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जानिये गुरु चांडाल योग क्या है ,गुरु चांडाल योग का प्रभाव एवं बचाव के उपाय

Know what is Guru Chandal Yoga

जानिये गुरु चांडाल योग क्या है ,गुरु चांडाल योग का प्रभाव एवं बचाव के उपाय – Know what is Guru Chandal Yoga

Know what is Guru Chandal Yoga गुरु माँ निधि जी श्रीमाली ने बताया है की गुरु ग्रह को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि कार्य की सफलता व असफलता के पीछे गुरु ग्रह का विशेष योगदान होता है। लेकिन इनसे सम्बन्धित कुछ ऐसे योग भी ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं, जिनका कुंडली में निर्माण होने से जातकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक ‘गुरु चांडाल योग’ है, जिससे सभी डरते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे सबसे अशुभ और नकारात्मक परिणामों से परिपूर्ण योग माना जाता है। कुंडली में इस योग के निर्माण से व्यक्ति को कई प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है और उसे परिश्रम के बावजूद भी सफलता प्राप्त नहीं होती है। Know what is Guru Chandal Yoga

कुंडली में गुरु चांडाल योग कैसे बनता है 

गुरु माँ निधि जी श्रीमाली के अनुसार किसी कुंडली में चांडाल दोष तब बनता है जब गुरु राहु या केतु के साथ युति करता है और जन्म कुंडली में उसी घर में स्थित होता है। इस दोष में गुरु प्रमुख भूमिका निभाता है। चांडाल योग के कारण जातक के जीवन में बहुत सारी कठिनाइयां बनी रहती है। Know what is Guru Chandal Yoga

गुरु चांडाल योग की स्थितियां  

  • जब गुरु और राहु दोनों एक ही राशि में स्थित होते हैं। यह योग सबसे ज्यादा शुभ नहीं होता है।
  • जब गुरु और राहु दोनों समान वर्ग में स्थित होते हैं लेकिन राशि अलग-अलग होती है। इसके लिए समय अच्छा होता है लेकिन कुछ व्यक्तियों के लिए इसका प्रभाव उतना शुभ नहीं होता है।
  • जब गुरु और राहु दोनों अलग राशि और वर्ग में होते हैं। इस योग का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • तीसरे घर में राहु या केतु के साथ बृहस्पति की युति चांडाल दोष का कारण बन सकती है और जातक को नकारात्मक, विश्वासघाती और घृणा फैलाने वाला बना सकती हैं।
    कुंडली के आठवें भाव में यह युति अधिक विनाशकारी रूप से चांडाल दोष का निर्माण कर सकती है और जातक के जीवन को समाप्त कर सकती है। इसके कारण दुर्घटनाएं हो सकती हैं। 
  • यदि बृहस्पति और राहु अष्टम भाव में युति करते हैं, तो उदर क्षेत्र में चोट और दर्द हो सकता है इससे जीवन क्षत-विक्षत हो सकता है।
  • यदि चांडाल योग 9 वें घर में बनता है तो व्यक्ति अनजाने में नाजायज गतिविधियों में शामिल होता है और सभी सामाजिक मानदंडों और धार्मिक मान्यताओं को तोड़ता है। वे गलत विचारों और विश्वासों को फैला सकते हैं और अपने जीवन के लिए गलत दृष्टिकोण अपना सकते हैं। Know what is Guru Chandal Yoga

 चांडाल दोष के प्रभाव या नुकसान

जब भी किसी जातक की कुंडली में चांडाल योग का निर्माण होता है तो उसके जीवन में समस्याओं का अंत दूर-दूर तक नजर नहीं आता है। इस योग का प्रमुख लक्षण निम्न है 

  1.  व्यक्ति के चरित्र पर समय-समय पर लांछन लगता रहता है। जिसके कारण वह परेशान भी रहता है।  
  2. अगर जातक को परिवार, मित्र, भूमि व भवन का सुख प्राप्त नहीं हो रहा है, तो यह इस अशुभ योग के कारण हो सकता है।  
  3.  प्रतिभावान छात्र भी पढ़ने में समस्याओं का सामना कर सकते है   
  4.  जातकों को नौकरी में भी समस्याएं होती  हैं 
  5. चांडाल योग के कारण पिता और पुत्र में हर समय तनाव बना रहता है। 
  6.   व्यक्ति को आसान निर्णय लेने भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  7. इस योग का प्रभाव आर्थिक क्षेत्र पर भी पड़ता है और व्यक्ति को इससे जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
  8. जातक बुरी संगत की ओर आकर्षित होगा।
  9. दुर्घटना और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जातक को परेशान कर सकती हैं।
  10. व्यक्ति बड़ों के प्रति असम्मानजनक और अविवेकी हो सकता है। Know what is Guru Chandal Yoga

गुरु चांडाल योग के फायदें :

गुरु माँ निधि जी श्रीमाली ने बताया है की गुरु चांडाल योग अथवा दोष जितना नुक्सानदेही है उतना ही फायदेमंद भी है। परन्तु, ये बहुत से बातों पर भी निर्भर करता है जैसे की – जन्म कुंडली में जहाँ भी राहु या केतु और गुरु एक साथ है वो स्थान पर गुरु बलवान हो या उस स्थान के स्वामी गुरु हो। अशुभ राहु या केतु पर यदि शुभ गुरु की दृष्टि पड़ जाए तो गुरु चांडाल योग को जन्म देता है जिसके अनेक फायदें है 

  1. जन्म कुंडली में 3rd भाव और गुरु चांडाल योग :

      यदि आपकी कुंडली के 3rd भाव में गुरु चांडाल योग बन रहा है, तो इसके प्रभाव से आप में नेत्रत्व के गुण होंगे और यदि आप ने ऊँची पढाई की है तो आप जीवन के 32-34 वर्ष में बहुत ही बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल करेंगे।

  1. जन्म कुंडली में 6th भाव और गुरु चांडाल योग :

यदि जन्म कुंडली के 6th भाव में गुरु चांडाल योग बन रहा है, तो इसके प्रभाव से जातक को धन संपत्ति से परिपूर्ण बनाता है तथा करियर की क्षेत्र में सफलता दिलाता है।

  1. जन्म कुंडली में 11th भाव और गुरु चांडाल योग :

यदि जन्म कुंडली के 11th भाव में गुरु चांडाल योग बन रहा है तो, यह योग बहुत शुभ है इसके प्रभाव से जातक को अलग-अलग स्रोतों से धन का लाभ होता रहता है।

  1. कुंडली में योग भगवान गणेश द्वारा शांत किए जाने पर: यदि गुरु चांडाल योग किसी कुंडली में होता है और उस व्यक्ति ने कुंडली में भगवान गणेश के शांत करने के उपाय किए हों तो इस स्थिति में योग का फल उन्नति और सफलता हो सकता है।
  2. कुंडली में योग सुख स्थान में होने पर: यदि गुरु चांडाल योग किसी कुंडली में सुख स्थानों (जैसे चतुर्थ भाव, पंचम भाव आदि) में होता है तो इस स्थिति में योग का फल उन्नति और सफलता हो सकता है।
  3. कुंडली में योग कुंडली में शुभ ग्रहों के साथ होने पर: यदि गुरु चांडाल योग किसी कुंडली में शुभ ग्रहों (जैसे बृहस्पति, वक्रतुण्ड आदि) के साथ होता है तो इस स्थिति में योग का फल उन्नति और सफल हो सकता है। Know what is Guru Chandal Yoga

गुरु माँ निधि जी श्रीमाली द्वारा बताये गए गुरु चांडाल योग निवारण के उपाय निम्न है 

  • जातक गुरु चांडाल योग निवारण यन्त्र को पूजा घर में रखकर पूजा कर सकते है 
  • इस  योग से मुक्ति के लिए गुरु चांडाल योग की पूजा भी करवा सकते है 
  • तिदिन गुरु मंत्रों का जाप करें ओम श्री गुरुवे नमः, ओम नमः शिवाय, ओम नमो नारायणाय, या कोई भी गुरु मंत्र जिसे आप जानते हैं।
  • गुरुवार को पीले रंग के कपड़े पहनें और यदि संभव हो तो अन्य दिनों में भी।
  • यदि संभव हो तो गुरुवार के दिन घी, हल्दी और पीली तूर की दाल का सेवन करें।
  • गुरुवार के दिन मंदिर में आने वाले भक्तों को मिठाई का दान करें।
  • पंडितों व पुरोहितों को भोजन दान करें।
  • गुरुवार के दिन वैदिक शास्त्रों का पाठ करें।
  • गुरुवार को ध्यान करें और भगवान से प्रार्थना करें।
  • अपने धर्म या पवित्र शास्त्रों का अनादर न करें।
  • किसी भी गुरु, शिक्षक, मार्गदर्शक, योगी, माता-पिता या बड़ों का अनादर न करें।
  • अनैतिक कार्य करने से बचना चाहिए और धर्म के अनुसार उचित कार्य करना चाहिए।
  • अपने पसंद के किसी भी गुरु भगवान का अनुसरण करें, उनका ध्यान करें और अपना मन उन्हें समर्पित करें। Know what is Guru Chandal Yoga

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