Mundan Sanskar Pooja

Mundan Sanskar Pooja


Shaving a child has a special significance in Indian tradition. Mundan ceremony is also called Chudakarma Sanskar. Before this, the seventh sanskar is Annaprashan, in which solid food is given to the child for the first time.

Why should children shave?

Almost every baby has some hair on its head from birth. These hairs are considered impure. According to the prevailing belief in Hinduism, the human vagina is found after 84 lakh yonis. In such a situation, the child’s hair is cut to remove the sin of debt of all previous births. Apart from this, this sanskar is also performed for the worship of the mind.

Method of Mundan ceremony:

  • According to Hindu religion, the mundan rites are performed only after seeing the right time. The child can get the benefit of the environment of the religious place. Its auspicious time is taken by the pandit on the basis of the birth and time of the child.
  • During this, Pandits also perform Havan. During the Mundan ceremony, the mother makes the child sit on her lap and keeps her face towards the fire in the west direction.
  • Next, the barber shaves the child with a razor. However, in some families the initials of the Pandit are cut off.
    After this the child’s head is washed with Gangajal.
  • Then apply turmeric and sandalwood paste on the child’s head. If there is any kind of cut on the child’s head, then this paste helps in quick recovery.
  • Then the child’s hair is shed in the idol of a deity or in the river.
  • In some traditions, a small amount of hair is left during shaving. It is said that this peak provides protection to the brain.

When Should Shaving Be Done

Everyone’s beliefs can be different and everyone chooses the right time for shaving according to their beliefs. In most Hindu religions, the Mundan ceremony is performed in the child’s first year or third year.

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मुंडन संस्कार


भारतीय परंपरा में बच्चे की हजामत बनाने का विशेष महत्व है। मुंडन संस्कार को चूड़ाकर्म संस्कार भी कहा जाता है। इससे पहले सातवां संस्कार अन्नप्राशन है, जिसमें बच्चे को पहली बार ठोस आहार दिया जाता है।

बच्चों को क्यों मुंडवाना चाहिए?

जन्म से लगभग हर बच्चे के सिर पर कुछ बाल होते हैं। इन बालों को अशुद्ध माना जाता है। हिंदू धर्म में प्रचलित मान्यता के अनुसार 84 लाख योनियों के बाद मानव योनि पाई जाती है। ऐसे में पिछले सभी जन्मों के कर्ज के पाप को दूर करने के लिए बच्चे के बाल काटे जाते हैं। इसके अलावा यह संस्कार मस्तिष्क की पूजा के लिए भी किया जाता है।

मुंडन संस्कार की विधि :

  • हिंदू धर्म के अनुसार मुंडन संस्कार सही समय देखकर ही किया जाता है। संतान को धार्मिक स्थल के वातावरण का लाभ मिल सकता है। इसका शुभ मुहूर्त पंडित द्धारा बच्चे के जन्म और समय के आधार पर लिया जाता है।
  • इस दौरान पंडित हवन भी करते हैं। मुंडन समारोह के दौरान, माँ बच्चे को गोद में बिठाती है और अपना चेहरा पश्चिम दिशा में अग्नि की ओर रखती है।
  • इसके बाद, नाई बच्चे को रेजर से शेव करता है। हालांकि, कुछ परिवारों में पंडित के शुरुआती बाल काट दिए जाते हैं।
  • बच्चे के सिर को गंगाजल से धोया जाता है।
  • फिर हल्दी और चंदन का लेप बच्चे के सिर पर लगाएं। अगर बच्चे के सिर पर किसी तरह का कट लग जाए तो यह पेस्ट जल्दी ठीक होने में मदद करता है।
    फिर बच्चे के बाल किसी देवता की मूर्ति या नदी में बहाए जाते हैं।
  • कुछ परंपराओं में, मुंडन के दौरान बालों की थोड़ी सी मात्रा छोड़ दी जाती है। कहा जाता है कि यह चोटी मस्तिष्क को सुरक्षा प्रदान करती है।

मुंडन कब करवाना चाहिए

हर किसी की मान्यताएं अलग अलग हो सकती हैं और सभी लोग अपनी मान्यताओं के अनुसार मुंडन के लिए सही समय का चुनाव करते हैं। अधिकांश हिंदू धर्मों में, मुंडन संस्कार बच्चे के पहले वर्ष या तीसरे वर्ष में किया जाता है।

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