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जानिए वैशाख पूर्णिमा क्यों है खास ,वैशाख पूर्णिमा का हिन्दू एवं बौद्ध धर्म में महत्व , तथा इस दिन किये जाने वाले उपाय – Importance of Vaishakh Purnima

Importance of Vaishakh Purnima

जानिए वैशाख पूर्णिमा क्यों है खास ,वैशाख पूर्णिमा का हिन्दू एवं बौद्ध धर्म में महत्व , तथा इस दिन किये जाने वाले उपाय – Importance of Vaishakh Purnima

Importance of Vaishakh Purnima गुरु माँ निधि जी श्रीमाली ने बताया है की हिंदू धर्म में सभी तिथियों में पूर्णिमा तिथि को श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। बता दें कि वैशाख मास में पूर्णिमा तिथि 5 मई 2023, शुक्रवार के दिन पड़ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन नरसिंह जयंती और बुद्ध जयंती भी मनाई जाएगी।  इस विशेष दिन पर सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो सुबह 09 बजकर 17 मिनट मिनट तक रहेगा। साथ ही इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 12 मिनट से सुबह 04 बजकर 55 मिट तक रहेगा। Importance of Vaishakh Purnima

वैशाख पूर्णिमा का महत्व (Vaishakh Purnima Importance) 

गुरु माँ निधि जी श्रीमाली के मुताबिक, वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन दान करना अत्यंत शुभ होता है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुणा फल प्राप्त होता है. इसके अलावा मान्यता यह भी है कि वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है. साथ ही मृत्यु के उपरांत वैकुंठ लोक में स्थान मिलता है. साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से दुख दूर होते हैं, ऐसी मान्यता है.  Importance of Vaishakh Purnima

वैशाख पूर्णिमा 2023 क्यों है खास?  

  वैशाख पूर्णिमा के दिन वर्ष 2023 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा, जिस कारण से भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। पंचांग के अनुसार, उपछाया चंद्रग्रहण का पहला स्पर्श रात्रि 08  बजकर 45 मिनट तक रहेगा और अंतिम स्पर्श रात्रि 1 बजे तक रहेगा यानी चंद्र ग्रहण की अवधि 4 घंटे 15 मिनट तक रहेगी Importance of Vaishakh Purnima

वैशाख पूर्णिमा का हिन्दू व् बौद्ध धर्म में महत्व 

वैशाख पूर्णिमा का न केवल हिंदू धर्म बल्कि बौद्ध धर्म में भी विशेष महत्व है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन महात्मा बुद्ध की जयंती मनाई जाती है। महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का 9वां अवतार भी बताया गया है, जिस कारण से हिंदू धर्म में भी इस दिन विशेष पूजा पाठ की जाती है। साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा व्रत रखने से साधकों को सुख, समृद्धि एवं ऐश्वर्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन रात्रि के समय धूप, दीप, पुष्प और अन्न आदि से चंद्रमा की पूजा विशेष रूप से की जाती है और उन्हें जल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर परिवार में खुशियां आती हैं। Importance of Vaishakh Purnima

वैशाख पूर्णिमा पर  किन 5 देवताओं की पूजा करें

पूर्णिमा के दिन श्री हरि विष्णु, धन की देवी माता लक्ष्मी, चंद्र देव, भोलेनाथ और श्री कृष्ण की आराधना करने का विशेष महत्व है। पूर्णिमा के दिन चंद्र की शुभ्र किरणें जब आपके घर के आंगन में बिखरेंगी तब खुशियां बरसेगी और मिलेगा सभी देवताओं का शुभ आशीष।

पूर्णिमा पर ऐसे करें पूजा
1.
वैशाख पूर्णिमा पर चंद्रमा के साथ भगवान विष्णु की पूजन का विधान है। इस दिन श्री हरि की कृपा पाने के लिए उन्हें भोग लागएं और पंचामृत अर्पित करें। इस दिन वैशाख स्नान की पूर्णाहुति होती है।
2. वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान का विधान है। इस दिन स्नान आदि के बाद दान पुण्य किया जाता है।
3. पूर्णिमा पर यमराज के निमित्त जल से भरा कलश, पकवान और मिठाइयां आदि उन्हें अर्पित करें। शक्कर और तिल का दान करने से अनजाने में हुए पापों का विनाश होता है। स्थिर चित्त और एकाग्र मन से यमराज की पूजा करें। Importance of Vaishakh Purnima

मिलता है दान का अक्षय फल
गुरु माँ निधि जी श्रीमाली ने  कहा है कि इस वैशाख महीने की पूर्णिमा पर श्रद्धा अनुसार किए गए दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता। इससे इस लोक के साथ परलोक में भी सुख प्राप्ति होती है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन तिल, अन्न और जल दान करने का सबसे ज्यादा महत्व है। ये सोना, चांदी, हाथी और घोड़ों के दान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अन्न और जल दान से मानव, देवता, पितृ सभी को तृप्ति मिल जाती है। शास्त्रों के अनुसार कन्यादान को भी इन सभी के बराबर माना जाता है।

यमराज की पूजा भी होती है

 गुरु माँ निधि जी श्रीमाली के अनुसार मृत्यु के देवता यमराज को प्रसन्न करने के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन व्रत रखा जाता है और विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस अवसर पर जल पात्र, कुल्हड़, पंखे, चप्पलें, छाता, घी, फल, चीनी, चावल, नमक का दान शुभकारी होता है। इस दिन दान से मन को शांति मिलती है। मान्यता है कि साधक को इस दिन भगवान विष्णु के साथ यमराज का वरदान भी प्राप्त होता है और अकाल मृत्यु की शंका भी नहीं रहती। Importance of Vaishakh Purnima

गुरु माँ निधि जी श्रीमाली द्वारा बताये गए वैशाख पूर्णिमा के कुछ उपाय  Importance of Vaishakh Purnima

  • जगत के पालनहार भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है। अतः वैशाख पूर्णिमा के दिन तुलसी दल न तोड़ें। तुलसी दल तोड़ने से भगवान विष्णु अप्रसन्न होते हैं। इससे जातक को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • अगर आपके वैवाहिक जीवन में परेशानी है। आसान शब्दों में कहें तो कलह की स्थिति है, तो वैशाख पूर्णिमा की संध्या में पति और पत्नी चंद्रदेव को दूध का अर्घ्य दें। इससे चंद्र मजबूत होता है। चन्द्रमा मन का कारक होता है। चन्द्रमा मजबूत रहने से परिवार के सदस्यों के बीच प्यार और स्नेह बना रहता है। इस उपाय को करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है।
  • वैशाख पूर्णिमा के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा उपासना करें। इससे घर में धन का आगमन होता है। साथ ही जातक की हर मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है।अगर आप मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह से परेशान हैं, तो वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान-ध्यान करने के बाद पवित्र ग्रंथ ‘गीता’ का पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि ‘गीता’ का पाठ करने से जातक पर नारायण की विशेष कृपा बरसती है।
  • वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करने से पहले पानी में थोड़ा गंगाजल मिला लें। जिससे आपका तन मन शुद्ध हो जाएं। स्नान करने के बाद घर के सबसे मेन गेट में हल्दी व चंदन से स्वास्तिक व ओम बना लें। इसे घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
  • इस दिन सत्यनारायण का पाठ कराने से घर में लक्ष्मी का वास होता है। साथ ही दुख दरिद्र घर से दूर हो जाता है। इस दिन सत्यनारायण का पाठ करने के बाद ही भोजन करना चाहिए। इससे हर मनोकामना पूरी होती है। Importance of Vaishakh Purnima

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