
Hanuman Jayanti : गुरु माँ निधि जी के अनुसार श्री हनुमान जी, जो असीम शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, उनकी पूजा करने से जीवन में साहस, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान जयंती हिंदू धर्म का सबसे पावन पर्व है। यह हनुमान जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। 12 अप्रैल को हनुमान जयंती है। भक्तगण इस दिन हनुमान जी के लिए उपवास रखते हैं और उनकी पूजा-अर्चना भी करते हैं। हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्रावतार भी माना जाता है। वायु देवता की कृपा से जन्मे हनुमान जी में बल, बुद्धि, और भक्ति का संगम देखने को मिलता हनुमान जी को प्रसन्न करना इतना भी आसान नहीं है। इसके लिए आपको सही विधि से उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। गुरु माँ निधि जी श्रीमाली के अनुसार चैत्र शुक्ल पूर्णिमा 12 अप्रेल को हनुमान जयंती है। राम भक्त हनुमानजी रुद्र के ग्यारहवें अवतार माने जाते हैं। मंगल-शनि ग्रहजनित ‘ दोषों के निवारणार्थ हनुमानजी की पूजा-साधना फलदायी रहती है।
1. सुबह जल्दी उठ कर करें स्नान Hanuman Jayanti
हनुमान जयंती के अवसर पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर या मंदिर के पूजा घर को साफ करें और वहां हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। घर के पूजा घर को गंगाजल या साफ जल से शुद्ध करें और बजरंगबली का ध्यान करें। आप हनुमान चालीसा या फिर बजरंग बाण भी पढ़ सकते हैं।
2. देसी घी या तेल का दीपक जलाएं Hanuman Jayanti
हनुमान जयंती पर एक दीप जलाएं। घी या तिल के तेल का दीपक हनुमान जी को प्रिय होता है। धूप-अगरबत्ती जलाकर पूरे घर को सुगंधित करें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। ऐसे में आपका मन भी प्रसन्न रहेगा और हनुमान जी की कृपा भी आप पर बनी रहेगी।
3. इन सामग्रियों से करें बजरंगबली की पूजा Hanuman Jayanti
भगवान हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सिंदूर जरूर अर्पित करें। सिंदूर हनुमान जी को काफी प्रिय है। साथ ही लाल फूल भी चढ़ा सकते हैं। बता दें कि हनुमान जी को गुड़हल के फूल विशेष रूप से प्रिय हैं। पूजन सामग्री में आप अक्षत भी चढ़ा सकते हैं। इसके साथ चंदन लगाइए और गुड़ और भुने हुए चने का भोग भी लगा सकते हैं। यह हनुमान जी को काफी प्रिय है।
4. मंत्र जाप और पाठ करें Hanuman Jayanti
हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए निम्न मंत्रों का जाप करें:
“ॐ हं हनुमते नमः” – शक्ति और साहस प्राप्त करने के लिए।
“ॐ श्री हनुमते नमः” – आशीर्वाद और सफलता के लिए।
इसके अलावा गुरु माँ निधि जी श्रीमाली बताती है की हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, या बजरंग बाण का पाठ करें। यह सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है और मन को शांति प्रदान करता है। आरती के बिना पूजा अधूरी होती है। श्रद्धा और भक्ति से हनुमान जी की आरती करें। आरती के दौरान शंख और घंटी बजाएं, जिससे चारों ओर भक्तिमय वातावरण बन जाए और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो। पूजा खत्म होने के बाद, हनुमान जी को अर्पित प्रसाद को पहले ग्रहण करें और फिर परिवार व अन्य भक्तों में बांटें। Hanuman Jayanti
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Written by
Nidhi Shrimali
Vedic Astrologer
Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.