Astro Gyaan, Astrology Tips, Featured

Chandra Grahan 10 जनवरी 2020 चंद्र ग्रहण का महत्व और आपकी राशि पर प्रभाव

Chandra Grahan 

10 जनवरी 2020 चंद्र ग्रहण का महत्व और आपकी राशि पर प्रभाव


Chandra Grahan

Image result for ग्रहण 2020 png

पंडित एन एम श्रीमाली जी के अनुसार नए साल यानि 2020 के प्रथम चंद्र ग्रहण और साल में कितने चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण आने वाले है उनके बारे में विस्तार से आपको बतायेंगे| 2020 में चार चंद्र ग्रहण आने वाले है साल 2020 की बात हम कर रहे है पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी 2020 को आयेंगा, दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जून 2020 को आयेंगा, तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई 2020 को आयेंगा, और चौथा चंद्र ग्रहण 30 नवम्बर 2020 को आने वाला है| साथ ही इस आगामी 2020 वाले साल के अन्दर 2 सूर्य ग्रहण भी आयेंगे| वो दोनों सूर्य ग्रहण 21 जून 2020, और 14 दिसम्बर 2020 को आने वाले है| तो ये चार चंद्र ग्रहण और 2 सूर्य ग्रहण आने वाले साल के अन्दर लगने वाले है| आज हम आपको 10 जनवरी 2020 यानि साल के प्रथम माह में जो पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है उसकी जानकारी हम आपको प्रदान करेंगे| और उसका सभी 12 राशियो पर क्या प्रभाव पड़ेंगा| चंद्र ग्रहण में आपको क्या क्या सावधानिया रखनी चाहिए, इसकी अवधि क्या होंगी, सूतक काल कब से प्रारम्भ होगा ये सभी जानकारी आज हम आपको बतायेंगे|Chandra Grahan

पंडित एन एम श्रीमाली जी के अनुसार 10 जनवरी 2020 को चंद्र ग्रहण रात्रि 10 बजकर 40 मिनट से रात्रि 2 बजकर 45 मिनट तक रहेंगा| सूतक ग्रहण की इस अवधि से 9 घंटे पहले ही शुरू हो जायेंगा चंद्र ग्रहण में सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है तो सूतक काल के अन्दर आपको अपने घर में कोई भी मांगलिक कार्य नही करना चाहिए| चंद्र ग्रहण की अवधि के दौरान आपको खान पान का भी ध्यान रखना चाहिए कोई भी चीजो का ग्रहण आपको खाने के रूप में नही करना चाहिए| चाकू से कटी हुई विशेष रूप से चीज को आपको नही खाना है| ये तो ग्रहण के समय की बात हो गयी| ग्रहण से पहले ही आपको अपना भोजन नित्य कार्य पुरे कर देने है| ग्रहण के समय और भी कई सावधानिया आपको रखनी होती है| विशेष रूप से चंद्र ग्रहण में जो विक्षिप्त बच्चे है जो मानसिक रूप से परेशान है| जो मानसिक रोगी है और जो गर्भवती महिलाएं है उनको विशेष रूप से इस समय ध्यान रखना चाहिए|ग्रहण की जो ये अवधि है उसमे गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नही निकले यानि चन्द्रमा की चांदनी उनके ऊपर नही पड़नी चाहिए| देखिये चंद्र ग्रहण की स्थिति सूर्य और चन्द्रमा इन दोनों के बीच में पृथ्वी आ जाती है तब ये चंद्र ग्रहण कहलाता है ये एक आम बात है और आप सभी विज्ञान में भी ये सभी चीजे पढ़ चुके है| Chandra Grahan

चंद्र ग्रहण कब शुरू होता है

पंडित एन एम श्रीमाली जी के अनुसार जब पृथ्वी के पीछे चन्द्रमा पूरा छुप जाता है और पृथ्वी की ओट से जब वो निकलता है तब ग्रहण काल शुरू होता है तो चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं चन्द्रमा के दर्शन नही करे ग्रहण की छाया उस पर नही पड़नी चाहिए| चाकू से कटी हुई चीजो का सेवन नही करना चाहिए| भगवान को किसी ओट में रख देना चाहिए| या आपके घर के मंदिरों के कपाट भी बंद रहने चाहिए| वैसे मंदिरों के कपाट तो पहले से ही ग्रहण के दौरान बंद रहते ही है परन्तु घर के मंदिर में यदि आपके दरवाजा नही है तो आपको कोई पर्दा या किसी कपड़े से भगवान के मंदिर को ढक देना चाहिए जिससे भगवान पर ग्रहण का असर नही पड़े ग्रहण के दौरान हमे पूजा पाठ और साधनाए करनी चाहिए| देखिये आप किसी मंत्र का उच्चारण करना चाहते है| किसी मंत्र को सिद्ध करना चाहते है तो ग्रहण काल बहुत ही विशेष फलदायक उस मंत्र को सिद्ध करने में माना जाता है आप ग्रहण काल के दौरान लगातार जिस भी मंत्र को आप पूरा करना चाहते है जिस भी साधना को आप पूरा करना चाहते है लगातार उस मंत्र का और साधना का अनुसरण करे| उसका जाप करे| तो ग्रहण काल के दौरान की गयी साधनाओ का आप कई गुणा फल हमे प्राप्त होता है और ग्रहण काल के दौरान यदि हम किसी मंत्र को लगातार उच्चारित करते है तो वो स्वत ही सिद्ध हो जाता है तो ग्रहण काल के दौरान आपको मंत्रो का उच्चारण जरुर करना चाहिए| देखिये आपके घर में ही यदि कोई रोगी है और बहुत लम्बे समय से वो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से झुंझ रहा है तो आपको चन्द्रमा जी दर्शन उस रोगी को नही करवाने है उस समय उस रोगी का विशेष ध्यान आपको रखना है| और यदि इस ग्रहण काल के दौरान आप महामृत्युंजय मंत्र का लगातार जाप करते है तो निश्चिततौर पर उस रोगी के स्वास्थ्य में आपको लाभ देखने को मिलेंगा| बहुत ही जल्द यानि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद से ही उसके स्वास्थ्य में सुधार होना शुरू हो जायेंगा| ये बहुत बड़ी मान्यता है और ये बात आपको हम जो बता रहे है ये बहुत ही सही लोगो को पता होती है तो चंद्र ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करे इससे आपके घर में ग्रहण का दुष्प्रभाव नही पड़ता है यह मंत्र स्वत ही सिद्ध जाता है और आपके घर में कभी भी रोगों का वास नही होता कोई आपके घर में रोगी होता है तो उसे विशेष स्वास्थ्य लाभ भी इससे होता है तो ग्रहण के समय आपको भगवान के कपाट हमने बोला बंद करने चाहिए कुछ चीजे आपको ध्यान में रखनी चाहिए ही ग्रहण में ग्रहण काल के दौरान जो आपने आटा या कोई खाने की चीजे मसाले काम में लिये है उस समय आपने सूतक से लेकर सूतक समाप्त ग्रहण समाप्ति तक जो भी आपने घर में खाद्यय सामग्री इस्तेमाल की है कोई बची हुई आपके सब्जी है, रोटिया है तो आपको ग्रहण काल के बाद में उन्हें किसी जानवर को यानि गाय, कुत्ते को खिला देनी है और जो मसाले है उन्हें भी आपको फेक देने है उन्हें वापिस काम में नही लेना है| क्युकी ग्रहण लगने पर सूतक शुरू होने से ग्रहण खत्म तक जो भी मसाले और जो खाने की चीजे है हम काम में लेते है वो दूषित हो जाती है तो आप ये भी काम ग्रहण के बाद में अवश्य करे अपने मसाले दाने को साफ़ कर दे मसाले जो भी है उन्हें खाली कर दे वापस नये रूप से मसाले भरे जो आटा आपने काम में लिया है| उस आटे को भी आप फेक दे| साथ ही ग्रहण काल के दौरान आपने जो पानी की मटकी इस्तेमाल की है पानी पिया है ग्रहण के बाद में आपको अपने पीने के स्थान की मटकियों को भी बदलना चाहिए और विशेष रूप से आपको ग्रहण के दौरान अगर आपने स्टील की या तांबे का घड़ा आपने काम में लिया है तो उसे आप साफ़ धो कर रख दे| और यदि आपने मिट्टी के घड़े को काम में लिया है और ग्रहण काल के दौरान मिट्टी के घड़े का पानी ही आपको पीना चाहिए| उसे आपने काम में लिया है तो ग्रहण के बाद में उस घड़े को जरुर बदले और नया घड़ा लाकर स्थापित करे| अपने पितरों को प्रणाम करे उनका स्मरण करे उन्हें तर्पण दे| ग्रहण काल बहुत ही जरुरी होता है चन्द्रमा से दूषित जो लोग है जिनकी कुंडली के अन्दर कोई केमुंद्रम दोष है या फिर कोई ग्रहण दोष है चंद्र राहू का ग्रहण दोष बन रहा है या चन्द्रमा जिसकी कुंडली में परेशान है उन लोगो को विशेष रूप से चंद्र मंत्र के चंद्र यन्त्र को अपने पूजा कक्ष में नही रखे क्युकी पूजा कक्ष के कपाट तो बंद होते है चंद्र यन्त्र को आप किसी भी पूर्व दिशा के तरफ रख दे उनकी तरफ मुह करके चन्द्रमा के मूल मंत्र को चंद्र ग्रह के मूल मंत्र का जाप अवश्य करे इस मंत्र का जाप करने से चन्द्रमा के दोष से आपको मुक्ति मिलती है मानसिक शांति का आपको अनुभव होता है ये ग्रहण काल के दौरान उन व्यक्तियों को विशेषतौर से करना ही है आप ध्यान रखियेगा जिनकी कुंडली में चन्द्रमा नकारात्मक परिणाम दे रहा है| उन्हें जरुर ये उपाय करने चाहिए| तो चंद्र मंत्र को चन्द्रमा जी के बीज मंत्र का उच्चारण करे चंद्र ग्रहण के दौरान पुरे समय आप चन्द्र यन्त्र के सामने बैठ कर ये कार्य करे इससे चन्द्रमा के दोष से आपको मुक्ति मिलेंगी| और आपके जीवन में आ रही अनर्गल समस्याओं का आपको समाधान मिल जायेंगा| यानि कुछ सावधानिया जो जरुरी थी वो हमने आपको बताई की ग्रहण के काल के दौरान आपको ये चीजो का ध्यान रखना है ये सावधानिया आपको जरुर रखनी है| जो आपके घर में छोटा बच्चा है उसका विशेष रूप उस समय आपको ध्यान रखना है| उसको बाहर नही निकालना है ग्रहण में और छोटे जो बच्चे है जो खेलने की जिद्द करते है या कई बाहर जाने की का करे उनको भो घर से बाहर नही जाने दे| ग्रहण काल के दौरान छोटे बच्चे का विशेषरूप से उसके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान आपको रखना चाहिए क्युकी बच्चो पर और गर्भवती महिलाओं पर उसका बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है| तो ग्रहण काल के दौरान जो सावधानिया थी वो हमने अभी आपको बताई| अब हम आपको बतायेंगे की 12 राशियों पर इस चंद्र ग्रहण का जो की 10 जनवरी 2020 को लगने वाला है उसका क्या प्रभाव पड़ेंगा| Chandra Grahan

12 राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

ग्रहों की स्थिति: चन्द्रमा और राहू उस दिन मिथुन राशि में युति करेंगे चंद्र राहू का ग्रहण रोग उस दिन बन रहा है साथ ही वृश्चिक राशि में मंगल विराजित रहेंगे और धनु राशि में शनि, केतु, गुरु, सूर्य, और बुध ये सभी ग्रह एक साथ युति करके धनु राशि में बैठेंगे और कुभ राशि के अन्दर शुक्र ग्रह विराजित रहेंगे तो ये उस दिन ग्रहों की स्थिति रहेंगी गोचर भ्रमण उस दिन ग्रहों का ये रहेंगा| Chandra Grahan

मेष राशि: मेष राशि वालो पर चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव नही पड़ेंगा| वे इसके दुष्प्रभाव से बचेंगे आपको इसके अन्दर विशेष रूप से मंगल ग्रह के जाप आपको करने चाहिए| ये आपके अधिपति ग्रह है इनके यदि आप जाप करते है तो मेष राशि वालो को विशेष लाभ की प्राप्ति होती है यानि आपके लग्नेश के जाप से आप और अधिक शक्तिशाली होते है| मानसिक रूप से और अधिक फैसले लेने की शक्ति आपकी बढती है| और आप अपने जीवन में सफल रहते है तो इस दिन आप विशेष रूप से मंगल ग्रह के मूल मंत्र का जाप अवश्य करे| Chandra Grahan

वृषभ राशि: वृषभ राशि वालो के लिये ये चंद्र ग्रहण सही नही माना जायेंगा| आपकी राशि पर चंद्र ग्रहण का बहुत ही दुष्प्रभाव हो सकता है इसलिये वृषभ राशि वालो को विशेषरूप से ग्रहण काल के दौरान चन्द्रमा के जाप करने चाहिए| और सफ़ेद वस्तुओ का चंद्र ग्रहण के समय आप कुछ सफ़ेद वस्तुओ को रख लीजिये और चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद में आपको सफ़ेद वस्तुओ का दान करना है| इससे आपके ऊपर जो चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव पड़ा है उसमे आपको विशेष लाभ की प्राप्ति होंगी| Chandra Grahan

मिथुन राशि: आपकी राशि में इस दिन चन्द्रमा खुद विराजित है और राहू के साथ में पहले से ही ग्रहण दोष की स्थिति बना रहे है| इसलिये मिथुन राशि वाले जातको को ग्रहण काल के दौरान सूतक के दौरान घर से बाहर निकलना भी टालना चाहिए| ग्रहण के दौरान आप भोजन का ग्रहण बिलकुल भी नही करे| खासकर चाकू से कटी हुई चीजो का तो बिलकुल उपयोग आपको नही करना है साथ ही इस समय सफ़ेद चीजे एक जगह निकाल लेनी है सफ़ेद दूध, दही, घी, या फिर सफ़ेद दाले उड़द की दाल जो होती है सफ़ेद होती है उसका आप दान कर सकते है, शक्कर का आप दान कर सकते है, सफ़ेद वस्तुओ का सफ़ेद कपड़े का आप दान कर सकते है इस समय सफ़ेद वस्तुओ का दान अपने घर के सभी व्यक्तियों के ऊपर से उन वस्तुओ को फिरा कर उसके बाद में किसी भी जरूरत मंद व्यक्ति को ये चीजे आप दान कर दीजिये| साथ ही ग्रहण काल के समय आप यदि राहू के जाप करते है चन्द्रमा के भी जाप आपको साथ में करने है राहू और चंद्र के ग्रहण योग निवारण यन्त्र को अपने उत्तर दिशा की तरफ रख के और फिर आप उसके सामने बैठ कर उनके जाप कीजिए इससे आपको ग्रहण दोष का प्रभाव भी कम होंगा इस ग्रहण काल का भी आपके जीवन पर दुष्प्रभाव कम होंगा| और चंद्र राहू का जो ग्रहण योग बना हुआ है उससे भी आपको मुक्ति मिलेंगी| Chandra Grahan

कर्क राशि: आपकी राशि में चंद्र ग्रहण का बहुत अधिक प्रभाव नही रहेंगा| फिर भी आप अपने घर से निकलते समय अपने माता पिता का आशीर्वाद ले सूतक काल के दौरान आपको कुछ पीली वस्तुओ का दान अवश्य करना है| और अपने इष्टदेव यानि चन्द्रमा के मूलमंत्र का जाप करते रहना है चन्द्रमा के मूलमंत्र का यदि आप जाप करते है तो इससे आपका लग्न मजबूत होंगा चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से भी आपको मुक्ति मिलेंगी| और ग्रहण के सकारात्मक परिणाम आपको ग्रहण के बाद में देखने को मिलेंगे| तो आप चंद्र ग्रहण के दौरान चन्द्रमा के मूलमंत्र का जाप अवश्य करे| Chandra Grahan

सिंह राशि: सिंह राशि वालो के लिये इस ग्रहण की अवधि का यानि इस चंद्र ग्रहण का कोई भी दुष्प्रभाव नही पड़ेंगा| और ये जो चंद्र ग्रहण जिस अवधि में हो रहा है वो सिंह सूर्य लग्न में ही ये चंद्र ग्रहण हो रहा है तो इसका सकारात्मक परिणाम आपको देखने को मिलेंगा देखिये जब सूतक शुरू हो जाए और उस समय सूर्य देव उदय रहेंगे तो उस समय सूर्य देव को अर्क जरुर दे| और एक सूर्य यन्त्र लॉकेट क्युकी आपके लग्नेश सूर्य देव है तो सूर्य यन्त्र लॉकेट को उस समय आप उससे पहले सूतक की अवधि के दौरान आप खरीद ले| और सूतक की अवधि के दौरान सूर्य के बीज मंत्र के जाप “ॐ गणी सुर्याय नम” का आप जाप करे| उस लॉकेट को सामने रख कर और आप उसके जाप करे और ग्रहण अवधि के दौरान विशेष रूप से आप ये जाप करे| उर उसके ग्रहण काल के दौरान बाद में ग्रहण जब खत्म हो जाये उसके बाद में आप उस सूर्य यन्त्र लॉकेट दुसरे दिन नहा धोकर सूर्यदेव की उपस्थिति में सुबह सूर्य जब उदय होता है| तब उनके सामने अपने गले में लाल धागे के अन्दर धारण कर ले| देखिएगा आपके जीवन के अन्दर ये ग्रहण इतना सकारात्मक रहेंगा और इसके बाद में आपने ये जो लॉकेट धारण किया है इससे आपका लग्न और भी अधिक मजबूत होंगा| आपके जीवन में यदि कोई भी अनर्गल समस्याएं चल रही है तो उसका समाधान आपको मिल जायेंगा आपके जीवन के अन्दर यानि कार्य क्षेत्र में विशेषरूप से यह लॉकेट लाभकारी रहेंगा| Chandra Grahan

कन्या राशि: आपकी राशि पर चन्द्रमा का बहुत गहरा प्रभाव पड़ सकता है| इस ग्रहण का बहुत दुष्प्रभाव आपकी राशि पर पड़ेंगा आपके जो ये ग्रहण काल की अवधि है जो सूतक शूरू हो रहा है इस समय आप कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य बिलकुल भी नही करे| विशेषकर भूमि से जुड़े, जमीन जायदाद से जुड़े यदि आप कोई कार्य करते है तो इस समय आप किसी भी सौदे से बचे साथ ही इस समय आप किसी वाहन का उपयोग आपके घर में यदि दुपहिया वाहन है यदि चारपहिया है तो किसी भी वाहन का उपयोग करके किसी भी स्थान पर नही जाए| हो सके कोशिश करे की लंबी दुरी को आप वाहन से तय नही करके पैदल ही कई पर जाए क्युकी वाहन इस समय धोखा दे सकता है सूतक की अवधि के दौरान वैसे तो घर से निकलना ही टालना चाहिए पर यदि आप निकल भी रहे है तो आप वाहन का प्रयोग नही करे| वो आपको नुकसान पंहुचा सकता है| साथ ही ग्रहण काल के दौरान आपको बुध आपके इष्टदेव मतलब मूल ग्रह लग्नेश आपके बुध है और बुध यन्त्र को आप अपने पूर्व दिशा में रख कर उसके सामने बुध के बीज मंत्रो का जाप अवश्य करे| और ग्रहण की अवधि के बाद में ग्रहण की अवधि जब खत्म हो जाये उसके बाद में आपके पूजा कक्ष में जो भी गणपति जी की मूर्ति है उनको आप पंचामृत से स्नान करवाये वापस साफ जल से उनको धोकर पोच कर उनके ऊपर कुमकुम और अक्षत चढ़ा कर दूर्वा चढाते हुए| “ॐ ग गणपतये नम” का जाप करे और कहे की इस ग्रहण का जो भी दुष्प्रभाव आपके जीवन पर हुआ है उसे गणपति महाराज दूर करे हमारे विघ्नों को दूर करे| ऐसा कहेंगे तो आपके ऊपर जो भी कन्या राशि वालो पर ग्रहण का जो दुष्प्रभाव है वो खत्म हो जायेंगा और गणेश भगवान की कृपा आप पर बनी रहेंगी| Chandra Grahan

तुला राशि: तुला राशि वालो के लिये इस ग्रहण का विशेष प्रभाव नही पड़ेंगा| आपके ऊपर ग्रहण का कोई नकारात्मक परिणाम बहुत ज्यादा देखने को नही मिलेंगा| फिर भी ग्रहण काल के दौरान सूतक काल के दौरान आपको कुछ सावधानिया अवश्य रखनी चाहिए| आपके जो भी गहने है या बहुत ज्यादा आपने गहने पहने हुए है तो आप उनको उतार दे| सूतक काल के समय आपको वो गहने पहने हुए नही रखने है उनको आप एक तरफ रख दे| अपनी तिजौरी के अन्दर रख दे| ग्रहण काल के दौरान वो जो गहने है उसको आप निकाले और उसके सामने आप शुक्र के मूल मंत्र का आप जाप करे| और उसके बाद में उस गहने को ग्रहण काल के बाद में गंगा जल छिडक कर उसके बाद में आप उसको धारण कर सकते है या फिर अपनी तिजौरी में रख सकते है| ये उपाय आपको अवश्य करना चाहिए| जिससे आपके ऊपर ग्रहण का कोई दुष्प्रभाव है आप पर लक्ष्मी की जो कृपा प्राप्ति कम हो रही है वो खत्म हो जाएँगी माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद आपको मिलेंगा| उनकी कृपा बरसेंगी और और आपके गहने में दुगनी वृद्धि होंगी| हमेशा आपकी तिजौरी गहनों भारी पड़ी रहेंगी| तो ये उपाय तुला राशि वालो को जरुर करना चाहिए|Chandra Grahan

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालो के लिये इस चंद्र ग्रहण का बहुत ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेंगा| थोड़ी सी सावधानी वृश्चिक राशि वालो को इस चंद्र ग्रहण के दौरान रखनी पड़ेंगी आपकी राशि में आपके मंगल ग्रह विराजित है यानि वह स्वराशि के होकर उस दिन बैठ रहे है आपकी राशि में ही वो विराजित हो रहे है तो लग्नेश के विराजित होने से आप थोड़े से मजबूत तो होंगे परन्तु इस चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव आपके ऊपर भी पड़ सकता है| इसीलिये ग्रहण की अवधि के दौरान जो ग्रहण की अवधि आपके आएंगी उसके दौरान आपको भगवान हनुमान जी की पूजा आराधना करनी है| एक मूंगा हनुमान को आपको अपने पूजा कक्ष में ग्रहण की अवधि के बाद में स्थापित करना है|क्युकी ग्रहण काल के दौरान तो हम किसी भी भगवान बाहर नही निकाल सकते है उससे भगवान पर भी ग्रहण का असर पड़ता है| इसीलिये ग्रहण की अवधि के बाद में आप ग्रहण काल के दौरान मंगल के बीज मंत्रो का जाप कीजिए| हनुमान जी के बीज मंत्रो का जाप कीजिए| हनुमान जी के जो नाम है उनको आपको बार बार सभी नाम को उच्चारित करते हुए जाना है| और हनुमान चालीसा का आपको पाठ अवश्य इस ग्रहण काल के दौरान करना है| ग्रहण की अवधि जब ख़त्म हो जाये तो आप एक मूंगा हनुमान खरीद लीजिये| उनको घर पर लाइए उनको गंगा जल से स्नान करवाइए साफ़ पानी से वापस धोइए पोछिये और पूजा कक्ष में स्थापित कर दीजिये| इससे ग्रहण का जो भी दुष्प्रभाव आपके जीवन पर पड़ा है| आपके शत्रुओ में इससे वृद्धि हो सकती है वो ख़त्म हो जायेंगा क़र्ज़ की जो समस्या से जो आप बहुत लम्बे समय से जुंझ रहे थे| और इस ग्रहण से आपके कर्जे में जो वृद्धि हो सकती है उससे भी आपको मुक्ति मिलेंगी और भगवान बजरंग बलि का आपको साक्षात् आशीर्वाद प्राप्त होंगा| यानि आपके जीवन में सकारात्मक ही सकारात्मक बजरंग बलि जी करेंगे| तो मूंगा हनुमान को अपने घर में लाकर जरुर स्थापित कीजिए| Chandra Grahan

धनु राशि: धनु राशि पर चन्द्रमा की सातवी दृष्टि पड़ रही है| यानि ये ग्रहण जो लगने वाला है 10 जनवरी 2020 को इसका दुष्प्रभाव आपकी राशि पर भी पड़ सकता है| परन्तु बहुत सारे ग्रहों की आपकी राशि में युति हो रही है| शनि, केतु, गुरु, सूर्य, और बुध ये सभी ग्रह इस समय यानि 10 जनवरी को आपकी राशि में आकर विराजित हो रहे है| तो इस समय आपके इस चन्द्रमा की इस सप्तम दृष्टि के कारण जो भी तकलीफे आएंगी| परन्तु मिलेजुले कुछ परिणाम आपको इस ग्रहण के देखने को मिलेंगे| इसीलिये सूतक की अवधि के दौरान आपको थोडा सा अपनी वाणी पर सयम रखना है| उस समय आप जितना कम बोलेंगे| आपके घर में कलह का वातावरण हो सकता है| उस कलह के वातावरण से यदि आप बचना चाहते है| तो आप बिलकुल उस समय आप हो सकता है तो बहुत कम बोले और ग्रहण की अवधि के दौरान आपको मौन व्रत धारण करना है| ग्रहण की अवधि के दौरान आप किसी से बात नही करे| और हाँ एक बात का आप विशेष ध्यान रखे ये ग्रहण जब तक चले तब तक आपको सोना नही है देखिये रात के समय यदि ग्रहण आ रहा है तो हर व्यक्ति इस समय चेष्टा करेंगा की उस समय उनको नींद भी आती है| ये समय ही ऐसा है| पर ग्रहण की अवधि के सोना नही चाहिए| और ग्रहण की अवधि के दौरान आपको गुरु ग्रह के बीज मंत्रो का जाप अवश्य करना है| भगवान के मंत्रो का आपको लगातार जाप करना है| विष्णु भगवान के विशेषरूप से मंत्रो का आप यदि जाप करते है| तो विशेषरूप से फायदा मिलता है| चन्द्रमा की सप्तम दृष्टि का भी दुष्प्रभाव आप पर नही पड़ता है और इतने सारे ग्रहों के बैठने के कारण जो मिलेजुले परिणाम आपको अपने जीवन में देखने को मिल रहे है| वो भी खत्म हो जायेंगे और सकारात्मक परिणाम आपको मिलना शुरू हो जायेंगे| Chandra Grahan

मकर राशि: आपकी राशि का ग्रहण का बहुत ही दुष्प्रभाव इस चंद्र ग्रहण के कारण देखने को मिल सकता है| इसीलिये आपको अपने ईष्ट देव यानी शनि देव की पूजा आराधना करनी चाहिए| पूजा आराधना का हमारा मतलब ये नही है की ग्रहण के समय आप शनि भगवान की मूर्ति के सामने बैठ कर पूजा आराधना करे| शनि के बीज मंत्रो का आप जाप करे काली वस्तुओ का दान इस दिन सूतक लगने के बाद में आपको करना है काली वस्तुओ का दान करे सरसु के तेल का एक दीपक काले तिल डाल कर जरुर जला ले ग्रहण की अवधि के दौरान आप ये कार्य करे और शनि भगवान के बीज मंत्र का जाप करे अगर आप ये करते है तो निश्चिततौर पर ग्रहण का जो दुष्प्रभाव पड़ रहा है शनि देव की कृपा से वो दुष्प्रभाव खत्म हो जायेंगे| और जीवन में मंगल ही मंगल होंगा| जो अनर्गल समस्या आपके जीवन में आ सकती है देखिये विशेष रूप से मकर राशि वालो को अपने कार्य क्षेत्र में समस्याएं झेलनी पड़ सकती है आपके अगर व्यापारिक स्थल है, या आपका कोई ऑफिस का स्थल है वहा पर भी आप एक सरसों के तेल का दीपक अवश्य लगाये काले तिल डाल कर घर पर तो लगाना ही है वहा पर भी लगाये तो आपके जीवन में आ रही समस्याएं दूर होंगी| Chandra Grahan

कुभ राशि: आपकी राशि में पहले से ही शुक्र ग्रह विराजित हो रहे है| और चन्द्रमा का चंद्र ग्रहण जो लग रहा है इस वजह से चंद्र और शुक्र का दोष भी आपकी राशि में उत्पन्न हो सकता है| तो उस दिन चन्द्रमा के इस ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिये आपको शनि ग्रह की पूजा आराधना अवश्य करनी है और सफ़ेद वस्तुओ का दान करना है माँ दुर्गा के 9 रूपों का आपको ध्यान करना है और दुर्गा के 9 रूपों का आपके बीज मंत्रो का आप लगातार जाप करते रहे पहले से लेकर नवदुर्गा के 10 महाविद्या के भी बीज मंत्र का आप जाप कर सकते है देखिये ग्रहण की अवधि बहुत ही काम की होती है दुष्प्रभाव ग्रहण का हमेशा रहता है परन्तु इसको हम सकारात्मक में बदल सकते है| यदि आप उस समय ग्रहण के समय कुछ विशेष मंत्रो का जाप करे तो आपको दुर्गा के बीज मंत्रो का जाप अवश्य करना चाहिए| नवदुर्गा का ध्यान करना चाहिए 10 महाविद्या का आव्हान करना चाहिए| इससे आपकी शक्ति में वृद्धि होंगी जो चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव है वो भी ख़त्म होंगा और आपके जीवन में आ रही समस्याओं को माँ दुर्गा दूर करेंगी| Chandra Grahan

मीन राशि: आपकी राशि पर ग्रहण का बहुत अधिक दुष्प्रभाव नही देखने को मिलेंगा| यानि इसका सकारात्मक परिणाम ही आपको ग्रहण का मिलने वाला है| तो सूतक काल के समय आपको पीली वस्तुए पीली दाले, पीला अनाज जो भी है पीली वस्तुओ का दान करना है इन वस्तुओ का यदि आप दान करते है तो आपके लिये विशेष फलकारी रहता है| एक सरसों का जो पेड़ होता है उस सरसों के पेड़ को भी आप किसी जगह पर जाकर सूतक काल के दौरान आप अपने घर से बाहर आप इसको लगा ले और उसको जल से सीचे यदि आप ऐसा करते है तो भी ग्रहण का प्रभाव आपके ऊपर कम पड़ता है साथ ही ग्रहण काल के दौरान आपको गुरु यन्त्र लॉकेट सिद्ध करना है इसको सिद्ध करने के लिये गुरु के बीज मंत्रो का जाप करन है और आपके इष्टदेव कोई भी गुरु जो आपने बना रखे है उन गुरुओ का भी आपको मन में ध्यान करना है और ग्रहण की अवधि खत्म हो जाये उसके बाद में गुरूवार जो भी आता है उस दिन आपको इस लॉकेट को अपने गले में धारण करना है इससे आपका लग्नेश शक्तिशाली बनेगा| आपके जीवन में जो भी चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव है वो खत्म हो जायेंगा| और चंद्र ग्रहण की जो सकारात्मकता जो आपके लिये सकारात्मक हो सकता है वो ये ग्रहण करेंगा| और इस लॉकेट के धारण करने से आपके जीवन में जो भी अनर्गल समस्या आ रही है वो खत्म हो जाएँगी यदि आप विवाह के सुख से वंचित है, यदि आपको कोई अच्छा जीवनसाथी नही मिल रहा है तो भी आप इस लॉकेट को धारण करते है मीन राशि वाले तो जल्दी ही आपके विवाह में आ रही बाधाए दूर होंगी| Chandra Grahan

तो ये कुछ ग्रहण के दौरान आपको उपाय करने चाहिए| सावधानिया रखनी चाहिए| सभी राशि के हिसाब से हमने अलग अलग सावधानिया रखने को कहा है| देखिये ग्रहण को हम चाहे तो सकारात्मक रूप में भी ले सकते है| उनके सकारात्मक परिणाम भी हम प्राप्त कर सकते है| बस ये तो हमारे ऊपर निर्भर करता है की हम ग्रहण की अवधि में ऐसा क्या करे की इस ग्रहण काल का दुष्प्रभाव हम पर नही पड़े| और सकारात्मक परिणाम मिले| इसीलिये हमने आपको आपके राशियों के हिसाब से उपाय बताये है| आपको इन उपायों को जरुर अपनाना चाहिए| उसके बाद में आपके जीवन में मंगल ही मंगल होंगा| Chandra Grahan

RELATED PRODUCT

Nidhi Shrimali

About Nidhi Shrimali

Astrologer Nidhi Shrimali is most prominent & renowned astrologer in India, and can take care of any issue of her customer and has been constantly effective.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *