Wooden Laxmi Charan Paduka

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लक्ष्मी चरण पादुका सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य व सम्पत्ति की अधिष्ठात्री देवी माँ लक्ष्मी के साक्षात् निवास हेतु उनके चरण पादुका का अत्यधिक महत्व हमारे वेद-पुराणों मिलता है क्योंकि जहां-जहां लक्ष्मी के चरण होंगे वहां सुख-समृद्धि अवश्य विराजमान होगी।

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Description

Wooden Laxmi Charan Paduka

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Wooden Laxmi Charan Paduka (Auspicious feet of Goddess Mahalaxmi): is very well described in Vedas & Puranas. It is believed that keeping this in your Puja room, Office, Home or Business premises etc. is very effective for wealth. 15 auspicious symbols associated with Maha laxmi present on these Paduka are believed to bless the possessor with all prosperity.
It symbolizes the foot prints of  Maha Laxmi – Devi of Wealth and Prosperity. Goddess Laxmi emerged as the fifteenth ratna in the bridal attire with lotus mala in her hand for Lord Vishnu or Narayana. Everyone hailed the Laxmi-Narayana; and Goddess Laxmi set her foot on heaven. Her feet were in all 15 symbols, which brought prosperity in heaven. All Gods took impressions of Laxmi’s feet, called Laxmi Paduka and installed at their places and celebrated this by lighting lamps.

Laxmi charan paduka is dedicated to the goddess laxmi; it is the representation of her auspicious feet, it is believed that on the day of diwali the goddess visits every house to bless her devotees with her divine blessings that is why before diwali everybody prepares for her visit by cleaning the house.

लक्ष्मी प्रेम पादुका देवी लक्ष्मी को समर्पित है; यह उनके शुभ पैरों का प्रतिनिधित्व है, यह माना जाता है कि दीवाली के दिन देवी प्रत्येक दिवसीय आराधना को अपने दिव्य आशीर्वादों के साथ भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए आते हैं, इसलिए दीवाली से पहले घर की सफाई करके सभी लोग अपनी यात्रा के लिए तैयार होते हैं।

लक्ष्मी चरण पादुका

मां लक्ष्मी चरण पादुका। घर में लक्ष्मीर का स्वरूप मां ललिता श्री का प्रतीक हैं जिसमें सोलह चिन्ह बने होते हैं। लक्ष्मी चरण पादुका जहां भी स्थापित की जाती है वहां से समस्याओं का नाश होता है। इसकी स्थापना से धनाभाव खत्म होकर स्थाई धन संपत्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसे मकान, दुकान, आफिस या कहीं भी दरवाजे पर चिपकाना भी शुभ होता है। अष्ठ धातु से निर्मित यह चरण पादुका सुख-समृद्धि के लएि निश्चित ही उपयोगी सामग्री है।

शास्त्रों के अनुसार महालक्ष्मी के चरणों में सोलह शुभ चिन्ह होते हैं। यह चिन्ह अष्ट लक्ष्मी के दोनों पावों से उपस्थित 16 (षोडश) चिन्ह है जो के 16 कलाओं का प्रतीक हैं। शास्त्रों में मां लक्ष्मी को षोडशी भी कहकर पुकारा जाता है।
ये सोलह कलाएं हैं 1.अन्नमया, 2.प्राणमया, 3.मनोमया, 4.विज्ञानमया, 5.आनंदमया, 6.अतिशयिनी, 7.विपरिनाभिमी, 8.संक्रमिनी, 9.प्रभवि, 10.कुंथिनी, 11.विकासिनी, 12.मर्यदिनी, 13.सन्हालादिनी, 14.आह्लादिनी, 15.परिपूर्ण, 16.स्वरुपवस्थित।

मां लक्ष्मी के चरण या लक्ष्मी की चांदी की चरण पादुका घर में रखनी चाहिए कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी का घर में निवास होता है। लक्ष्मी के चरण पादुका उस दिशा में लगाएं जहां आप घर में पैसा रखते हैं।

लक्ष्मी चरण पादुका सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य व सम्पत्ति की अधिष्ठात्री देवी माँ लक्ष्मी के साक्षात् निवास हेतु उनके चरण पादुका का अत्यधिक महत्व हमारे वेद-पुराणों मिलता है क्योंकि जहां-जहां लक्ष्मी के चरण होंगे वहां सुख-समृद्धि अवश्य विराजमान होगी। लक्ष्मी चरण पादुका साक्षात् माँ लक्ष्मी के चरणों का प्रतीक है । इसे अधिक धन प्राप्ति हेतु पूजा कक्ष , घर , व्यापार एवं ऑफिस में स्थापित करना चाहिए ।

 

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