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Chaitra Navratri 2020 – नवरात्री घट स्थापना एवं कलश स्थापना पूजा विधि और उपाय 

नवरात्री घट स्थापना एवं कलश स्थापना पूजा विधि और उपाय 


Chaitra Navratri 2020

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माँ लक्ष्मी जी का हाथ हो,सरस्वती जी का साथ हो,

गणेश जी का निवास हो, और माँ दुर्गा के आशीर्वाद से,

आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो|

श्रीमती निधि जी श्रीमाली जी के अनुसार जैसा ही आप सब जानते है इस वर्ष चैत्र नवरात्री 25 मार्च से लेकर 02 अप्रैल तक चलेंगी| चैत्र नवरात्री के दिन सूर्य का राशि परिवर्तन होता है| सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है| और उसका प्रभाव सभी राशियों पर समान रूप से दिखाई देता है चैत्र नवरात्री के दिन पितामह ब्रह्मा ने स्रष्टि की सरचना की थी अतः हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र प्रतिपदा के दिन नव वर्ष का शुभारम्भ माना जाता है| चैत्र नवरात्री के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने अपना पहला मतस्य अवतार लेकर पृथ्वी की संरचना की थी| एवम चैत्र नवरात्री के अंतिम दिन भगवान विष्णु ने भगवान राम के रूप में अवतार धारण किया था| अतः चैत्र प्रतिपदा चैत्र नवरात्री का बहुत ही विशेष महत्व है और इन सभी कारणों के कारण चैत्र नवरात्री का महत्व और अधिक बढ़ जाता है| चैत्र नवरात्री के पूजन की शुरुआत घट स्थापना से की जाती है| Chaitra Navratri 2020

इस वर्ष घट स्थापना का शुभ मुहर्त

घट स्थापना मुहर्त – सुबह 06 बजकर 19 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक रहेंगा|

अब हम आपको बतायेंगे की चैत्र नवरात्री के प्रथम दिन विधिवत माँ दुर्गा का आव्हान हम किस प्रकार करे| सर्वप्रथम नवरात्री के प्रतिपदा के दिन शुभ मुहर्त में जो हमने आपको अभी बताया उस मुहर्त में एक बाजोट रख ले अपने पूजा कक्ष के अन्दर और उस बाजोट पर लाल कपडा बिछा दे, उस लाल कपड़े पर चावल के 09 खंड बना दे| ये 09 खंड 09 ग्रहों के प्रतीक है अतः इन खंडो को अवश्य बना ले| इन 09 खंडो के ऊपर एक ताम्बे के कलश को स्थापित कर दे| फिर उस कलश के अन्दर हम गंगा जल या शुद्ध जल डाल दे| उसके अन्दर कुमकुम, रोली, मोली, एवम अक्षत भी डाल दे, एवम लाल पुष्प डाल दे| अब इस कलश को उस 09 खंड पर स्थापित कर दे| उस कलश के ऊपर एक लाल वस्त्र लपेटे और उस पर हमे एक श्री फल स्थापित करना है| उस श्रीफल के नीचे अशोक के पत्तो को चारो तरफ दबा दे| यह कलश स्थापित करने के बाद में घट स्थापना विधिवत तरीके से हो जाती है| Chaitra Navratri 2020

जो व्यक्ति नवरात्री के व्रत और दुर्गा सप्तसती का पाठ करते है उन्हें एक मिट्टी के पात्र में जौ बोह लेने चाहिए यह मान्यता है की जिस तरह से जौ पनपते और बढ़ते है उसी तरह से हमारी घर की खुशहाली में वृद्धि करते है| उसके पश्चात् हमे एक अष्ट धातु की दुर्गा की मूर्ति को हमारे पूजा कक्ष में स्थापित कर देना है| अगर आपके पूजा कक्ष में वो पहले से स्थापित है तो कोई समस्या नही है आप उसे गंगा जल से या पंचामृत में स्नान करा के उसे पवित्र करके वापस शुद्ध जल से स्नान करा के अपने पूजा कक्ष में रख दे| अगर नही है तो नई अष्ट धातु की दुर्गा की मूर्ति ले और उसे अपने पूजा कक्ष में स्थापित करना है| उसे भी पंचामृत और गंगा जल से स्नान करवाना है फिर वापस शुद्ध जल से स्नान करवा के उसे अपने पूजा कक्ष में रखना है| उसके पश्चात् आपको उसके साथ ही अगर आपको नवरात्री में नवग्रहों का आशीर्वाद चाहिए और नौ दुर्गाओ का भी आशीर्वाद चाहिए| तो आपको नवदुर्गा यन्त्र की स्थापना अवश्य करनी चाहिए| यह स्थापना अगर आप नवरात्री में करते है तो यह यन्त्र आपको विशेष फलदायी 100 गुणा 09 माताओ के एक साथ आशीर्वाद के साथ 100 गुणा फलदायी रहता है| उसके पश्चात् आपको एक बाजोट पर उस दुर्गा को उस नवग्रह यन्त्र को स्थापित करने के बाद में उन पर अक्षत, कुमकुम, रोली, मोली, चावल, और नेवेध्य माँ को रख देना है| माँ को चढ़ा देना है| एक लाल आसन पर आपको बैठ कर ये सारी प्रक्रिया करनी है| और फिर आपको नवरात्री की विधिवत पूजा आरम्भ करनी है| 09 साधना के सम्पूर्ण काम में 09 दिनों तक शुद्ध देसी घी की अखंड ज्योत प्रज्वलित करनी चाहिए| ये ध्यान रहे की ये ज्योत 09 दिनों में बुझनी नही चाहिए यह अखंड रूप से 09 दिनों तक चलती रहनी चाहिए| अगर आप कामकाजी महिला है या आपके घर के अन्दर कोई बड़े बुजुर्ग नही है या आपको घर से बाहर जाना पड़ता है| आप उस ज्योत का अगर ध्यान नही रख पाए अगर आप इस ज्योत को नही जलाएंगे तो भी चलेंगा| परन्तु ये बीच में खंडित होना बहुत ही अशुभ माना जाता है अतः अगर आप इस कार्य को कर पाए या आप घर में रहे| और इस कार्य को कर सकते है आसानी से तभी आप इस अखंड ज्योत को जलाए वरना इसको प्रजवलित नही करे| Chaitra Navratri 2020

नवरात्री के 09 दिनों में आपको दुर्गा सप्तसती एवम अर्घला कवच का ध्यान और पाठ जरुर करना चाहिए| 09 दिनों के अन्दर नवदुर्गाओ का ध्यान करे नवमी और अष्टमी के दिन आपको 1 से 10 वर्ष तक की कन्याओ को घर पर बुलाना चाहिए| और उनका कन्या पूजन करना करना चाहिए उन्हें भोजन करवाना चाहिए| और उन्हें तृप्त करना चाहिए इससे ये मान्यता है की आपको 09 दुर्गाओ का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है| एवम वो कन्या आपको आशीर्वाद देती है| तो इससे सीधा 09 दुर्गाओ का आशीर्वाद आपको मिलता है| इसी के साथ में आपको एक भेरव की भी पूजा करनी चाहिए और उसे भी आपको नेवेध्य, प्रसाद, और जो भोजन आपने बनाया है जो उन्हें खिलाना चाहिए| उसके साथ ही आपका ये नवरात्री का 09 दिनों का महापर्व समाप्त होता है| उस दिन आप कन्या पूजन के साथ विधि विधान से उसका उद्यापन करना है| एवम विजय दशमी के दिन ये जो भी पूजन सामग्री है जो 09 दिन में आपने काम में ली है और 09 खंड बनाये चावल से ये जितनी भी पूजन सामग्री है उसको आपको पवित्र जलाशय या तालाब में विसर्जित कर देना चाहिए| Chaitra Navratri 2020

माँ दुर्गा की आसान साधना,और पाये लक्ष्मी, सुख,शांति

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लाल रंग की चुन्दरी से सजा माँ का दरबार,

हर्षित हुआ मंन पुलकित हुआ संसार,

नन्हे नन्हे कदमों से माँ आये आपके द्वार,

मुबारक हो आपको नवरात्री का ये त्यौहार

जैसा की आप जानते है पहले हमने आपको चैत्र नवरात्री के बारे में आपको बताया उसके घट स्थापना के मुहर्त के बारे में और हम घट स्थापना किस प्रकार करे उसके बारे में हमने आपको बताया उसके अलावा हमने नवरात्री के 09 दिन पूजन करने की विधि के बारे में बताया की आपको किस प्रकार पूजा और पाठ करना चाहिए इसी कड़ी में आज हम आपको नवरात्री के 09 दिन 09 दुर्गाओ का आव्हान किस प्रकार करे| प्रत्येक दिन कौनसी दुर्गा की पूजा आराधना करे और उसे कोनसा नेवेध्य अर्पित करे जो हमारी जिंदगी को और भी सुखमय और परिपूर्ण बना सके| इसी के साथ में हम आपको ये भी बतायेंगे की हम नवरात्री के इस 09 दिनों के अन्तराल के दौरान ऐसे कोनसे सरल उपाय करे जिससे हमारे जीवन में आ रही हर बाधा का निवारण हो जाए| और हमे माँ दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हो| नवरात्री का 09 दिनों का जो महापर्व होता है वह महापर्व अत्यन्त ही फलदायी और सुखदायी होता है| इस फल के अंतर्गत किये जाने वाले कोई भी शुभ कार्य कोई भी शुभ मंगल आराधनाये एवम कोई भी हमारे जीवन में आ रही बाधाओ का निवारण जो हम करते है वो अवश्य ही माँ दुर्गा के 09 रूपों के आशीर्वाद से हमको अत्यन्त फलदायी और अत्यन्त ही सुगम सिद्ध और शुभ फल प्राप्त करने वाले हो| Chaitra Navratri 2020

सर्वप्रथम चैत्र नवरात्री के प्रथम दिन यानि 25 मार्च को प्रतिपदा के दिन घट स्थापना तथा माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है| इस दिन योगीजन अपने मन को मुलाधान चक्र में स्थापित करते है और अपनी योग साधनाए प्रारंभ करते है| इस दिन पंचामृत अर्पित करने से हमे रोगों से मुक्ति मिलती है| Chaitra Navratri 2020

26 मार्च नवरात्री के दुसरे दिन ब्रहमचारी माँ की पूजा की जाएगी इस दिन इनकी पुजा-आराधना से मनुष्य की वेदा तप त्याग सदाचार में वृद्धि होती है इस दिन चीनी का भोग लगाने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है!

27 मार्च नवरात्री के तृतीय दिन माता चंद्रघंटा की पुजा की जाएगी इनका स्वरुप शांतिदायक और परम कल्याणकारी होता है इस दिन मनुष्य अपने सभी दुखो से मुक्त होकर परम पद का अधिकारी बन सकता है इस दिन दूध अर्पित करने से हमारे सभी कष्टों का निवारण हो जाता है

28 मार्च नवरात्री के चतुर्थ दिन माँ कुष्मांडा की पुजा की जाएगी माता कुष्मांडा अपनी हल्की और मंद मुस्कान के कारण ब्रमाण्ड की सरचना और उत्त्पति के कारण इनका नाम माँ कुष्मांडा बना इनकी उपासना से अतिव्याग्रह से मनुष्य मुक्त हो प्रगति सुख-समृधि और उन्नति प्राप्त करता है| इस दिन मालपुए का भोग लगाने से मनुष्य के सारे विघ्न दूर होते है| Chaitra Navratri 2020

29 मार्च नवरात्री के पंचमी के दिन स्कंदमाता की पूजा की जाएँगी| भगवान स्कंद अर्थात भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा| इस दिन इनकी उपासना से हमारी बाहरी वृतियो का और बाहरी आडम्बरो का लोप हो जाता है| मधु अर्पण करने से इस दिन हमें सुन्दरता की प्राप्ति होती है| और हमारी सुन्दरता में वृद्धि होती है|

30 मार्च को नवरात्री के षष्ठी के दिन माँ कात्यायनी देवी की उपासना की जाएँगी| माँ कात्यायनी देवी की उपासना से विवाह में आ रही बाधाये दूर होती है| और वैवाहिक जीवन और भी अधिक सौम्य और मधुर बनता है| इस दिन आपको गुड़ का भोग लगाना चाहिए| इससे हमें सभी शोकों से मुक्ति मिल जाती है|

31 मार्च को नवरात्री के सप्तमी के दिन माँ महाकाली की उपासना की जाएँगी| माँ महाकाली शत्रुओ का विनाश करने वाली देवी है| इस दिन माँ महाकाली की पूजा करने से हमारे सभी शत्रुओ का विनाश हो जाता है| Chaitra Navratri 2020

01 अप्रैल को नवरात्री के अष्टमी के दिन माँ महागौरी की उपासना की जाएँगी| और माँ महागौरी हमारे अखंड सौभाग्य में वृद्धि करती है| इस दिन नारियल का भोग लगाने से हमारे सभी संताप दूर हो जाते है|

02 अप्रैल को नवरात्री के नवमी के दिन माता सिद्धिदात्री देवी की पूजा की जाएँगी| माता सिद्धिदात्री देवी सभी सिद्धियों को देने वाली है| इस दिन की गई सारी सिद्धियों को सिद्धि और साधनाए पूर्ण हो जाती है| और उन्हें माता सिद्धिदात्री देवी का वरदान प्राप्त होता है| और हमारी सभी मनोकामनाये पूर्ण होती है| इसी के साथ में नवरात्री की नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था| अतः यह रामनवमी के दिन के रूप में भी यह दिन मनाया जाता है| इस दिन धूम धाम से भगवान राम की पूजा की जाती है| उन्हें नेवेध्य चढ़ाया जाता है| एवम भगवान राम का आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होता है| इस दिन हलवे का भोग लगाने से लोक और परलोक दोनों में मनुष्य सुखी हो जाता है| और हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है| Chaitra Navratri 2020

03 अप्रैल को विजयदशमी के दिन के उपलक्ष्य के रूप में मनाया जाता है| इस दिन 09 दिनों तक 09 दुर्गाओ का जो हमने आव्हान किये है उससे जुडी जो भी पूजा सामग्री है या हवंन सामग्री है उसको हमें किसी पवित्र जलाशय या तालाब में विसर्जित कर देना चाहिए|

अब हम आपको बतायेंगे की हम नवरात्री के इन 09 दिनों के अंतर्गत हम ऐसी कौनसी पूजा आराधना साधनाए अथवा ऐसे कौनसे छोटे छोटे विशेष उपाय करे जिससे हमारे जीवन में आ रही बाधाये कठिनाइयां दूर हो और हमारे जिंदगी में नवदुर्गा के आशीर्वाद से शक्ति, समृधि, और साम्तव का संचार हो| Chaitra Navratri 2020

नवरात्री के 09 दिनों के अंतर्गत किये जाने वाले विशेष उपाय

  • आपको नवग्रह चौकी नवरात्री के 09 दिन के अंतर्गत किसी भी दिन अगर आप प्रतिपदा के दिन स्थापित करे तो बहुत अच्छा रहेंगा अन्यथा किसी भी दिन आप इस नवग्रह चौकी को स्थापित कर सकते है| इस नवग्रह चौकी से ना केवल आपके 09 ग्रह से जुड़े जो भी दोष है उनसे आपको मुक्ति मिलेंगी| और नवग्रह का आपको आशीर्वाद मिलेंगा साथ ही नवदुर्गा का भी इसमें आपको आशीर्वाद सम्मिलित मिलेंगा| इस नवग्रह चौकी को स्थापित करके आपको यह मंत्र का उच्चारण करना है| Chaitra Navratri 2020

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते|

इस मंत्र का आप कम से कम 108 बार जाप करे| और इसको 09 दिन तक इस जाप को लगातार करे आप देखिएगा आपके नवग्रह से जुड़े जो भी दोष होंगे उन दोषों से आपको मुक्ति मिलेंगी| और आपके अन्दर एक नही स्फूर्ति और नई शक्ति का संचार होंगा| Chaitra Navratri 2020

  • नवरात्री के 09 दिनों के अंतर्गत किसी भी दिन अगर आप षष्ठी के दिन यह उपाय करे तो बहुत अच्छा रहेंगा| अन्यथा आप किसी भी दिन ये उपाय कर सकते है 09 दिनों के अंतर्गत आप जिनकी विवाह में कठिनाई आ रही है, या विवाह करने की इच्छा है परन्तु घर वाले राजी नही हो रहे है प्रेम विवाह नही हो पा रहा है| या घर वालो के मर्जी से भी विवाह करना चाहते है और अपने मनवांछित जीवन साथी उनको नही मिल रहा है| तो उसके लिये यह उपाय करना सर्वक्षेष्ठ माना जायेंगा| आपको विवाह बाधा निवारण यन्त्र स्थापित कर देना है| और विवाह और माता कात्यायनी का कोई भी बीज मंत्र आप लेले और उसका आपको जाप करना है यह आपके विवाह में आ रही बाधाओ का निश्चिततौर पर निवारण करेंगा| और आपको अपने लायक सुयोग्य वर या वधु की प्राप्ति हो जाएँगी| और आपको एक अच्छा जीवन साथी मिल जायेंगा|
  • नवरात्री के 09 दिनों के अंतर्गत आप जैसा जानते है की दक्षिणावर्ती शंख या पंच धातु से बना शंख माँ लक्ष्मी जी का अनुचर सहोधर या अनुज माना गया है वो शंख आपको नवरात्री के 09 दिनों के अंतर्गत किसी भी दिन आपको वो शंख स्थापित कर देना है| वह शंख स्थापित करके आपके हाथ में चावल लेने है और लक्ष्मी जी का कोई भी बीज मंत्र आपको बोलना है| उस बीज मंत्र को आपको 108 बार करीबन एक माला फेरनी है जितना हो सके उस बीज मंत्र को दोहराना है| तब तक वो चावल आपके हाथ में ही रहने चाहिए| फिर उस चावल को आपको शंख के अन्दर डाल देना है| और उस शंख को आपके लक्ष्मी जी के पास में पूजा कक्ष में स्थापित कर देना है| इस शंख को स्थापित करने से लक्ष्मी जी का विशेष आशीर्वाद आपको मिलेंगा| आपके सभी दुखो और सभी चिन्ताओ का समन हो जायेंगा| और आपके घर में सुख शांति और समृधि और खास कर स्थाई लक्ष्मी का निवास होंगा| और आपको माँ लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होंगा| Chaitra Navratri 2020
  • अब हम आपको एक ऐसा उपाय बतायेंगे जो आपके रोगों का समन करेंगा आपके जिंदगी के हर मोड़ को हर शंका को हर समस्या के समाधान में वह कारगर सिद्ध होंगा| वह है श्री यन्त्र नवरत्न की श्री यन्त्र कवच यह कवच अगर आप धारण करते है नवरात्री के दौरान तो आपके इस कवच में श्री यन्त्र के साथ साथ तीन चार यन्त्र शत्रुओ पर विजय प्राप्ति का बगलामुखी यन्त्र, महामृत्युंजय यन्त्र, तीन चार यन्त्र इस यन्त्र में सम्मलित है| इसके साथ ही इसके चारो और नवरत्न भी लगे हुए है| जो की नवग्रह से जुडी तकलीफों को और नवग्रह से जुडी समस्याओं को निदान करते है साथ ही लक्ष्मी प्राप्ति भी करवाते है| रोगों से मुक्ति दिलवाते है| साथ ही शत्रुओ पर विजय प्राप्ति तथा आपके जीवन में आ रही हर बाधाओं का वो निवारण करते है| यह बहुत ही चमत्कारिक कवच है| अगर आप नवरात्री में इस कवच को माँ दुर्गा का आव्हान करते हुए और माँ दुर्गा की उपासना करते हुए आप इसको सच्चे मन से धारण करते है| तो आपके जीवन की किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का आपको समाधान मिल जायेंगा| और आपको इस कवच से विशेष लाभ की प्राप्ति होंगी| आपके जीवन में आ रही हर तरह की बाधा निवारण हो जायेंगा| Chaitra Navratri 2020
  • यदि आप घट स्थापना नही कर पाते है| नवरात्री के 09 दिनों में लगातार आप दुर्गा सप्तसती का पाठ नही कर पाते है| व्रत नही कर पाते है| या 09 कन्याओ का पूजन नही कर पाते है| उनके लिये हम एक बहुत ही सरल मंत्र लेकर आये है| यह मंत्र सबसे सिद्ध और 09 दिनों के अंतर्गत अगर आप इस मंत्र का रोज उच्चारण करते है निश्चित ही नवदुर्गा का आशीर्वाद आपको मिलेंगा| यह मंत्र है –

ॐ ऐ ही क्ली चामुण्डायै विच्चे

यह मंत्र माँ दुर्गा का बीज मंत्र है इस मंत्र का जाप आपको 09 दिनों के अंतर्गत करना है| निश्चित ही आपको माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होंगा| और आपके जीवन में नई शक्ति, और ऊर्जा का संचार होंगा| Chaitra Navratri 2020

नवशक्ति नव आराधना नवरात्री के पावन पर्व

पर पूरी हो आपकी हर मनोकामना

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