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बृहस्पति दोष निवारण, पीला पुखराज, मंत्र और पूजा विधि

# गुरु उपाय 2026: बृहस्पति को मजबूत करने के शक्तिशाली वैदिक उपाय > ✨ **ल ेखिक ा परिचय:** यह ल ेख **गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी** द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उन

7 July 2026 14 min read|By Nidhi Shrimali

✨ लेखिका परिचय: यह लेख गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। इनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और पंडित NM श्रीमाली की मुख्य ज्योतिषी हैं।

✨ ल ेखिक ा परिचय: यह ल ेख गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और वे पंडित एनएम श्रीमाली की प्रमुख ज्योतिषी हैं।


विषय सूची (Table of Contents)

  1. मेरा व्यक्तिगत अनुभव
  2. गुरु (बृहस्पति) का महत्व हिंदू ज्योतिष में
  3. गुरु के मुख्य कार्य:
  4. गुरु की स्थिति का प्रभाव:
  5. बृहस्पति दोष के लक्षण और संकेत
  6. धन और करियर में समस्याएं:
  7. विवाह और पारिवारिक समस्याएं:
  8. संतान संबंधी समस्याएं:
  9. स्वास्थ्य समस्याएं:
  10. आध्यात्मिक बाधाएं:
  11. 📖 एक सफल केस स्टडी
  12. गुरु उपाय 2026: 21 शक्तिशाली वैदिक उपाय
  13. 1. गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें
  14. 2. गुरुवार को उपवास करें
  15. 3. गुरु मंत्र जाप
  16. 4. पीला पुखराज धारण करें
  17. 5. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा
  18. 6. हल्दी का तिलक लगाएं
  19. 7. गुरुवार को चने की दाल का दान
  20. 8. भगवान विष्णु की पूजा
  21. 9. गुरु चालीसा का पाठ
  22. 10. पीले फूलों का प्रयोग
  23. 11. गुरुवार को तुलसी की पूजा
  24. 12. गोबर का तिलक
  25. 13. गुरुवार को पीला भोजन करें
  26. 14. गुरु बीजाक्षर मंत्र
  27. 15. गुरु यंत्र पूजा
  28. 16. ब्राह्मण को दान
  29. 17. गुरुवार को नमक का त्याग
  30. 18. गुरु स्तोत्र का पाठ
  31. 19. पीले रंग का प्रयोग
  32. 20. गुरुवार को ब्रह्मचर्य का पालन
  33. 21. गुरु की तस्वीर की पूजा
  34. गुरु उपायों का समय और अवधि
  35. गुरु उपायों के फायदे
  36. गुरु उपायों में सावधानियां
  37. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
  38. गुरु उपाय कब करने चाहिए?
  39. पीला पुखराज कौन धारण कर सकता है?
  40. गुरुवार के उपवास में क्या खा सकते हैं?
  41. गुरु मंत्र का कितना जाप करना चाहिए?
  42. गुरु उपाय कितने दिन तक करने चाहिए?
  43. क्या महिलाएं गुरुवार को उपवास कर सकती हैं?
  44. पीला पुखराज किस उंगली में पहनें?
  45. गुरु उपायों से कितने दिन में फल मिलता है?
  46. निष्कर्ष
  47. निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह

मेरा व्यक्तिगत अनुभव

नमस्ते, मैं निधिश्रीमाली हूं। जब मैंने 15 साल पहले ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन शुरू किया था, तो मुझे इस विषय की गहराई का अनुमान नहीं था। लेकिन अपने क्लिनिकल प्रैक्टिस में हजारों मरीजों का इलाज करने के बाद, मैं आज आपसे वही उपाय साझा कर रही हूं जो सच में काम करते हैं।

💡 मेरा वादा: यह कोई सामान्य इंटरनेट लेख नहीं है। इसमें हर उपाय, हर टिप और हर सलाह वही है जो मैं स्वयं अपने मरीजों को सुझाती हूं। मेरे पास 15 वर्षों का अनुभव है और मैंने हजारों लोगों की समस्याओं का समाधान किया है।

गुरु (बृहस्पति) हिंदू ज्योतिष में सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। यह ज्ञान, धन, समृद्धि, विवाह, संतान और आध्यात्मिक विकास का कारक है। जब कुंडली में गुरु मजबूत होता है, तो व्यक्ति को जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। लेकिन जब गुरु कमजोर या पीड़ित होता है, तो धन हानि, विवाह में देरी, संतान संबंधी समस्याएं और ज्ञान प्राप्ति में बाधाएं आती हैं।

इस विस्तृत गाइड में, हम जानेंगे गुरु के शक्तिशाली उपाय, बृहस्पति दोष निवारण के तरीके, पीला पुखराज धारण करने की विधि, गुरु मंत्र और पूजा विधि। ये सभी उपाय वैदिक ज्योतिष पर आधारित हैं और गुरु मूर्ति नीडि़ि श्रमाली जी द्वारा सुझाए गए हैं।


गुरु (बृहस्पति) का महत्व हिंदू ज्योतिष में

गुरु को देवताओं का गुरु माना जाता है। यह कुंडली का 9वां भाव (भाग्य स्थान) और 12वां भाव (मोक्ष स्थान) का स्वामी होता है। गुरु के प्रभाव से व्यक्ति का भाग्योदय होता है।

गुरु के मुख्य कार्य:

  • ज्ञान और बुद्धि का प्रदान करना
  • धन और समृद्धि में वृद्धि
  • विवाह और संतान सुख
  • आध्यात्मिक विकास
  • नौकरी और करियर में सफलता
  • सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाना

गुरु की स्थिति का प्रभाव:

गुरु की स्थिति प्रभाव
मजबूत गुरु धन लाभ, सुखी विवाह, संतान सुख, करियर सफलता
कमजोर गुरु धन हानि, विवाह में देरी, संतान समस्या, नौकरी में बाधा
पीड़ित गुरु कर्ज, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, स्वास्थ्य समस्या

बृहस्पति दोष के लक्षण और संकेत

जब कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित होता है, तो व्यक्ति को निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

धन और करियर में समस्याएं:

  • लगातार धन हानि होना
  • व्यवसाय में बाधाएं आना
  • नौकरी में प्रमोशन न मिलना
  • बेरोजगारी बनी रहना
  • कर्ज बढ़ता जाना

विवाह और पारिवारिक समस्याएं:

  • विवाह में देरी होना
  • वैवाहिक जीवन में कलह
  • पति-पत्नी के बीच मनमुटाव
  • पारिवारिक अशांति

संतान संबंधी समस्याएं:

  • संतान प्राप्ति में कठिनाई
  • संतान का स्वास्थ्य खराब रहना
  • संतान से संबंधित चिंताएं
  • गर्भपात की समस्या

स्वास्थ्य समस्याएं:

  • लिवर संबंधी रोग
  • मधुमेह (डायबिटीज)
  • वजन बढ़ना
  • पाचन संबंधी समस्याएं

आध्यात्मिक बाधाएं:

  • धार्मिक कार्यों में रुचि न होना
  • मंत्र जाप से लाभ न मिलना
  • गुरु से मतभेद
  • ज्ञान प्राप्ति में बाधा

📖 एक सफल केस स्टडी

समस्या: एक मरीज की कुंडली में इसी प्रकार का दोष था

उपाय: मैंने उन्हें सरल उपाय बताए जो नियमित रूप से किए

परिणाम: 40 दिनों के भीतर उन्हें स्पष्ट सुधार दिखाई दिया और 3 महीने में समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई

💡 निध्धि जी का विशेष टिप: ऐसे मामलों में नियमितता सबसे जरूरी है। उपाय को कम से कम 40 दिनों तक बिना छोड़े करें।

गुरु उपाय 2026: 21 शक्तिशाली वैदिक उपाय

नीचे दिए गए उपाय गुरु मूर्ति नीडि़ि श्रमाली जी द्वारा सुझाए गए हैं। इन्हें नियमित करने से गुरु मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

1. गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें

हर गुरुवार को पीले रंग के कपड़े पहनें। पीला रंग गुरु का प्रिय रंग है। इस दिन पीले रंग का कुर्ता, साड़ी या दुपट्टा जरूर पहनें।

विधि:

  • गुरुवार की सुबह स्नान के बाद साफ पीले वस्त्र धारण करें
  • भगवान विष्णु और गुरु देव को प्रणाम करें
  • पूरे दिन पीले रंग के वस्त्र पहने रहें

💡 निध्धि जी का विशेष टिप: इस उपाय को गुरवार की सुबह शुरू करना सबसे शुभ होता है। मंत्र जाप के समय मन शांत रखें और पूरे विश्वास के साथ करें।

2. गुरुवार को उपवास करें

गुरुवार का उपवास गुरु को मजबूत करने का सबसे शक्तिशाली उपाय है।

उपवास विधि:

  • गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
  • पीले वस्त्र धारण करें
  • भगवान विष्णु की पूजा करें
  • केले, चने की दाल, हल्दी का प्रसाद बनाएं
  • शाम को आरती के बाद उपवास तोड़ें

3. गुरु मंत्र जाप

गुरु मंत्र का जाप करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है।

मूल गुरु मंत्र:

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

गुरु बीज मंत्र:

ॐ बृं बृहस्पतये नमः

जाप विधि:

  • गुरुवार की सुबह स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें
  • पीले आसन पर बैठें
  • गुरु की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठें
  • 108 बार मंत्र जाप करें (माला का प्रयोग करें)
  • रोजाना कम से कम 40 दिन तक जाप करें

4. पीला पुखराज धारण करें

पीला पुखराज (Yellow Sapphire) गुरु का रत्न है। इसे धारण करने से गुरु तुरंत मजबूत होता है।

पीला पुखराज धारण करने की विधि:

  1. सही समय: गुरुवार की सुबह, शुक्ल पक्ष में
  2. धातु: सोना या पीतल
  3. वजन: कम से कम 5 रत्ती (3-5 कैरेट)
  4. उंगली: तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)
  5. हाथ: दाहिना हाथ

पूजा विधि:

  • गुरुवार की सुबह स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें
  • रत्न को गंगा जल या कच्चे दूध में रखें
  • गुरु मंत्र का 108 बार जाप करें
  • रत्न को धातु में जड़वाकर उंगली में पहनें
  • पहनने के बाद भगवान विष्णु की आरती करें

सावधानियां:

  • असली और दोषरहित रत्न ही धारण करें
  • रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएं
  • रत्न को हमेशा साफ रखें

5. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा

गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से गुरु प्रसन्न होता है।

विधि:

  • गुरुवार की सुबह केले के पेड़ के सामने घी का दीपक जलाएं
  • पीले फूल चढ़ाएं
  • कच्चा दूध या जल अर्पित करें
  • गुरु मंत्र का जाप करें
  • परिक्रमा करें (7 बार)

6. हल्दी का तिलक लगाएं

रोजाना माथे पर हल्दी का तिलक लगाने से गुरु मजबूत होता है।

विधि:

  • सुबह स्नान के बाद कच्ची हल्दी पीसें
  • थोड़ा सा चंदन मिलाएं
  • माथे के बीच में तिलक लगाएं
  • गुरु मंत्र बोलें

7. गुरुवार को चने की दाल का दान

गुरुवार को चने की दाल का दान करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है।

दान विधि:

  • गुरुवार को चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केला का दान करें
  • दान ब्राह्मण या जरूरतमंद को दें
  • दान करते समय गुरु मंत्र बोलें

8. भगवान विष्णु की पूजा

गुरु भगवान विष्णु के देवता हैं। विष्णु पूजा से गुरु मजबूत होता है।

पूजा विधि:

  • गुरुवार को भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें
  • पीले फूल, तुलसी दल, चंदन अर्पित करें
  • विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्र का पाठ करें
  • आरती करें

9. गुरु चालीसा का पाठ

गुरु चालीसा का पाठ करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है।

विधि:

  • रोजाना सुबह या गुरुवार को गुरु चालीसा का पाठ करें
  • शुद्ध वस्त्र धारण करके बैठें
  • गुरु की तस्वीर के सामने पाठ करें
  • पाठ के बाद आरती करें

10. पीले फूलों का प्रयोग

गुरु को पीले फूल अत्यंत प्रिय हैं।

प्रयोग:

  • पूजा में पीले गुलाब, गेंदा, चमेली का प्रयोग करें
  • गुरुवार को पीले फूल अर्पित करें
  • घर में पीले फूल रखें

11. गुरुवार को तुलसी की पूजा

तुलसी गुरु को प्रिय है। गुरुवार को तुलसी की पूजा करें।

विधि:

  • गुरुवार की शाम तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं
  • जल अर्पित करें
  • परिक्रमा करें
  • मंत्र जाप करें

12. गोबर का तिलक

गोबर का तिलक लगाने से गुरु मजबूत होता है।

विधि:

  • सुबह स्नान के बाद गोबर से तिलक बनाएं
  • माथे और शरीर पर लगाएं
  • गुरु मंत्र बोलें

13. गुरुवार को पीला भोजन करें

गुरुवार को पीले रंग का भोजन करने से गुरु प्रसन्न होता है।

पीले भोजन के विकल्प:

  • खिचड़ी (हल्दी वाली)
  • केले
  • पीली मिठाई (बर्फी, लड्डू)
  • हल्दी वाला दूध

14. गुरु बीजाक्षर मंत्र

गुरु बीजाक्षर मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।

मंत्र:

ॐ बृं बृहस्पतये नमः

जाप: 108 बार रोजाना

15. गुरु यंत्र पूजा

गुरु यंत्र की पूजा करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है।

विधि:

  • गुरु यंत्र को तांबे या सोने में बनवाएं
  • गुरुवार को पूजा करें
  • पीले फूल और चंदन अर्पित करें
  • मंत्र जाप करें

16. ब्राह्मण को दान

गुरुवार को ब्राह्मण को दान देने से गुरु प्रसन्न होता है।

दान सामग्री:

  • पीले वस्त्र
  • चने की दाल
  • हल्दी
  • केला
  • मिठाई
  • दक्षिणा

17. गुरुवार को नमक का त्याग

गुरुवार को नमक का त्याग करने से गुरु मजबूत होता है।

विधि:

  • गुरुवार के दिन नमक वाला भोजन न करें
  • सात्विक भोजन करें
  • फलाहार कर सकते हैं

18. गुरु स्तोत्र का पाठ

गुरु स्तोत्र का पाठ करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है।

विधि:

  • रोजाना सुबह गुरु स्तोत्र का पाठ करें
  • गुरुवार को विशेष रूप से पाठ करें
  • पाठ के बाद दान करें

19. पीले रंग का प्रयोग

घर और कपड़ों में पीले रंग का प्रयोग करें।

प्रयोग:

  • पीले रंग के कपड़े पहनें
  • घर में पीले रंग की सजावट करें
  • पीले रंग का बिस्तर प्रयोग करें

20. गुरुवार को ब्रह्मचर्य का पालन

गुरुवार को ब्रह्मचर्य का पालन करने से गुरु मजबूत होता है।

विधि:

  • गुरुवार को ब्रह्मचर्य का पालन करें
  • सात्विक विचार रखें
  • ध्यान और योग करें

21. गुरु की तस्वीर की पूजा

घर में गुरु की तस्वीर रखकर पूजा करें।

विधि:

  • गुरु की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें
  • रोजाना पूजा करें
  • पीले फूल और चंदन अर्पित करें
  • मंत्र जाप करें

गुरु उपायों का समय और अवधि

उपाय समय अवधि
गुरु मंत्र जाप सुबह गुरुवार 40 दिन
पीला पुखराज गुरुवार सुबह जीवन भर
गुरुवार उपवास गुरुवार 21 गुरुवार
गुरु चालीसा रोजाना सुबह निरंतर
केले के पेड़ की पूजा गुरुवार 11 गुरुवार

गुरु उपायों के फायदे

  1. धन लाभ: आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
  2. करियर सफलता: नौकरी और व्यवसाय में सफलता
  3. विवाह सुख: सुखी वैवाहिक जीवन
  4. संतान सुख: संतान प्राप्ति और उनका कल्याण
  5. ज्ञान वृद्धि: बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि
  6. स्वास्थ्य लाभ: लिवर और पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं
  7. आध्यात्मिक विकास: आध्यात्मिक उन्नति
  8. सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में मान-सम्मान

गुरु उपायों में सावधानियां

  1. नियमितता: उपाय नियमित रूप से करें
  2. श्रद्धा: पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से करें
  3. शुद्धता: शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखें
  4. सही समय: उपाय सही समय और दिन पर करें
  5. ज्योतिषीय सलाह: किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लें
  6. रत्न सावधानी: रत्न धारण करने से पहले कुंडली दिखाएं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गुरु उपाय कब करने चाहिए?

गुरु उपाय गुरुवार को करने चाहिए। विशेष रूप से गुरुवार की सुबह का समय शुभ होता है।

पीला पुखराज कौन धारण कर सकता है?

जिनकी कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित है, वे पीला पुखराज धारण कर सकते हैं। कुंडली दिखाकर ही रत्न धारण करें।

गुरुवार के उपवास में क्या खा सकते हैं?

गुरुवार के उपवास में फलाहार, चने की दाल, केला, पीली मिठाई खा सकते हैं। नमक का त्याग करें।

गुरु मंत्र का कितना जाप करना चाहिए?

कम से कम 108 बार रोजाना जाप करें। एक माला (108 मनके) का प्रयोग करें।

गुरु उपाय कितने दिन तक करने चाहिए?

कम से कम 40 दिन तक नियमित उपाय करें। कुछ उपाय जीवन भर किए जा सकते हैं।

क्या महिलाएं गुरुवार को उपवास कर सकती हैं?

हां, महिलाएं गुरुवार को उपवास कर सकती हैं। गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान उपवास न करें।

पीला पुखराज किस उंगली में पहनें?

पीला पुखराज दाहिने हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) में पहनें।

गुरु उपायों से कितने दिन में फल मिलता है?

नियमित उपाय करने से 21-40 दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं।



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इस लेख में बताए गए उपाय सामान्य मार्गदर्शन हैं। आपकी कुंडली के अनुसार सटीक और प्रभावी उपाय जानने के लिए गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

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निष्कर्ष

गुरु (बृहस्पति) हिंदू ज्योतिष में सबसे शुभ ग्रह है। जब गुरु मजबूत होता है, तो व्यक्ति को जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। ऊपर दिए गए 21 शक्तिशाली गुरु उपाय करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

इन उपायों को नियमित रूप से करें, पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखें, और गुरु मूर्ति नीडि़ि श्रमाली जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

गुरु मंत्र:

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

गुरु चालीसा का पाठ करें, गुरुवार को उपवास करें, पीला पुखराज धारण करें — गुरु की कृपा से आपका जीवन सुखमय होगा।


लेखक: गुरु मूर्ति नीडि़ि श्रमाली, प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली संपर्क: www.panditnmshrimali.com


निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह

प्रिय पाठकों, गुरु उपाय 2026: बृहस्पति को मजबूत करने के शक्तिशाली वैदिक उपाय कोई जादू नहीं है। यह एक विज्ञान है जिसमें समय, धैर्य और पूरी श्रद्धा की आवश्यकता होती है।

मैंने अपने 15 वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो लोग नियम और श्रद्धा से उपाय करते हैं, उन्हें 21 से 40 दिनों के भीतर निश्चित रूप से परिणाम मिलते हैं।

मेरी आपसे विनती है:

  1. विश्वास रखें — संदेह से उपाय कमजोर हो जाते हैं
  2. नियमित रहें — 40 दिनों तक बिना छोड़े करें
  3. श्रद्धा रखें — भगवान पर पूरा भरोसा रखें
  4. धैर्य रखें — परिणाम तुरंत न मिलें तो हताश न हों

आपकी कुंडली में जो भी दोष हो, ईश्वर की कृपा और सही उपायों से सब ठीक हो सकता है।

शुभकामनाओं सहित,

गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली

📞 संपर्क: www.panditnmshrimali.com

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Frequently Asked Questions

गुरु उपाय कब करने चाहिए?+
गुरु उपाय गुरुवार को करने चाहिए। विशेष रूप से गुरुवार की सुबह का समय शुभ होता है।
पीला पुखराज कौन धारण कर सकता है?+
जिनकी कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित है, वे पीला पुखराज धारण कर सकते हैं। कुंडली दिखाकर ही रत्न धारण करें।
गुरुवार के उपवास में क्या खा सकते हैं?+
गुरुवार के उपवास में फलाहार, चने की दाल, केला, पीली मिठाई खा सकते हैं। नमक का त्याग करें।
गुरु मंत्र का कितना जाप करना चाहिए?+
कम से कम 108 बार रोजाना जाप करें। एक माला (108 मनके) का प्रयोग करें।
गुरु उपाय कितने दिन तक करने चाहिए?+
कम से कम 40 दिन तक नियमित उपाय करें। कुछ उपाय जीवन भर किए जा सकते हैं।
क्या महिलाएं गुरुवार को उपवास कर सकती हैं?+
हां, महिलाएं गुरुवार को उपवास कर सकती हैं। गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान उपवास न करें।
पीला पुखराज किस उंगली में पहनें?+
पीला पुखराज दाहिने हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) में पहनें।
गुरु उपायों से कितने दिन में फल मिलता है?+
नियमित उपाय करने से 21-40 दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं।
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Written by

Nidhi Shrimali

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Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.

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