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Holi 2020 Muhurat Date Time होली की तारीख एवं होलिका दहन मुहूर्त एवं पूजा विधि

Holi 2020 Muhurat Date Time

होली की तारीख एवं होलिका दहन मुहूर्त एवं पूजा विधि


Holi 2020 Muhurat Date Time

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“ऐसे मनाना होली का त्यौहार पिचकारी से बरसे सिर्फ प्यार

ये है मौका अपने को गले लगाने का तो रंग और पिचकारी

लेकर हो जाओ तैयार”

सबसे पहले तो पंडित एन एम श्रीमाली जी की तरफ से आपके और आपके पुरे परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाये| और होली का ये पर्व सभी के मन में एक अलग की उमंग पैदा करता है ये रंग हमें जीना सिखाते है, ये रंग हमें खेलना सिखाते है, हँसना सिखाते है, और सौहार्द का ये त्यौहार हमको तो बहुत पसंद है शायद हमारे हिसाब से होली का ये पर्व आप सबको बहुत ही पसंद आता होंगा हम भी इस होली के रंग में रंग चुके है और हम चाहते है की आप सभी इस पर्व के रंग में रंग जाए अपने गीले शिकवे भुलाये एक दुसरे को गले लगाये| और इस होली के त्यौहार को श्रद्धा पूर्वक सौहार्द पूर्वक मनाये| ये रंगों का त्यौहार इस बार 9 मार्च 2020 को आ रहा है| सबसे पहले होलिका दहन किया जायेंगा 9 मार्च 2020 को होलिका दहन प्रहलाद की भक्ति का प्रतीक है भगवान के प्रति उसकी आस्था का प्रतीक है| बुराई की अच्छाई पर विजय का प्रतीक है| आप सभी जानते होंगे की होलिका दहन हम किस लिये करते है परन्तु होलिका दहन के दिन हमे हमारी जिंदगी में कई चीजो को, बातो को, क्रोध, काम, मोह, लोभ जो की ये हमारे अन्दर के शत्रु है उनको भी इस होलिका की अग्नि में प्रवाहित करके हमारे स्वभाव को सोम्य करना चाहिए| लोगो को भी सही राह दिखानी चाहिए| यदि आपके पारिवारिक सदस्य है तो उनके साथ होलिका दहन का ये पर्व अवश्य मनाये| Holi 2020 Muhurat Date Time

10 मार्च 2020 को धुलण्डी का पर्व आ रहा है| जिस दिन रंगों से होली खेली जाएँगी| तो सबसे पहले हम आपको होलिका दहन के शुभ मुहर्त और धुलण्डी के रंग खेलने वाले त्यौहार के शुभ मुहर्त के बारे में बतायेंगे| Holi 2020 Muhurat Date Time

होलिका दहन का शुभ मुहर्त

शुभ मुहर्त शाम को 06 बजकर 24 मिनट से रात्रि 08 बज के 50 मिनट तक रहेंगा| इस समय के बीच में आप होलिका दहन कर सकते है| होलिका दहन यानी जो 9 मार्च 2020 को होली आ रही है उसके एक दिन पहले ही डंडा रोहण किया जाता है| ये डंडा रोहण प्रहलाद का प्रतीक माना जाता है| और होलिका के होली के 8 दिन पहले होलाष्टक प्रारंभ हो जाता है| और इस समय से सभी शुभ कार्य बंद हो जाते है कोई भी मांगलिक कार्य शादी, सगाई, ग्रह प्रवेश, यज्ञोपवीत जैसे कोई भी मांगलिक कार्यो हो वो सभी 8 दिन पहले से बंद हो जाते है| होलाष्टक लगने के बाद में हम किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत नही करते है| होलिका दहन के समय हमें पूरी विधि विधान से होलिका की पूजा आराधना करनी चाहिए| होलिका दहन में कुछ पंचौप्चार मंत्र से हमे होलिका की पूजा करनी चाहिए सबसे पहले तो होलिका दहन जहा हो रहा है| जहा होली मंगलिज रही है होली को मंगलाना कहते है जलाना नही कहते है होलिका जहां मंगलिज्ती है वहा पर जाकर आप होलिका के समीप पूर्व या उत्तर की तरफ मुख करके सामने बैठे या खड़े रहे| उसके बाद में जब होलिका दहन होता है तब आपको पूजन की कुछ सामग्री लेनी चाहिए| लगभग बहुत लोगो को पूजन सामग्री के बारे में पता होता है फिर भी विशेष रूप हम आपको बता देते है रोली, मोली, कुमकुम, चावल, अक्षत, गुलाल, गुड़, और कच्चा सूत जरुर होलिका पर चारो तरफ बांधे| होलिका जलाने से पहले ही कच्चा सूत आपको बांध देना चाहिए| और उसके साथ में आपको कुछ मुंग, कुछ सप्त धान जो की नया अनाज होना चाहिए| वो सप्तधान भी होलिका के दहन में आपको जलाना चाहिए| गेहूं की बालिया भी अक्षर जलाई जाती है| और ऐसा कहा जाता है की किसान उस समय शीत ऋतू की समाप्ति के बाद में नई फसल उगाता है तो इस नई फसल उनकी अच्छी रहे इस मंगल कामना के साथ वो गेहूं की बालियों को होलिका दहन की अग्नि में जलाता है जिससे आने वाली उसकी फसल हो वो बहुत अच्छी वृद्धि करे और उसको उसका बहुत अच्छा लाभ प्राप्त हो| तो अन्न जलाने की ये गेहू की बालिया होलिका दहन के अग्नि में सेकने की विशेष प्रथा है विशेष महत्व है इससे हमारे घर के धन, धान्य, और अन्न में कभी भी कमी नही आती है| हमारा घर का अन्न का भण्डार हमेशा भरा हुआ रहता है| साथ ही होलिका दहन की अग्नि में हम जो नवजात शिशु है या आपके किसी भी घर में बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्याएं चाहे वो रोगों से ग्रसित है, चाहे वो मानसिक रूप से विक्षिप्त है, या फिर शारीरिक रूप से निर्बल है, या किसी भी प्रकार की आपके अन्दर कोई भी समस्या है, या फिर आपके घर में किसी नवजात शिशु ने जन्म लिया है तो उसे होलिका की अग्नि के फेरे जरुर लगाने चाहिए| होलिका दहन के समय होलिका के समय कितने ले या तो 3 फेरे ले या फिर 7 फेरे ले| होलिका दहन के पश्चात् होलिका की राख को अपने घर में जरुर लाना चाहिए| इसका एक विशेष महत्व है ये एक तो बहुत ही पवित्र होती है और इस राख को अपने घर में चारों तरफ थोड़ी थोड़ी छिड़क देने से या फिर चार कोनो में छिड़क देने से हमारे घर में कभी भी रोगों का वास नही होता| यदि हमारे घर में कोई बीमार व्यक्ति है तो उसके चारों तरफ भी इस राख को जरुर छिडकना चाहिए| और इस राख का टिक्का उसके मष्तिक पर जरुर लगाना चाहिए|जिससे उसको रोगों में आराम मिलता है साथ ही यदि हम नज़र दोष से हम पीड़ित है या ऊपरी बाधा हम पर है तो उससे वो राख हमारे घर की सुरक्षा करती है| और भी बहुत सारे अचूक टोटके है जो हम थोड़े दिन में आपको बतायेंगे| आज हम आपको इतना ही बतायेंगे की होलिका दहन का अपना एक विशेष महत्व है| संतान की दृष्टि से देखे, धन धान्य की दृष्टि से देखे, अनाज की दृष्टि से देखे कई पुराणों में वेदों में होलिका दहन का अपना विशेष महत्व माना जाता है तो होलिका दहन के दिन आपको होलिका के अग्नि के चारो तरफ फेरे लेते हुए अपने मन में संकल्प करते हुए कोई भी इच्छा आपके मन में जो है| उसे आप होलिका दहन की अग्नि को बता दे वो इच्छा आपकी अवश्य पूरी होंगी| होलिका की अग्नि आपके समस्त विकारों को समस्त समस्याओं को दूर करेंगी| और आपको सुख समृधि और शांति प्रदान करेंगी| दुसरे दिन धुलण्डी का पर्व बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है| ये रंगों का त्यौहार है और एक दुसरे को रंग लगाकर हम हमारे यदि किसी से हमारी अनबन है, किसी से हमारा मनमुटाव है गलतफेमी यदि आपके घर में भी किसी व्यक्ति से चल रही है तो उसे रंग लगाकर गले जरुर लगाये इससे आपके बीच के वैमनस्य को ये रंग खत्म करेंगे आपके बीच में प्रेम में वृद्धि करेंगे तो होलिका के दुसरे दिन यानि 10 मार्च 2020 को धुलण्डी का पर्व आ रहा है| पहले हम इसके शुभ मुहर्त के बारे में बता देते है| क्युकी रंगों का भी खेलने का अपना एक विशेष मुहर्त होता है तो आप उस मुहर्त के बीच में रंग खेलना शुरू कर सकते है| Holi 2020 Muhurat Date Time

होली खेलने का शुभ मुहर्त 09 बजकर 37 मिनट प्रात काल से 10 बजकर 38 मिनट के बीच में आप होली रंगों के द्वारा खेलना शुरू कर सकते है| सबसे पहले आपको कान्हा जी को रंग लगाना चाहिए| क्युकी ये त्यौहार विशेष रूप से कृष्ण भक्ति का होता है| कृष्ण और राधा के प्रेम का प्रतीक होता है| तो सबसे पहले आप कृष्ण भगवान को रंग लगाइये, गुलाल लगाइये, अबीर से आप उनके साथ होली खेलिए| फिर अपने घर के बड़ो को रंगों के द्वारा उनके मष्तिष्क पर एक टिक्का लगाकर उनके चरणों में रंग लगाकर उनका आशीर्वाद ले| और उसके बाद रंग खेलना शुरू करे| देखिये ये रंग आपके जीवन में भी उसी तरह से बिखरेंगे जैसे आप रंग होलिका के दिन खेलते है वैसे साल भर आपके जीवन में रंग ही रंग रहेंगे| कभी भी किसी भी व्यक्ति के जीवन में जिंदगी रंग से विहीन नही हो| ऐसी हमारी हमेशा मंगलकामनाएं रहती है| तो इस त्यौहार पर रंगों से होली खेले परन्तु अच्छे और बिना मिलावटी रंगों का प्रयोग कीजिए| शुद्धता से होली खेलिए| कई बार हम होली के माहौल में इतने ज्यादा घुल जाते है की हम अनायास ही किसी को भी परेशान कर देते है| कीचड़ से होली खेलना, या फिर केमिकल से जुड़े रंगों से होली खेलना किसी को भी खतरनाक हो सकता है| चमड़ी ख़राब भी हो सकती है| और कई बार ये समस्या ये गम्भीर रूप ले लेती है| तो आप होली यदि खेलते है फूलों से होली खेले तो बहुत ही बढ़िया अगर आप फूलो से होली नही खेल रहे है| अबीर गुलाल से यदि आप होली खेलते है तो अच्छे रंगों का इस्तेमाल जरुर करे जिससे किसी को भी खतरनाक नही हो, किसी को भी हानि महसूस नही हो|और किसी को भी किसी भी प्रकार की कोई समस्या नही हो ये सौहार्द का प्रतीक है रंगों का पर्व है| इसे बहुत ही भाईचारे और प्रेम के साथ मनाये| Holi 2020 Muhurat Date Time.

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