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Vrishabh Rashi December 2022 Horoscope | Taurus Horoscope 2022 | वृषभ राशि | Nidhi Shrimali |

vrishabh rashifal december 2022

Vrishabh Rashi December 2022

नमस्कार स्वागतम वेलकम। आज हम आपके सामने मीन राशि वालो का साल के लास्ट महीने यानी दिसंबर माह का मासिक राशिफल लेकर उपस्थित हुए हैं | अब बढ़ते हैं आगे और जान लेते हैं कि इस माह में कौन से विशेष दिन और त्योहार आ रहे हैं जो कि इस साल के आखरी महीने को बना रहे हैं विशेष। 7 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाएगी। साथ ही भगवान दत्तात्रेय जयंती भी इसी दिन आ रही है। 25 दिसंबर को ईसाइयों का प्रमुख पर्व क्रिसमस डे मनाया जाएगा। 29 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जयंती मनाई जाएगी और 31 दिसंबर को हम इस साल को अलविदा कहकर नए साल के आगमन की तैयारियों में जुट जाएंगे। तो ये है इस साल के आखरी महीने के कुछ विशेष दिन। अब आगे और जान लेते हैं कि साल के आखरी महीने में ग्रहों की स्थिति हमारे लिए क्या विशेष लेकर आ रही है।
सबसे पहले ग्रहों के राजा सूर्य की बात करते हैं जो कि वर्तमान में अपनी सम राशि वृश्चिक में विराजमान हैं और 16 दिसंबर को वे अपनी अति मित्र राशि धनु में प्रवेश करेंगे। बुध ग्रह की अगर बात करें तो वे अपनी शत्रु राशि वृश्चिक में विराजमान हैं और 3 दिसंबर को ही वे अपनी मित्र राशि धनु में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल ग्रह की बात करें तो इस पूरे माह वे वक्री अवस्था में अपनी शत्रु राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे। आपकी राशि स्वामी की बात करें तो वे आपकी ही राशि में स्वग्रही होकर इस पूरे माह विराजमान रहने वाले हैं। शुक्र ग्रह इस माह दो बार राशि परिवर्तन करने जा रहा है। पहला तो 5 दिसंबर को होगा तब वे अपनी शत्रु राशि वृश्चिक से अपनी मित्र राशि धनु में प्रवेश करेंगे और दूसरा 29 दिसम्बर को होगा जब वे अपनी मित्र राशि धनु से मकर में प्रवेश करते हुए दिखाई देंगे। शनि ग्रह इस पूरे माह अपनी ही राशि मकर में स्वग्रही होकर विराजमान रहेगा और राहू केतु अपनी सम राशियों मेष और तुला में इस माह विराजमान रहने वाले हैं तो ये है इस माह की ग्रह गोचर की स्थिति। अब इन ग्रहों की इस स्थिति का क्या प्रभाव आपकी राशि पर इस माह देखने को मिलेगा, उसके बारे में जान लेते हैं तो शुरू करते हैं। मीन राशि वालो का दिसंबर माह का मासिक राशिफल।

सबसे पहले बात करते हैं आपकी राशि स्वामी शुक्र की, जो कि इस पूरे माह आपके अष्टम भाव में जाकर विराजमान होंगे। लग्नेश का अष्टम भाव में जाकर बैठना आपके लिए इतना अच्छा नहीं है क्योंकि शुक्र सौम्य ग्रह है और सौम्य ग्रह अगर षष्टम, अष्टम या द्वादश भाव में बैठते है तो वो अच्छे परिणाम नहीं देते। द्वादश भाव में शुक्र अपवाद स्वरूप अच्छे रिजल्ट देते हैं। पर चूंकि इस माह शुक्र आपके अष्टम भाव में बैठे हैं तो थोड़ा सा आलसीपन काम को टालने की प्रवृति दूसरी विपरीत लिंग के प्रति अति आकर्षण एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स हो जाना ऐसी स्थितियां आपके लिए बन सकती है। बहुत ज्यादा केयरफुल होकर आपको चलना पड़ेगा। कर्म प्रधान बनेंगे तो काम में दिक्कतें नहीं आएगी वरना आपकी आलस की वजह से आपको कोई बड़ा नुकसान भी अपने वर्कप्लेस पर झेलना पड़ सकता है। इस समय। घूमना फिरना मनोरंजन व्यक्ति के लिए जरुरी है पर हर चीज एक लिमिट में होनी चाहिए। अगर आउट ऑफ लिमिट जाकर ये चीजें होती हैं तो वो आपके जीवन पर दुष्प्रभाव जरूर डालती है। इस समय आपको ध्यान रखना होगा कि आप अपने कर्तव्य से विमुख ना हों और अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने शौक मौज को पूरा करने का प्रयास करें। उतना ही आप अपने हॉबीज को समय दें जिससे आप अपने काम को बाधित न करें। अगर आपके कार्य आपकी हॉबीज की वजह से बाधित हो रहे हैं तो ऐसी हॉबी किस काम की। इस समय आपको अपने रिश्तों को भी महत्व देना चाहिए। हालांकि आपके आलस के कारण आपके रिस्ते भी आपसे दूर होते हुए दिखाई देंगे तो आपको थोड़ा सा इस समय संभल कर रहने की आवश्यकता है। वैसे भी आपकी राशि में मंगल वक्री होकर बैठे हैं जो कि आपके गुस्से और अग्रेशन को भी बढ़ा रहे हैं। कुछ सारी नेगेटिव चीजें इस माह आपके ऊपर हावी होने का प्रयास करेगी। यानि आलस्य काम करने की ना प्रवृति और विपरीत लिंग की तरफ खिंचाव या फिर गुस्सा अग्रेशन ये सब चीजें आपके व्यक्तित्व को खराब कर सकती है। नेगेटिव है इसलिए इन चीजों को बहुत ज्यादा अपने जीवन में तवज्जो ना दें और अपनी पर्सनैलिटी पर हावी न होने दें। इस बात का आपको विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ेगा।


अब चूंकि शुक्र आपके रोग भाव के स्वामी है और अपने शुक्र तृतीय जाकर बैठे हैं। तृतीय शुक्र का बैठना आपके लिए थोड़ा सा उतार चढ़ाव की स्थितियों को लेकर आएगा। हालाँकि स्वास्थ संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। सप्तम भाव का स्वामी अष्टम भाव में जाकर बैठ रहा है तो रोगों में आपको दाद खाज खुजली इन पार्ट की प्रॉब्लम्स से पाइल्स की समस्या हो जाना, लेडीज में पीरियड की प्रॉब्लम होना, त्वचा से संबंधित प्रॉब्लम होना, फोड़े फुंसी का हो जाना ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती है। खान पान वैसे भी चेंज हो रहा है। इस समय मौसम परिवर्तन भी हम पर हावी रहता है तो इस समय आपको अपने खान पान का विशेष रूप से ध्यान रखना है ताकि आप ऐसी समस्याओं से परहेज कर सकें। अचानक से जब सर्दी आती है कोल्ड आता है तब हमें कफ कोल्ड की प्रॉब्लम तो होती है पर उसके साथ साथ हमारा खान पान भी थोड़ा सा चेंज हो जाता है जो कि हमारे शरीर पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है। इसीलिए सोच समझ कर आपको आगे बढ़ना चाहिए। नियमित रूप से योग मेडिटेशन प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा जरुर बनाएं। साथ ही इस समय विरोधी भी आपके कार्यों में सफलता पूर्वक खलल डाल सकते हैं। इसीलिए आपको अपने विरोधियों से भी बचकर रहना ही पड़ेगा। इस समय गलत मित्रों की संगति आपके जीवन को खराब और बर्बाद कर सकती है। अतः ऐसे लोगों से भी आप थोड़ा सा सावधान होकर चलें।


अब आते हैं आपके द्वितीय भाव पर | द्वितीय भाव की अगर हम बात करें तो द्वितीय भाव के स्वामी हैं। बुध, जो कि आपके अष्टम भाव में जाकर बैठे हैं और अष्टम भाव से अपने ही घर को देख रहे हैं। देखिए बुध का में बैठना अच्छा नहीं। थोड़ा सा बुध के रिजल्ट दब जाएंगे। परंतु चूंकि द्वितीयेश अपने से सप्तम जाकर बैठ रहा है | तो ये समय बहुत अच्छा और पॉजिटिव आपके धन भाव के हिसाब से रहेगा। बुद्धिबल और चातुर्य से कम काम में भी आप अच्छा धन कमाने में सफल होते हुए दिखाई देंगे। बैंकिंग सेक्टर में अटके हुए काम आपकी द्रुत गति से संपन्न हो जाएंगे। वहीं इस समय जो कार्य आप हाथ में लेंगे उसे सफलता पूर्वक संपन्न करेंगे। हालांकि आपको उसके लिए कोशिशें जारी रखनी पड़ेगी पर प्रयासों के चलते आप अपनी मंजिल को प्राप्त कर ही लेंगे। पानी से आप सबको मोहित करते हुए नजर आएंगे और कुछ काम आप अपनी वाणी से बनाते हुए दिखाई देंगे जो कि बहुत लगभग असंभव से हो गए थे। उन कार्यों को आपको पूर्ण करके अपने परिवार में और कुल में अपना मान सम्मान बढ़ाते हुए दिखाई देंगे। बुजुर्गों का आशीर्वाद आपको जरुर देखने को मिलेगा।


अब पंचम भाव के स्वामी हैं। बुध, जो कि अष्टम भाव में शुक्र के साथ बैठे हैं तो विद्यार्थी वर्ग के लिए मतिभ्रम का समय रहेगा। थोड़ा सा कॉन्फिडेंस लूज रहेगा। चीजों को रिकॉग्नाइज नहीं कर पाएंगे। भूलने की समस्या आपकी पढ़ाई में आप पेश करेंगे। ये टाइम पीरियड अंदर रह कर काम करने का नहीं है। इसलिए अपने कॉन्फिडेंस को बनाए रखें। पढ़ाई में सतत प्रयास आपको सफलता जरुर दिलवाएंगे। हमारी मारवाड़ी में एक कहावत है कि 100 गुड़िया और एक टिकिया बराबर है तो कहने का मतलब है कि आप 10 बार कोई चीज को बोले आप याद करें, किसी को ध्यान में रह जाएगी। इसकी अपेक्षा उस काम को एक बार अगर आप लिख लेंगे तो वो काम आपको हमेशा याद रहेगा। इसीलिए पढ़ाई में भी अगर आप लिख लिखकर कोई भी कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से वो प्रक्रिया आपको सतत रूप से याद रह जाएगी और आप उसे भूलेंगे नहीं। ये विद्यार्थी को ध्यान रखना है। एक ग्रुप स्टडी में पढ़ाई करें वो आपके लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद रहेगी। वहीं इस समय आपको किसी भी अनर्गल झगड़े में अनर्गल बातों में या दूसरी चीजों में ज्यादा इन्वॉल्वमेंट नहीं दिखाना है। अगर आप किसी भी एक काम को कर रहे हैं उसमें आप लक्ष्य प्रधान रहिए। लेखकों के लिए ये समय बहुत ही अच्छा है। लेखनी में आप मान सम्मान की प्राप्ति करते हुए दिखाई देंगे। इस समय आपके कार्यों की प्रसंशा चारों तरफ होती हुई दिखाई देगी। करियर में भी ये समय आपके लिए टर्निंग पॉइंट का रहेगा। आप जो भी कार्य कर रहे हैं उसमें आपको बहुत ज्यादा सावधानी से आगे बढ़ना पड़ेगा। तो बुध के रिजल्ट आपके लिए बेहतरीन देखने को मिलेंगे।


अब बढ़ते हैं आगे और जान लेते हैं तृतीय भाव के बारे में। तृतीय भाव की अगर बात करें तो तृतीय भाव के स्वामी चंद्रमा जो की ढाई दिन में बदलते हैं, उतार चढ़ाव जरुर चलेगा। पर इस समय कला में आप अच्छी उपलब्धि हासिल करेंगे। आपका मन अपनी मनपसंद चीजों को करने का है। मनपसंद एक्टिविटीज को करने का रहेगा। हॉबी में आपका मन ज्यादा लगेगा और उससे आपको शांति भी मिलेगी। परंतु पहले अपने कर्तव्य का परायण करें। अपने कार्यों को पूर्ण कर लें। निवृत्त होने के बाद आप थोड़ा समय अपनी हॉबी को भी जरूर दें। इस समय आपके जो भी अपने मन में जो भी विचारधाराएं रखी है या आप ने कोई मनोकामना रखी है तो वो मनोकामना पूर्ण होने से आपकी प्रसन्नता में वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद आप के भाई बहनों के आपसी सहमति से खत्म होता हुआ दिखाई देगा। आपके भाई बहनो का आपके साथ एक सपोर्टिव रवैया आपको आगे और उन्नति की राह पर ले जायेगा।


अब आते आपके सुख स्थान पर | सुख स्थान की अगर बात करें तो सूर्य आपके सुखेश है और सप्तम भाव में जाकर बैठ है। 16 दिसंबर को सूर्य राशि परिवर्तन करने जा रहे है और सप्तम अष्टम भाव में प्रवेश कर जायेंगे। वहां पर बुध के साथ बुधादित्य योग का भी निर्माण करेंगे। सुखेश का अपने से तृतीया जाकर बैठना, अपने साथ चतुर्थ जाकर बैठना। यानी सप्तम भाव में बैठना। केन्द्र स्थान के स्वामी का केन्द्र स्थान में ही बैठना आपके लिए बहुत अच्छे संकेत लेकर आया है। इस समय आपको अपने सुखों में वृद्धि नजर आएगी। भूमि भवन, वाहन जैसे सुखों से आप परिपूर्ण रहेंगे। माता का सुख आपको भरपूर देखने को मिलेगा। परिवार का एक सपोर्ट एकजुटता आपके इस समय बड़े काम आएगी। वर्क प्लेस पर भी आपके सहकर्मी आपके कार्यों में आपकी मदद करेंगे। बस आपको ही अपने मनोबल को बढ़ाए रखना है जितना आप अपने मनोबल को बढ़ाए रखेंगे उतनी ही सफलता को अपने लिए दुगना पाएंगे। इस समय आपकी यात्रा संभव है परंतु वो यात्रा आपके लिए सुखद और मंगलमय रहेगी। 16 दिसंबर के बाद का समय आपके लिए थोड़ा सा आर्थिक रूप से प्रदर्शन का रह सकता है। किसी बड़े काम को लेकर आपको लोन लेना पड़ सकता है। आपके घर में रख रखाव के खर्चे बढ़ सकते हैं। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। वाहन पर खर्चा होने की संभावना इस समय बनी हुई है तो यह समय आपके लिए आर्थिक खर्चों को बढ़ाने वाला रहेगा। इसीलिए संभलकर खर्च करें और बजट देखकर चलें।

अब आते हैं आपके सीधा सप्तम भाव पर | सप्तम भाव के स्वामी हैं। मंगल और मंगल आपके लग्न में जाकर अपने ही घर को देख रहे हैं। वैसे तो आप मांगलिक हो रहे हैं परंतु ये समय आपको लाइफ पार्टनर से पूरा सपोर्ट देगा। इस समय दांपत्य जीवन का सुख का भरपूर प्राप्त करेंगे। कंस्ट्रक्शन लाइन से जुड़े हुए हैं तो इस समय आपको बहुत अच्छी सफलता अपने कार्यों में देखने को मिलेगी। नहीं घर का सपना है। कोई भूमि खरीदी है तो आप अपने जीवन साथी के नाम से खरीदें तो आप उसमें बहुत अच्छा लाभ भी प्राप्त होगा। इस समय आपको मंगल के उत्तम रिजल्ट उत्तम परिणामों की प्राप्ति होती हुई दिखाई देगी। परंतु इस समय आपको संभल कर व्यापार में चलना जल्दबाजी में डिसिज़न लेने से बचना है और कोई भी निर्णय आपको ऐसे नहीं लेना है जिसमें आपको नुकसान की स्थितियां अधिक देखने को मिले। अगर कोई सलाह लेनी है तो अपने मित्रों से आप सलाह ले सकते हैं। जीवनसाथी से मार्गदर्शन लेकर सलाह लेकर आप अपने जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास जरूर करें तो ये समय आपके मुद्दों को सही तरीके से एग्जीक्यूट करने का है। अपनी योजनाओं को सही तरीके से क्रियान्वित करने का रहेगा। अब मंगल जो कि आपके द्वादश भाव के स्वामी है। द्वादश भाव में राहू विराजमान है जो कि खर्चों को थोड़ा सा कंट्रोल कर सकते हैं। खर्च भाव का स्वामी अपने से एक घर आगे जाकर बैठा है जो कि खर्चों को नियंत्रित करता हुआ दिखाई देगा। ऐसे में अनर्गल खर्च से आप बच जाएंगे। अगर खर्चे होंगे भी तो धर्म, कर्म और अच्छे शुभ कार्यों में खर्च होंगे। इस समय यात्राएं अधिक होंगी परंतु वो यात्राएं आपके लिए सुखद और मंगलमय रहेगी। एक अनायास भय अपने अंदर जो आप पाल कर बैठे हैं उससे आपको बाहर निकलना होगा क्योंकि ये भय आपकी उन्नति में बाधक साबित हो रहा है। कोई भी रिस्की कामों में इन्वेस्टमेंट करने से आपको इस समय बचना चाहिए। बचत योजनाओं में या इन्वेस्टमेंट आपको जरूर करना चाहिए।


अब आते हैं आपके अष्टम भाव पर। अष्टम भाव के स्वामी हैं गुरु जो कि लाभ भाव में स्वग्रही होकर बैठे हैं। अष्टमेश का लाभ भाव में जाकर बैठना अपनी से विशेष रूप से चतुर्थ जाकर बैठना। आपकी रूटीन की लाइफ को थोड़ा सा बैलेंस करता हुआ दिखाई देगा। सूर्य वैसे भी आधे माह के बाद में आपके अष्टम भाव में आकर बुध के साथ बुधादित्य योग बनाएंगे तो यदि आपने किसी को उधार दे रखा है तो वो व्यक्ति आपका उधार चुका कर जाएगा। यदि आपने कोई रिस्की इन्वेस्टमेंट कर रखा है तो उस इन्वेस्टमेंट से अच्छा लाभ प्राप्त होगा। यदि आपका कोई पैसा फंसा हुआ है तो वो पैसा आपको पुनः प्राप्त हो जाएगा। पर जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि आपको कर्म प्रधान बनना पड़ेगा। कर्म प्रधान बनेंगे तभी आप इन सब अचीवमेंट्स को पा सकेंगे। अगर आपने आलस को त्यागा नहीं और कर्म प्रधान नहीं बने तो निश्चित रूप से आप जो चाहते हैं वो अपने जीवन में प्राप्त नहीं कर पाएंगे। तो आपको कर्म प्रधान बनने की आवश्यकता है।


अब गुरु चूंकि लाभेश भी है और लाभ भाव में स्वग्रही होकर बैठ रहें है इसलिए लाभ की योजनाएं सतत रूप से आपको अपने जीवन में देखने को मिलेगी। अगर आपको व्यापार करना है तो व्यापार की नई ब्रांच खोल सकते हैं। इस समय नई योजनाओं का क्रियान्वयन कर सकते हैं। सर्कल लेवल बढ़ता हुआ दिखाई देगा और इस समय कुछ महत्वपूर्ण डिसीजन आपके जीवन की दिशा को सकारात्मक मोड़ देते हुए भी दिखाई देंगे तो ये समय आपकी लाभ की स्थितियों में भी उत्तरोत्तर वृद्धि करेगा।


अब आते हैं आपके भाग्य स्थान पर। भाग्येश शनि जो कि भाग्य स्थान में स्वग्रही होकर बैठा है, आपके भाग्य को बढ़ा रहा है। इस समय जो युवक युवतियां। अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उनकी मुश्किलें खत्म हो जाएगी। आप अपना नया काम शुरू कर पाएंगे। नौकरी से जुड़े हुए युवक युवतियों के लिए समय उत्तम परिणामों से भरा रहेगा। इस समय आपकी नौकरी में आ रही बाधाएं दूर हो जाएगी। इस समय गवर्नमेंट जॉब का सपना भी आपका पूर्ण होता हुआ दिखाई देगा। ज्यूडिशरी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को बाहर स्कॉलरशिप मिलने के योग बने हुए हैं। इस समय आध्यात्मिक भावना से भरे रहेंगे और धर्म कर्म के कार्यों में भी आपकी रुचि बढ़ेगी। अब शनि चूंकि आपकी कुंडली में योगकारक है, भाग्य स्थान में जाकर बैठे हैं और भाग्येश और कर्मेश हैं तो कर्म भाव के हिसाब से भी शनि के रिजल्ट बड़े ही अच्छे और बेहतरीन रहेंगे।

परंतु शनि अपने ही घर में स्वग्रही होकर बैठे हैं। इसीलिए कर्म प्रधान बनने की आवश्यकता है। अगर आपने कोई टारगेट लिया है तो उस पर आपको प्रयास करने पड़ेंगे। तब आप उस टारगेट को अचीव कर पाएंगे। प्रमोशन के अच्छे योग बने हुए अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलें। सहकर्मियों की भी सहायता करने का प्रयास करें ताकि समय आने पर वे भी आपकी हेल्प कर सके। इस समय आपको अपने पिता से बहुत अच्छा सपोर्ट भी प्राप्त होगा। तो ये है वृषभ राशि वालो का दिसम्बर माह का मासिक राशिफल जो कि मेरे हिसाब से मिक्स रिजल्ट लेकर आ रहा है। कुछ सावधानियों के साथ आपको जरूर आगे बढ़ना चाहिए।


शुभ तिथियों – 1 से 3, 7 से 13, 17 से 22 और 25 से 30।


अशुभ तारीखों – 4 से 6, 14, 16, 23, 24, 24 और 3।


शुभ रंग – भूरा, काला और नीला।

विशेष उपाय

  • श्रीयंत्र की स्थापना अपने पूजा कक्ष में करें।
  • शुक्रवार का व्रत करें बिना नमक का भोजन शुक्रवार के दिन जरूर करें और मां लक्ष्मी श्री सूक्त का पाठ उस श्रीयंत्र के सामने बैठकर जरूर करें।
  • इसके साथ ही आपको सफेद चीजो का दान करना चाहिए। शक्कर और चावल का दान आप के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
  • इस माह आपको शुक्रवार के दिन मां दुर्गा की पूजा आराधना भी करनी चाहिए जिससे आपके अंदर शक्ति का संवहन हो और आलस्य का त्याग आप अपने जीवन में कर पाएं।
  • श्रमिकों निर्धनों को आपको भोजन जरूर कराना चाहिए। काली गाय और घोड़ों को आपको चारा खिलाना चाहिए | तो ये था वृषभ राशि वालो का दिसंबर माह का मासिक राशिफल।

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