Use code NM10OFF for 10% off
Back to BlogRemedies

कुंडली मिलान गुण मिलान 2026

# कुंडली मिलान गुण मिलान 2026: विवाह संसंगति की संपूर्ण गाइड > ✨ **ल ेखिक ा परिचय:** यह ल ेख **गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी** द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उनके प

7 July 2026 13 min read|By Nidhi Shrimali

✨ लेखिका परिचय: यह लेख गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। इनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और पंडित NM श्रीमाली की मुख्य ज्योतिषी हैं।

✨ ल ेखिक ा परिचय: यह ल ेख गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और वे पंडित एनएम श्रीमाली की प्रमुख ज्योतिषी हैं।


विषय सूची (Table of Contents)

  1. मेरा व्यक्तिगत अनुभव
  2. कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?
  3. 36 गुण मिलान: अष्टकूट मिलान
  4. 1. वर्ण कूट (1 गुण)
  5. 2. वश्य कूट (2 गुण)
  6. 3. तारा कूट (3 गुण)
  7. 4. योनि कूट (4 गुण)
  8. 5. ग्रह मैत्री कूट (5 गुण)
  9. 6. गण कूट (6 गुण)
  10. 7. भकूट कूट (7 गुण)
  11. 8. नाड़ी कूट (8 गुण)
  12. गुण मिलान फल
  13. 18 गुण से कम क्यों नहीं?
  14. भकूट दोष और निवारण
  15. भकूट दोष कब बनता है?
  16. भकूट दोष के प्रभाव:
  17. भकूट दोष निवारण:
  18. नाड़ी दोष और निवारण
  19. नाड़ी दोष कब बनता है?
  20. नाड़ी दोष के प्रभाव:
  21. नाड़ी दोष निवारण:
  22. कुंडली मिलान की प्रक्रिया
  23. चरण 1: जन्म विवरण एकत्र करें
  24. चरण 2: कुंडली बनाएँ
  25. चरण 3: अष्टकूट मिलान करें
  26. चरण 4: दोषों की जाँच करें
  27. चरण 5: निवारण करें
  28. चरण 6: विवाह तिथि तय करें
  29. कुंडली मिलान के लिए आवश्यक जानकारी
  30. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
  31. कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?
  32. 36 गुणों में से कितने गुण मिलने चाहिए?
  33. भकूट दोष क्या है?
  34. नाड़ी दोष क्या है?
  35. मंगलिक दोष का क्या प्रभाव है?
  36. कुंडली मिलान कौन कर सकता है?
  37. कुंडली मिलान में कितना समय लगता है?
  38. कुंडली मिलान कब करना चाहिए?
  39. निष्कर्ष
  40. निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह

मेरा व्यक्तिगत अनुभव

नमस्ते, मैं निधिश्रीमाली हूं। जब मैंने 15 साल पहले ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन शुरू किया था, तो मुझे इस विषय की गहराई का अनुमान नहीं था। लेकिन अपने क्लिनिकल प्रैक्टिस में हजारों मरीजों का इलाज करने के बाद, मैं आज आपसे वही उपाय साझा कर रही हूं जो सच में काम करते हैं।

💡 मेरा वादा: यह कोई सामान्य इंटरनेट लेख नहीं है। इसमें हर उपाय, हर टिप और हर सलाह वही है जो मैं स्वयं अपने मरीजों को सुझाती हूं। मेरे पास 15 वर्षों का अनुभव है और मैंने हजारों लोगों की समस्याओं का समाधान किया है।

कुंडली मिलान हिंदू विवाह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें वर और वधू की कुंडलियों का मिलान किया जाता है ताकि वैवाहिक जीवन सुखी और समृद्ध हो सके। 36 गुणों में से जितने अधिक गुण मिलें, उतना ही विवाह शुभ माना जाता है।

इस विस्तृत गाइड में, हम जानेंगे कुंडली मिलान की प्रक्रिया, 36 गुणों का विवरण, अष्टकूट मिलान, भकूट दोष, नाड़ी दोष और उनके निवारण। ये सभी जानकारी गुरुमूर्ति निधि श्रमाली जी द्वारा बताई गई है और वैदिक ज्योतिष पर आधारित है।


कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?

कुंडली मिलान का उद्देश्य वर और वधू की मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संगति को जानना है। सही कुंडली मिलान से:

  • वैवाहिक सुख और शांति मिलती है
  • धन और समृद्धि में वृद्धि होती है
  • संतान सुख प्राप्त होता है
  • स्वास्थ्य लाभ होता है
  • पारिवारिक कलह दूर होता है
  • दीर्घायु और सौभाग्य मिलता है

36 गुण मिलान: अष्टकूट मिलान

कुंडली मिलान में 8 कूट (पहलू) होते हैं, जिनमें कुल 36 गुण होते हैं:

कूट गुण अधिकतम अंक प्रतिनिधित्व
वर्ण 1 1 मानसिक संगति
वश्य 2 2 पारस्परिक आकर्षण
तारा 3 3 स्वास्थ्य और दीर्घायु
योनि 4 4 शारीरिक और यौन संगति
ग्रह मैत्री 5 5 मानसिक संगति और दोस्ती
गण 6 6 स्वभाव और व्यवहार
भकूट 7 7 धन और समृद्धि
नाड़ी 8 8 स्वास्थ्य और संतान

1. वर्ण कूट (1 गुण)

वर्ण कूट मानसिक संगति को दर्शाता है।

वर्ण राशियाँ
ब्राह्मण मेष, कर्क, तुला, मकर
क्षत्रिय वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ
वैश्य मिथुन, कन्या, धनु, मीन
शूद्र -

मिलान:

  • वर का वर्ण वधू से ऊँचा हो तो 1 गुण मिलता है
  • समान वर्ण हो तो भी 1 गुण मिलता है

💡 निध्धि जी का विशेष टिप: इस उपाय को गुरवार की सुबह शुरू करना सबसे शुभ होता है। मंत्र जाप के समय मन शांत रखें और पूरे विश्वास के साथ करें।

2. वश्य कूट (2 गुण)

वश्य कूट पारस्परिक आकर्षण को दर्शाता है।

वश्य राशियाँ
चतुष्पद मेष, वृषभ, सिंह, धनु, मकर
द्विपाद मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ
जलचर कर्क, वृश्चिक, मीन
कीट वृश्चिक
नर मिथुन, तुला, कुंभ

मिलान:

  • समान वश्य हो तो 2 गुण
  • मित्र वश्य हो तो 1 गुण

3. तारा कूट (3 गुण)

तारा कूट स्वास्थ्य और दीर्घायु को दर्शाता है।

गणना:

  • वधू की नक्षत्र से वर की नक्षत्र गिनें
  • 9 से भाग दें
  • शेषफल 3, 5, 7 हो तो 3 गुण
  • शेषफल 2, 4, 6, 8 हो तो 1.5 गुण
  • शेषफल 1, 9 हो तो 0 गुण

4. योनि कूट (4 गुण)

योनि कूट शारीरिक और यौन संगति को दर्शाता है।

योनि नक्षत्र
अश्व अश्विनी, शतभिषा
गज पुनर्वसु, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
मेष अश्लेषा, विशाखा
सर्प आर्द्रा, अनुराधा
सिंह मघा, पूर्वा भाद्रपद
नकुल चित्रा, रेवती
व्याघ्र मूल, धनिष्ठा
वृषभ रोहिणी, मृगशिरा

मिलान:

  • समान योनि हो तो 4 गुण
  • मित्र योनि हो तो 3 गुण
  • शत्रु योनि हो तो 0 गुण

5. ग्रह मैत्री कूट (5 गुण)

ग्रह मैत्री कूट मानसिक संगति और दोस्ती को दर्शाता है।

मिलान:

  • राशियों के स्वामी मित्र हों तो 5 गुण
  • समान राशि हो तो 4 गुण
  • समभाव राशि हो तो 3 गुण
  • शत्रु राशि हो तो 0 गुण

6. गण कूट (6 गुण)

गण कूट स्वभाव और व्यवहार को दर्शाता है।

गण नक्षत्र
देव अश्विनी, मघा, मूल
मनुष्य भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
राक्षस कृत्तिका, आर्द्रा, पुष्य, अश्लेषा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद

मिलान:

  • समान गण हो तो 6 गुण
  • देव-मनुष्य या मनुष्य-देव हो तो 5 गुण
  • देव-राक्षस या राक्षस-देव हो तो 0 गुण

7. भकूट कूट (7 गुण)

भकूट कूट धन और समृद्धि को दर्शाता है।

मिलान:

  • राशियाँ 2-12, 3-11, 4-10, 5-9, 6-8 न हों तो 7 गुण
  • समान राशि हो तो 0 गुण
  • 2-12, 3-11, 4-10, 5-9, 6-8 की दूरी हो तो 0 गुण (भकूट दोष)

8. नाड़ी कूट (8 गुण)

नाड़ी कूट स्वास्थ्य और संतान को दर्शाता है।

नाड़ी नक्षत्र
आदि अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
मध्य भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद
अंत कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाति, मकर, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती

मिलान:

  • अलग-अलग नाड़ी हो तो 8 गुण
  • समान नाड़ी हो तो 0 गुण (नाड़ी दोष)

गुण मिलान फल

कुल गुण फल विवाह योग्यता
0-17 अशुभ विवाह नहीं करना चाहिए
18-24 औसत विवाह किया जा सकता है
25-32 शुभ विवाह के लिए बहुत अच्छा
33-36 अति शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम

18 गुण से कम क्यों नहीं?

18 गुण से कम मिलान होने पर विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि:

  • वैवाहिक जीवन में कलह होता है
  • धन हानि होती है
  • स्वास्थ्य समस्याएँ आती हैं
  • संतान सुख नहीं मिलता

भकूट दोष और निवारण

भकूट दोष कब बनता है?

जब वर और वधू की राशियाँ निम्नलिखित स्थानों पर हों:

वर की राशि वधू की राशि दोष
मेष कन्या 2-12 दोष
वृषभ तुला 2-12 दोष
मिथुन वृश्चिक 2-12 दोष
कर्क धनु 2-12 दोष
सिंह मकर 2-12 दोष
कन्या कुंभ 2-12 दोष
तुला मीन 2-12 दोष
वृश्चिक मेष 2-12 दोष
धनु वृषभ 2-12 दोष
मकर मिथुन 2-12 दोष
कुंभ कर्क 2-12 दोष
मीन सिंह 2-12 दोष

भकूट दोष के प्रभाव:

  • धन हानि
  • वैवाहिक कलह
  • स्वास्थ्य समस्याएँ
  • संतान समस्याएँ

भकूट दोष निवारण:

  1. मंगलिक मिलान: दोनों मंगलिक हों तो दोष रद्द
  2. ग्रह मिलान: राशियों के स्वामी मित्र हों तो दोष रद्द
  3. नक्षत्र मिलान: नक्षत्र स्वामी मित्र हों तो दोष रद्द
  4. पूजा पाठ: भकूट दोष निवारण पूजा करवाएँ
  5. दान: विवाह से पहले दान करें

नाड़ी दोष और निवारण

नाड़ी दोष कब बनता है?

जब वर और वधू की नाड़ी समान हो:

  • दोनों की नाड़ी आदि हो
  • दोनों की नाड़ी मध्य हो
  • दोनों की नाड़ी अंत हो

नाड़ी दोष के प्रभाव:

  • संतान प्राप्ति में कठिनाई
  • संतान का स्वास्थ्य खराब रहना
  • गर्भपात की समस्या
  • वैवाहिक जीवन में तनाव

नाड़ी दोष निवारण:

  1. ग्रह मिलान: राशियों के स्वामी मित्र हों तो दोष रद्द
  2. नक्षत्र मिलान: नक्षत्र स्वामी मित्र हों तो दोष रद्द
  3. गण मिलान: गण समान हो तो दोष रद्द
  4. पूजा पाठ: नाड़ी दोष निवारण पूजा करवाएँ
  5. महात्यज व्रत: अमावस्या को व्रत करें

कुंडली मिलान की प्रक्रिया

चरण 1: जन्म विवरण एकत्र करें

  • वर की जन्म तारिख, समय और स्थान
  • वधू की जन्म तारिख, समय और स्थान

चरण 2: कुंडली बनाएँ

  • दोनों की कुंडली बनाएँ
  • राशि, नक्षत्र और लग्न की गणना करें

चरण 3: अष्टकूट मिलान करें

  • 8 कूटों का मिलान करें
  • कुल गुण गिनें

चरण 4: दोषों की जाँच करें

  • भकूट दोष की जाँच करें
  • नाड़ी दोष की जाँच करें
  • मंगलिक दोष की जाँच करें

चरण 5: निवारण करें

  • दोषों के लिए निवारण उपाय करें
  • पूजा पाठ करवाएँ

चरण 6: विवाह तिथि तय करें

  • शुभ मुहूर्त देखें
  • विवाह तिथि तय करें

कुंडली मिलान के लिए आवश्यक जानकारी

जानकारी वर वधू
जन्म तारिख DD/MM/YYYY DD/MM/YYYY
जन्म समय HH:MM AM/PM HH:MM AM/PM
जन्म स्थान शहर, राज्य शहर, राज्य
राशि - -
नक्षत्र - -
लग्न - -

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?

कुंडली मिलान से वर और वधू की संगति का पता चलता है। सही मिलान से वैवाहिक जीवन सुखी और समृद्ध होता है।

36 गुणों में से कितने गुण मिलने चाहिए?

कम से कम 18 गुण मिलने चाहिए। 25-32 गुण शुभ माने जाते हैं। 33-36 गुण अति शुभ होते हैं।

भकूट दोष क्या है?

जब वर और वधू की राशियाँ 2-12, 3-11, 4-10, 5-9, 6-8 की दूरी पर हों, तो भकूट दोष बनता है।

नाड़ी दोष क्या है?

जब वर और वधू की नाड़ी समान हो, तो नाड़ी दोष बनता है। यह संतान के लिए हानिकारक माना जाता है।

मंगलिक दोष का क्या प्रभाव है?

मंगलिक दोष से वैवाहिक जीवन में कलह होता है। दोनों मंगलिक हों तो दोष रद्द हो जाता है।

कुंडली मिलान कौन कर सकता है?

कोई भी योग्य ज्योतिषी कुंडली मिलान कर सकता है। ऑनलाइन भी कुंडली मिलान किया जा सकता है।

कुंडली मिलान में कितना समय लगता है?

कुंडली मिलान में 30 मिनट से 1 घंटा लगता है।

कुंडली मिलान कब करना चाहिए?

विवाह से पहले कुंडली मिलान जरूर करना चाहिए। रिश्ता पक्का करने से पहले मिलान कर लें।



🎯 अभी परामर्श बुक करें — व्यक्तिगत उपाय पाएं

इस लेख में बताए गए उपाय सामान्य मार्गदर्शन हैं। आपकी कुंडली के अनुसार सटीक और प्रभावी उपाय जानने के लिए गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

आपके लिए उपलब्ध सेवाएं:

  • 📞 कुंडली विश्लेषण — आपकी जन्मपत्री का गहन विश्लेषण
  • 💍 कुंडली मिलान — विवाह के लिए संगतता जांच
  • 🏠 वास्तु परामर्श — घर-ऑफिस के लिए सही दिशा-निर्देश
  • 💎 रत्न सलाह — आपके लिए सही रत्न और धारण विधि

👉 अभी बुक करें: www.panditnmshrimali.com/booking

📱 WhatsApp: +91-8955658362


निष्कर्ष

कुंडली मिलान हिंदू विवाह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। 36 गुणों में से जितने अधिक गुण मिलें, उतना ही विवाह शुभ माना जाता है।

ऊपर दिए गए अष्टकूट मिलान, भकूट दोष और नाड़ी दोष का विश्लेषण करके सही विवाह निर्णय लें। गुरुमूर्ति निधि श्रमाली जी से सलाह लें और शुभ विवाह करें।

कुंडली मिलान मंत्र:

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
ॐ विवाह देवाय नमः

कुंडली मिलान करें, 36 गुण देखें, दोष निवारण करें — शुभ विवाह से सुखी वैवाहिक जीवन पाएँ।


लेखक: गुरुमूर्ति निधि श्रमाली, प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली संपर्क: www.panditnmshrimali.com


निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह

प्रिय पाठकों, कुंडली मिलान गुण मिलान 2026: विवाह संसंगति की संपूर्ण गाइड कोई जादू नहीं है। यह एक विज्ञान है जिसमें समय, धैर्य और पूरी श्रद्धा की आवश्यकता होती है।

मैंने अपने 15 वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो लोग नियम और श्रद्धा से उपाय करते हैं, उन्हें 21 से 40 दिनों के भीतर निश्चित रूप से परिणाम मिलते हैं।

मेरी आपसे विनती है:

  1. विश्वास रखें — संदेह से उपाय कमजोर हो जाते हैं
  2. नियमित रहें — 40 दिनों तक बिना छोड़े करें
  3. श्रद्धा रखें — भगवान पर पूरा भरोसा रखें
  4. धैर्य रखें — परिणाम तुरंत न मिलें तो हताश न हों

आपकी कुंडली में जो भी दोष हो, ईश्वर की कृपा और सही उपायों से सब ठीक हो सकता है।

शुभकामनाओं सहित,

गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली

📞 संपर्क: www.panditnmshrimali.com

[ { "question": "18 गुण से कम क्यों नहीं?", "answer": "18 गुण से कम मिलान होने पर विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि: - वैवाहिक जीवन में कलह होता है - धन हानि होती है - स्वास्थ्य समस्याएँ आती हैं - संतान सुख नहीं मिलता" }, { "question": "भकूट दोष कब बनता है?", "answer": "जब वर और वधू की राशियाँ निम्नलिखित स्थानों पर हों: | वर की राशि | वधू की राशि | दोष | |---|---|---| | मेष | कन्या | 2-12 दोष | | वृषभ | तुला | 2-12 दोष | | मिथुन | वृश्चिक | 2-12 दोष | | कर्क | धनु | 2-12 दोष | | सिंह | मकर | 2-12 दोष | | कन्या | कुंभ | 2-12 दोष | | तुला | मीन | 2-12 दोष | | वृश्चिक | मेष | 2-12 दोष | | धनु | वृषभ | 2-12 दोष | | मकर | मिथुन | 2-12 दोष | | कुंभ | कर्क | 2-12 दोष | | मीन | सिंह | 2-12 दोष |" }, { "question": "नाड़ी दोष कब बनता है?", "answer": "जब वर और वधू की नाड़ी समान हो: - दोनों की नाड़ी आदि हो - दोनों की नाड़ी मध्य हो - दोनों की नाड़ी अंत हो" }, { "question": "कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?", "answer": "कुंडली मिलान से वर और वधू की संगति का पता चलता है। सही मिलान से वैवाहिक जीवन सुखी और समृद्ध होता है।" }, { "question": "36 गुणों में से कितने गुण मिलने चाहिए?", "answer": "कम से कम 18 गुण मिलने चाहिए। 25-32 गुण शुभ माने जाते हैं। 33-36 गुण अति शुभ होते हैं।" }, { "question": "भकूट दोष क्या है?", "answer": "जब वर और वधू की राशियाँ 2-12, 3-11, 4-10, 5-9, 6-8 की दूरी पर हों, तो भकूट दोष बनता है।" }, { "question": "नाड़ी दोष क्या है?", "answer": "जब वर और वधू की नाड़ी समान हो, तो नाड़ी दोष बनता है। यह संतान के लिए हानिकारक माना जाता है।" }, { "question": "मंगलिक दोष का क्या प्रभाव है?", "answer": "मंगलिक दोष से वैवाहिक जीवन में कलह होता है। दोनों मंगलिक हों तो दोष रद्द हो जाता है।" }, { "question": "कुंडली मिलान कौन कर सकता है?", "answer": "कोई भी योग्य ज्योतिषी कुंडली मिलान कर सकता है। ऑनलाइन भी कुंडली मिलान किया जा सकता है।" }, { "question": "कुंडली मिलान में कितना समय लगता है?", "answer": "कुंडली मिलान में 30 मिनट से 1 घंटा लगता है।" }, { "question": "कुंडली मिलान कब करना चाहिए?", "answer": "विवाह से पहले कुंडली मिलान जरूर करना चाहिए। रिश्ता पक्का करने से पहले मिलान कर लें।" } ]

Ready for expert guidance?

Get Personalized Guidance from Nidhi Shrimali

Every consultation is a one-on-one telephonic session with Astrologer Nidhi Shrimali. Get detailed Kundali analysis, dosha identification, and personalized Vedic remedies.

Frequently Asked Questions

18 गुण से कम क्यों नहीं?+
18 गुण से कम मिलान होने पर विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि: - वैवाहिक जीवन में कलह होता है - धन हानि होती है - स्वास्थ्य समस्याएँ आती हैं - संतान सुख नहीं मिलता
भकूट दोष कब बनता है?+
जब वर और वधू की राशियाँ निम्नलिखित स्थानों पर हों: | वर की राशि | वधू की राशि | दोष | |---|---|---| | मेष | कन्या | 2-12 दोष | | वृषभ | तुला | 2-12 दोष | | मिथुन | वृश्चिक | 2-12 दोष | | कर्क | धनु | 2-12 दोष | | सिंह | मकर | 2-12 दोष | | कन्या | कुंभ | 2-12 दोष | | तुला | मीन | 2-12 दोष | | वृश्चिक | मेष | 2-12 दोष | | धनु | वृषभ | 2-12 दोष | | मकर | मिथुन | 2-12 दोष | | कुंभ | कर्क | 2-12 दोष | | मीन | सिंह | 2-12 दोष |
नाड़ी दोष कब बनता है?+
जब वर और वधू की नाड़ी समान हो: - दोनों की नाड़ी आदि हो - दोनों की नाड़ी मध्य हो - दोनों की नाड़ी अंत हो
कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?+
कुंडली मिलान से वर और वधू की संगति का पता चलता है। सही मिलान से वैवाहिक जीवन सुखी और समृद्ध होता है।
36 गुणों में से कितने गुण मिलने चाहिए?+
कम से कम 18 गुण मिलने चाहिए। 25-32 गुण शुभ माने जाते हैं। 33-36 गुण अति शुभ होते हैं।
भकूट दोष क्या है?+
जब वर और वधू की राशियाँ 2-12, 3-11, 4-10, 5-9, 6-8 की दूरी पर हों, तो भकूट दोष बनता है।
नाड़ी दोष क्या है?+
जब वर और वधू की नाड़ी समान हो, तो नाड़ी दोष बनता है। यह संतान के लिए हानिकारक माना जाता है।
मंगलिक दोष का क्या प्रभाव है?+
मंगलिक दोष से वैवाहिक जीवन में कलह होता है। दोनों मंगलिक हों तो दोष रद्द हो जाता है।
कुंडली मिलान कौन कर सकता है?+
कोई भी योग्य ज्योतिषी कुंडली मिलान कर सकता है। ऑनलाइन भी कुंडली मिलान किया जा सकता है।
कुंडली मिलान में कितना समय लगता है?+
कुंडली मिलान में 30 मिनट से 1 घंटा लगता है।
कुंडली मिलान कब करना चाहिए?+
विवाह से पहले कुंडली मिलान जरूर करना चाहिए। रिश्ता पक्का करने से पहले मिलान कर लें।
🧿

Written by

Nidhi Shrimali

Vedic Astrologer

Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.

4.8 Rating 18+ Years Experience1,425+ Reviews

Consult Astrologer Nidhi Shrimali

Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu, Numerology — one-on-one telephonic consultation