Chandra Rahu Yog Nivaran Pooja | चंद्र राहु योग निवारण पूजा | By Astrologer Nidhi Ji Shrimali |

निवारण पूजा 19 | Panditnmshrimali

Chandra – Rahu Yog Nivaran Pooja


Chandra Rahu Yog Nivaran Puja – This worship will be done through our Vidhan Pandits. This puja can be done online (video call) or offline (at your place).

Rahu and Moon: When a person is under stress, he does not like anything. Many times, even after being talented due to mental stress, he does not get good results.

There are obstacles in things related to the job, education, career, business and married life, due to which sometimes a person has to face serious problems. How can one avoid these situations in life? For this, it becomes very important to do the remedy of Rahu and Moon.

Nature of the Moon – In astrology, the Moon is considered to be the factor of the mind. The nature of the Moon is considered very fickle. Moon is an auspicious and benign planet. But if the sight of any inauspicious planet starts falling on it, then it starts giving bad results instead of good. When Moon is inauspicious it gives problems of anxiety, headache, nervousness etc., due to which sometimes there is a problem in balancing life. One wants to rest in life but does not get it.

Effect of Rahu – In astrology, Rahu is considered a sin planet. Rahu gives rise to anxiety and confusion. Rahu not only gives a person a state of confusion when he is inauspicious, but if his vision is on the Moon, it works to increase anxiety, stress as well as fear of the unknown. Rahu also sometimes leads a person towards depression. When it is more inauspicious, wrong thoughts also start coming into the mind of the person. Rahu also acts to lead to bad habits.

Remedies for Moon and Rahu:-

  • Worshipping Lord Shiva removes the defects of the Moon.
  • Worshipping Lord Shiva on a regular basis reduces the problems related to Moon. Worshipping Lord Shiva also brings peace to the planet Rahu.
  • Worshipping Lord Shiva and observing fast on Monday removes the inauspiciousness of Rahu.
  • If the problem of stress, anxiety, depression, unknown fear etc. persists, then efforts should be made to make the daily routine disciplined.
  • Along with this, yoga etc. should also be done. At the same time, attention should also be paid to spirituality.
  • To remove this defect, perform Chandra Rahu Yoga Nivaran Puja from astrologer Nidhi ji Shrimali at a very nominal cost at the earliest.

The person who wants to get worship done, Pandit ji already takes a resolution in his name and as we all know, every worship or auspicious work of Lord Ganesha is always done. So Chandra Rahu Yog Nivaran Puja also begins with the consecration of Lord Ganesha, we need to please him first.

Pandit ji will worship the Navagrahas and after that, he will appease the 12 deities (mothers), one of which will be your Kuldevi.

Mantras related to Chandra Rahu Yoga Nivaran Puja will be chanted by Pandit ji. Chandra Rahu Yoga Nivaran Puja will be done for 2 – 3 hours. This pooja will be performed by 2 – 3 pundits with complete rituals. After the puja after the havan, he will appease the 12 deities (mothers), one of whom will be your Kuldevi.

In the end, the main Havan of Puja begins, in which Panditji starts chanting mantras for you and you should chant the mantras and follow the rules as given by our Panditji. After the completion of the puja, you are blessed by Pandit ji.

The yantras related to worship are kept in this havan. That device will be sent to you. After installing that yantra in your house of worship, you must recite the mantras told by Pandit ji every day, and you should pray to get rid of this defect.
Astrologer Nidhi ji Shrimali ji explains and guides proper Chandra Rahu Yoga Nivaran Puja remedies. If you want to worship Chandra Rahu Yoga, then astrologer Nidhi ji Shrimali in India is the best option.

For any assistance or confusion regarding Puja, contact us by clicking below. You can also WhatsApp us on this number. Our team is always there to assist you.

चंद्र – राहु योग निवारण पूजा


चंद्र राहु योग निवारण पूजा – यह पूजा हमारे विधान पंडितों के माध्यम से की जाएगी। यह पूजा ऑनलाइन (वीडियो कॉल) या ऑफलाइन (आपके स्थान पर) की जा सकती है।

राहु और चंद्रमा :- जब व्यक्ति तनाव में होता है तो उसे कुछ भी पसंद नहीं होता है। कई बार मानसिक तनाव के कारण टैलेंटेड होने के बाद भी उसे अच्छे नतीजे नहीं मिल पाते हैं।

नौकरी, शिक्षा, करियर, व्यवसाय और दांपत्य जीवन से जुड़ी चीजों में बाधाएं आती हैं, जिसके कारण कभी-कभी व्यक्ति को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जीवन में इन स्थितियों से कैसे बचा जा सकता है? इसके लिए राहु और चंद्रमा का उपाय करना बहुत जरूरी हो जाता है।

चंद्रमा का स्वभाव – ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा का स्वभाव बहुत ही चंचल माना जाता है। चंद्रमा एक शुभ और सौम्य ग्रह है। लेकिन अगर किसी अशुभ ग्रह की दृष्टि उस पर पड़ने लगे तो वह अच्छे की जगह बुरे फल देने लगता है। जब चंद्रमा अशुभ होता है तो यह चिंता, सिरदर्द, घबराहट आदि की समस्या देता है, जिसके कारण कभी-कभी जीवन को संतुलित करने में समस्या होती है। व्यक्ति जीवन में विश्राम चाहता है लेकिन उसे नहीं मिलता।

राहु का प्रभाव – ज्योतिष में राहु को पाप ग्रह माना गया है। राहु चिंता और भ्रम की स्थिति में वृद्धि करता है। राहु अशुभ होने पर व्यक्ति को न केवल भ्रम की स्थिति देता है, यदि उसकी दृष्टि चंद्रमा पर हो तो यह चिंता, तनाव के साथ-साथ अज्ञात के भय को बढ़ाने का काम करता है। राहु कभी-कभी व्यक्ति को अवसाद की ओर भी ले जाता है। अधिक अशुभ होने पर व्यक्ति के मन में गलत विचार भी आने लगते हैं। राहु बुरी आदतों की ओर ले जाने का भी काम करता है।

चंद्रमा और राहु के उपाय :-

  • भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा के दोष दूर होते हैं।
  • नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा से संबंधित परेशानियां कम हो जाती हैं। भगवान शिव की पूजा करने से राहु ग्रह को भी शांति मिलती है।
  • सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से राहु की अशुभता दूर होती है।
  • यदि तनाव, चिंता, अवसाद, अज्ञात भय आदि की समस्या बनी रहती है तो दैनिक दिनचर्या को अनुशासित बनाने का प्रयास करना चाहिए।
  • साथ ही योग आदि भी करना चाहिए। साथ ही अध्यात्म की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
  • इस दोष को दूर करने के लिए ज्योतिषी निधि जी श्रीमाली से अतिशीघ्र बहुत ही मामूली कीमत पर चंद्र राहु योग निवारण पूजा करें।

जो व्यक्ति पूजा करवानां चाहते है पंडित जी पहले से ही उसके नाम पर संकल्प लेते है और जैसा कि हम सभी जानते हैं, भगवान गणेश की हर पूजा या शुभ कार्य हमेशा किया जाता है। तो चंद्र राहु योग निवारण पूजा भी भगवान गणेश के अभिषेक के साथ शुरू होती है, हमें पहले उन्हें प्रसन्न करने की आवश्यकता है।

पंडित जी नवग्रहों की पूजा करेंगे और उसके बाद, वह 12 देवताओं (माताओं) को प्रसन्न करेंगे , जिनमें से एक आपकी कुलदेवी होगी।

पंडित जी के द्धारा चंद्र राहु योग निवारण पूजा से सम्बंधित मंत्रो का जाप किया जाएगा | चंद्र राहु योग निवारण पूजा 2 – 3 घंटे तक की जाएगी | यह पूजा 2 – 3 पंडितो द्धारा पूरे विधि विधान से सम्पन्न की जाएगी | पूजा के बाद हवन बाद, वह 12 देवताओं (माताओं) को प्रसन्न करेंगे , जिनमें से एक आपकी कुलदेवी होगी।

आखिर में पूजा का मुख्य हवन शुरू होता है, जिसमें पंडित जी आपके लिए मंत्रों का जाप करने लगते हैं और आपको साथ में हमारे पंडित जी द्धारा बताये गए मन्त्रों का जाप तथा नियमों का पालन करना चाहिए । पूजा सम्पन्न होने के पश्चात पंडित जी द्धारा आपको आशीर्वाद दिया जाता हैं |

इस हवन में पूजा से संबंधित जो यन्त्र रखा जाता हैं | वो यन्त्र आपको भिजवाया जाएगा | उस यन्त्र को आप अपने पूजा घर में स्थापित कर प्रतिदिन पंडित जी द्धारा बताए गए मंत्रो का जाप , दर्शन अवश्य करना चाहिए तथा इस दोष से मुक्ति के लिए आपको प्रार्थना करनी चाहिए |
ज्योतिषी निधि जी श्रीमाली जी उचित चंद्र राहु योग निवारण पूजा उपायों की व्याख्या और मार्गदर्शन करती हैं। यदि आप चंद्र राहु योग की पूजा करना चाहते हैं, तो भारत में ज्योतिषी निधि जी श्रीमाली सबसे अच्छा विकल्प है।

पूजा के संबंध में किसी भी सहायता या भ्रम के लिए, नीचे क्लिक करके हमसे संपर्क करें। आप हमें इस नंबर पर व्हाट्सएप भी कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा मौजूद है।

 

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