक्र मंत्र:
```
ॐ शुं शुक्राय नमः
```
जाप: 108 बार, शुक्रवार को
### विवाह प्राप्ति मंत्र:
```
ॐ कामदेवाय नमः
ॐ रतिप्रियाय नमः
ॐ विवाहेश्वराय नमः
```
जाप: 108 बार, रोजाना
---
## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
### कौन सा ग्रह विवाह में सबसे अधिक देरी करता है?
शनि ग्रह विवाह में सबसे अधिक देरी करता है। शनि की दशा या अंतर्दशा में विवाह में बाधा आती है।
### मंगलिक दोष से विवाह में कितनी देरी होती है?
मंगलिक दोष से विवाह 28-32 वर्ष की आयु के बाद होता है। उपाय करने से देरी कम होती है।
### राहु विवाह में कैसे बाधा डालता है?
राहु भ्रम और असमंजस पैदा करता है। विवाह के रिश्ते आते हैं लेकिन टूट जाते हैं।
### केतु से विवाह में देरी क्यों होती है?
केतु वैराग्य कारक है। व्यक्ति विवाह के प्रति उदासीन हो जाता है और देरी से विवाह करता है।
### विवाह देरी के उपाय कितने दिन करें?
कम से कम 40 दिन तक नियमित उपाय करें। कुछ उपाय 11, 21, 41 या 108 बार करने से फल मिलता है।
### क्या विवाह देरी हमेशा ग्रहों के कारण होती है?
नहीं, विवाह देरी के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत कारण भी हो सकते हैं। ज्योतिष केवल एक पहलू है।
### उपाय करने से कितने समय में फल मिलता है?
नियमित उपाय करने से 21-40 दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं। कुछ casos में 3-6 महीने लग सकते हैं।
---
## निष्कर्ष
**कौन सा ग्रह विवाह में देरी करता है** — इसका उत्तर जानकर आप सही उपाय कर सकते हैं। शनि, राहु, मंगल, केतु, सूर्य जैसे ग्रह विवाह में बाधा डालते हैं। ऊपर दिए गए **विवाह देरी के ज्योतिषीय कारण और चमत्कारिक उपाय** को अपनाकर आप विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकते हैं।
नियमित उपाय करें, पूरा विश्वास रखें, और गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
**विवाह प्राप्ति मंत्र:**
```
ॐ कामदेवाय नमः
ॐ रतिप्रियाय नमः
ॐ विवाहेश्वराय नमः
ॐ पार्वतीपतये नमः
```
**उपाय करें, पूजा करें, विश्वास रखें — ईश्वर की कृपा से आपका विवाह सुखद होगा।**
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*लेखक: गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली, प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली*
*संपर्क: www.panditnmshrimali.com*
## निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह
प्रिय पाठकों, **कौन सा ग्रह विवाह में देरी करता है 2026** कोई जादू नहीं है। यह एक विज्ञान है जिसमें समय, धैर्य और पूर्ण श्रद्धा की आवश्यकता होती है।
मैंने अपने 15 वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो लोग नियम और श्रद्धा से उपाय करते हैं, उन्हें 21 से 40 दिनों के भीतर निश्चित रूप से परिणाम मिलते हैं।
**मेरी आपसे विनती है:**
1. किसी एक उपाय से शुरुआत करें
2. उसे कम से कम 40 दिन तक नियमित करें
3. पूरे विश्वास के साथ करें — संदेह न पालें
4. परिणाम मिलने के बाद भी उपाय जारी रखें
आपकी कुंडली में जो भी दोष हो, ईश्वर की कृपा और सही उपायों से सब ठीक हो सकता है।
**शुभकामनाएँ सहित,**
*गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली*
प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली
📞 संपर्क: www.panditnmshrimali.com
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Written by
Nidhi Shrimali
Vedic Astrologer
Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.
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