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Kese Kare Rahu Yantra ka Upyog Rahu Grah Dosh Dur Karane me – राहू यन्त्र

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Kese Kare Rahu Yantra ka Upyog Rahu Grah Dosh Dur Karane me – राहू यन्त्र


Kese Kare Rahu Yantra ka Upyog Rahu Grah Dosh Dur Karane me – राहू यन्त्र , राहु यंत्र का प्रयोग वैदिक ज्योतिष में अन्य बहुत से ग्रहों के यंत्रों की तुलना में बहुत अधिक किया जाता है। जिसका एक कारण यह है कि राहु अधिकतर कुंडलियों में या तो अशुभ रूप से कार्य करते हैं या फिर मिश्रित रूप में तथा इन दोनों ही स्थितियों में राहु महाराज से लाभ प्राप्त करने के लिए इनके रत्न गोमेद का प्रयोग नहीं किया जा सकता क्योंकि रत्नों का प्रयोग केवल उन्हीं ग्रहों से शुभ फल प्राप्त करने के लिए किया जाना चाहिए, जो जातक की जन्म कुंडली में शुभ रूप से काम कर रहे हों तथा किसी ग्रह के किसी कुंडली विशेष में अशुभ अथवा मिश्रित होने पर जातक को सामान्यतया उस ग्रह का रत्न धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से उस अशुभ ग्रह को अतिरिक्त बल प्राप्त हो जाता हैं। पंडित एन. एम. श्रीमाली जी के अनुसार राहु प्रतिकूल होने पर प्रत्येक कार्य में असफलता नजर आती है। ऐसी स्थिति में राहु यंत्र को चल या अचल प्रतिष्ठा करके धारण करने से अथवा पूजन करने से राहु का शीघ्र ही अनुकूल फल प्राप्त होने लगता है। 

राहु यंत्र दो प्रकार के होते हैं:-  प्रथम- नौ ग्रहों का एक ही यंत्र होता है। द्वितीय- नौ ग्रहों का अलग-अलग नौ यंत्र होता है। प्रायः दोनों यंत्रों के एक जैसे ही कार्य एवं लाभ होते हैं। इस यंत्र को सम्मुख रखकर नौ ग्रहों की उपासना करने से सभी प्रकार के भय नष्ट होते हैं, शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त होता है, व्यापार आदि में सफलता मिलती है, समाज में उन्नति प्राप्त होती है तथा कार्यो में किसी भी प्रकार की बांधा उत्पन्न नहीं होती है। Kese Kare Rahu Yantra ka Upyog Rahu Grah Dosh Dur Karane me – राहू यन्त्र 


यंत्र का उपयोग:-


1. राहु देव को प्रसन्न करना हो तो यंत्र के सम्मुख भैरव जी की पूजा भी करनी चाहिए।


2. प्रतिदिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर राहु यंत्र की पूजा करें और साथ ही राहु मंत्र का जप भी करें तो शीघ्र ही लाभ होगा।


3. राहु को प्रसन्न करने के लिए सरसों और कोयले का दान अत्यन्त लाभकारी होता है।


4. इस यंत्र की प्रतिदिन पूजा करने से सभी प्रकार के भय नष्ट होते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त होता है। व्यापार आदि में सफलता मिलती है। समाज में प्रशंसा मिलती है तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होती।


5. कभी-कभी ग्रह अनुकूल होने पर भी अनेक रोग व्याधि से मानव पीड़ित होता है, अस्तु जहां तक उपाय का प्रश्न है, इनमें महामृत्युंजय मंत्र का जप भी लाभप्रद होता है। 


राहु यंत्र से लाभ:-

शिक्षा, व्यवसाय, कैरियर में बार बार आ रही परेशानियों, छिपे हुए शत्रुओं, गुप्त रूप से आ रही बाधाओं, छल- कपट, गुप्त रोगों, सामाजिक असम्मान और भेदभाव से राहु यंत्र बचाता है। अनायास हो जाने वाले आर्थिक नुकसान, किसी भी कार्य में अनायास आ जाने वाली बाधाएं इस यंत्र से दूर होती हैं। सुरक्षा, समृद्धि, प्रेम, लम्बी आयु व धन की प्राप्ति राहु यंत्र से होती है। शत्रुओं, स्वास्थ्य समस्याओं और व्यसन से मुक्ति पाने के लिए राहु यंत्र की स्थापना और पूजा की जाती है। मनोनुकूल लाभ के लिए राहु यंत्र की विधिवत् स्थापना के साथ राहु मंत्र का सस्वर पाठ अवश्य किया जाना चाहिए। Kese Kare Rahu Yantra ka Upyog Rahu Grah Dosh Dur Karane me – राहू यन्त्र 


शुभ या अशुभ होने के लक्षण:-

किसी भी ग्रह के शुभ या अशुभ होने का निर्धारण कुंडली देखकर ही किया जाता है. राहु जिन्हें पाप ग्रह माना गया है. यदि वे कुंडली में दोष में हो तो जिन्दगी में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. राहु का शुभ या अशुभ होने का निर्धारण जन्मपत्रिका के आधार पर किया जाता है, लेकिन जिनकी जन्मपत्रिका ही नहीं बनी होती है. यदि बनी हुई भी है तो कभी किसी ज्योतिष को दिखाई नहीं है. ऐसी स्थिति में नीचे बताए गए लक्षणों को देखकर यह जानना चाहिए कि राहु अशुभ है या नहीं:-


1. यदि मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है. मानसिक भय हमेशा महसूस होता हो.

2. सांप, बिच्छु आदि जहरीले जानवर बार-बार काटते हों या इनके कारण कई बार खतरे में पड़ चुके हों.
3. बिना किसी बीमारी के हाथों के नाखून खराब हो जाएं या झड़ जाएं.
4. अचानक ऐसा लगे कि खराब समय आ गया है और एक के बाद एक कई सारी परेशानियां आपके सामने आ जाएं. जातक का भूरे रंग का कुत्ता खो जाए या मर जाए.
5. ऊंचाई वाले स्थान से आपको डर लगता हो या आप ऊंचे स्थान से एक दो बार गिर चुके हों.
6. बुखार अधिक होता हो और लम्बे समय तक चलता हो.
7. विवाह के पश्चात ससुराल में धनहानि हो या ससुराल से कोई आर्थिक लाभ नहीं हो.
8. हाथ पैरों में अक्सर सूजन रहती हो. Rahu Yantra 

जन्म कुंडली में राहु को छाया ग्रह माना जाता है परंतु फिर भी यह दोनों ग्रह व्यक्ति की जीवन दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. राहु की महादशा में गरीब भी किसी राजा के समान सुख प्राप्त करने लगता है और राहु विपरीत होने पर रातों-रात एक राजा भी रोड पर आ जाता है. यदि आपकी कुंडली में राहु अशुभ है और इसकी वजह से आपके सारे काम बिगड़ जाते हैं तो यह उपाय करें:-


1. प्रति सोमवार भगवान शिव का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक अवश्य करें.

2. लोहे के बर्तन में खाना खाएं.
3. गरीबों को कंबल, खाना, अनाज आदि उनके जरूरत की वस्तुएं दान करें.
4. राहु से संबंधी वस्तुएं दान में स्वीकार ना करें.
5. सोमवार या शनिवार का उपवास रखें.
6. शिवलिंग की नित्य नियम से पूजा करें, बिल्व पत्र, धतुरा आदि शिव को प्रिय वस्तुएं अर्पित करें.
7. राहु को काला रंग अतिप्रिय है, काले रंग से वह और अधिक सक्रिय हो जाता है, अत: अपने आसपास से काले रंग को पूर्णतया दूर कर दें.
8. मछलियों को आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर खिलाएं. Rahu Yantra 

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