Blog

Pisces मीन राशिफल 2019

|मीन राशिफल | 2019 Pisces 2019- जिन जातको के नामाक्षर  “ डी ,डु ,द ,झ ,य,दे ,दो ,चा ,ची , “ से  शुरू होते है तथा जिनका जन्म पूर्व भद्रा पद , उत्तरा भद्रा पद , नक्षत्रों में होता है उनकी राशि मीन  है | जातक वाक् पटु तथा सौम्य स्वभाव के होते है | […]

Aquarius कुम्भ राशिफल 2019

|कुम्भ राशिफल | 2019 Aquarius 2019- जिन जातकों के नामाक्षर “ गू ,गे ,गो ,सा,सी ,सू ,से ,सो तथा द  से शुरू होते है तथा जिनका जन्म धनिष्ठा , शतभिषा तथा पूर्वाभाद्रपद में होता है उनकी राशि कुम्भ होती है | कुम्भ राशि के जातक मानवतावादी होते है यानि दुसरो की सेवा करने वाले होते […]

Capricorn मकर राशिफल 2019

|मकर राशिफल | 2019 Capricorn 2019- जिन जातको के नामाक्षर ” भो , जा, जी , खि, खु , खे,खो , गा,गी ” होते है तथा जिनका जन्म उत्तराषाढ़ , श्रवण तथा धनिष्ठा नक्षत्र में होता है उनकी राशि मकर होती है | मकर राशि के जातक  रहस्यमयी व्यक्तित्व वाले होते है ऐसे जातक वाचाल […]

Sagittarius धनु राशिफल 2019

|धनु राशिफल | 2019 Sagittarius – जिनके नामाक्षर ये , यो, भ ,भी भू ,धा , फा , ढा ,भे अक्षरों से शुरू होते है तथा जिनके नक्षत्र मूला , पूर्वाषाढ़ा तथा उत्तरा षाढ़ा होते है वे धनु राशि वाले जातको की श्रेणी में आते है | धनु राशि वाली जातक बनावट से दूर रहने […]

Scorpio वृश्चिक राशिफल 2019

|वृश्चिक राशि | 2019 Scorpio 2019 – जिन जातको के नामाक्षर “ तो , ना,नी ,नू ,ने,नो,या,यी,यू  “ से शुरू होते है तथा जिनके नक्षत्र विशाखा , अनुराधा , ज्येष्ठा होते है उनकी राशि वृश्चिक होती है | वृश्चिक राशि के जातक मन से दयालु होते है , नरम होते है , दृढ़ भी , […]

Virgo कन्या राशिफल 2019

| कन्या राशिफल  | 2019 Virgo – जिनके नामाक्षर टो ,पा ,पी ,पू ,पे ,पो ,ष ,ण ,ठ हो एवं जिनके नक्षत्र उतरा फाल्गुनी , हस्त हो उनकी राशि कन्या होती है | कन्या राशि का 2019 वर्ष अच्छे परिणाम की और अग्रसर हो रहा है | करियर में इस वर्ष आपको उन्नति के कई […]

Leo सिंह राशिफल 2019

| सिंह राशिफल | 2019 Leo – जिनके नामाक्षर मा ,मी ,मू ,मे ,मो ,टा ,टी ,टू ,टे से शुरू होते है तथा जिनका  नक्षत्र मघा ,पूर्वा फाल्गुनी उतरा फाल्गुनी होता है उनकी राशि सिंह होती है | सिंह राशि के जातकों के लिए यह वर्ष मिश्रित फल लेकर आ रहा है | करियर में […]

Libra तुला राशिफल 2019

| तुला राशि  | 2019 Libra – जिनके नामाक्षर र ,री ,रु,रे,रो,ता,ती ,तू,ते से सुरु होते है | एवं जिनके नक्षत्र चित्रा , स्वाति एवं विशाखा होते है वे तुला राशि के जातक होते है | तुला राशि के जातक निष्पक्षता रखने वाले हसमुख प्रवृति के ये व्यक्ति जिस किसी को अपना मित्र मान लेते […]

Cancer कर्क राशिफल 2019

| कर्क राशिफल | 2019 Cancer – जिनके नामाक्षर ही , हु , है , हो , डा , डी , डू , डे , डो से शुरू होते है वे कर्क राशि के जातको की श्रेणी में आते  है एवं इनके नक्षत्र पुनर्वसु , पुष्य , अश्लेषा होते है | कर्क राशि जातको के […]

Gemini मिथुन राशिफल 2019

 |मिथुन राशि | 2019 Gemini जिनके नामाक्षर “ का ,की ,कु ,घ , ड , च ,के ,को ,ह “ होते है उनकी राशि मिथुन होती है तथा नक्षत्र मृगशिरा , आद्रा और पुनर्वसु होते है |  मिथुन राशि वालों को इस वर्ष करियर व् व्यवसाय में आकस्मिक लाभ प्राप्त होंगे | अपने कार्यस्थल में […]

Taurus वृषभ राशिफल 2019

| वृषभ राशिफल | 2019 Taurus’ जिनके नामाक्षर इ ,उ ,ए ,ओ ,वा , वी , वि , वू ,वे ,वो से नाम प्रारम्भ होता हो उनकी राशि वृषभ होती  है | इस राशि के नक्षत्र कृतिका , रोहिणी और मृगशिरा होते है | वृषभ राशि के जातको के लिए यह वर्ष औसत रहेगा | […]

Aries मेष राशिफल 2019

| मेष राशिफल |  2019 Aries मेष राशि यानि जिनके नामाक्षर चु ,चू , चे ,चो ,ला ,ली ,लू ,ले ,लो ,अ से नाम प्रारम्भ होता है तथा जिनका जन्म अश्विनी , भरणी या कृतिका नक्षत्र में हुआ हो , उनकी राशि मेष राशि होती है  | मेष राशि के जातको को 2019 मिले जुले […]

Dhanteras Festival of Wealth

  CONNECT WITH US AT SOCIAL NETWORK:-    

Sharad Purnima शरद पूर्णिमा 2018 – महत्व, तिथि और पूजा की विध‍ि

|शरद पूर्णिमा |  शरद पूर्णिमा आ गई, लेकर यह संदेश तन मन आंगन गेह का करो स्वच्छ परिवेश शरद पूर्णिमा sharad purnima हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। शारदीय नवरात्र के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। आश्विन शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है। […]

Shradh Paksh श्राद्ध (पितृ पक्ष) की सम्पूर्ण जानकारी तथा तर्पण

| श्राद्ध पक्ष | 24 September 2018 - 08 October 2018   श्राद्ध ( Shradh Paksh ) साधारण शब्दों में श्राद्ध का अर्थ अपने कुल देवताओं, पितरों, अथवा अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करना है। हिंदू पंचाग के अनुसार वर्ष में पंद्रह दिन की एक विशेष अवधि है। जिसमें श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। इन्हीं [...]

Dussehra Vijay Dashmi

Dussehra : Vijay Dashmi बुराई पर अच्छाई का दिन है विजय दशमी Dussehra Vijay Dashmi हिन्दू धर्म में दशहरा अथवा विजय दशमी Dussehra Vijay Dashmi का बहुत ही महत्व है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, झूठ पर सच्चाई की विजय का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष आश्विन मास की दशमी तिथि पर यह अत्यंत शुभ पर्व पूरे भारत […]

Navratri Day 9 Maa Siddhidhatri

|माँ सिद्धिदात्री | दुर्गा का नोवां स्वरूप माँ सिद्धिदात्री Navratri Day 9 Maa Siddhidhatri Navratri Day 9 Maa Siddhidhatri माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना […]

Navratri Day 8 Maa Maha Gauri

| माँ महागौरी | दुर्गा का आठवां स्वरूप माँ महागौरी Navratri Day 8 Maa Maha Gauri Navratri Day 8 Maa Maha Gauri दुर्गा का आठवां स्वरूप माँ गौरी को कहा गया है। दुर्गापूजा के आठवें दिन माँ महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी होती है। माँ महागौरी उपासना से भक्तों […]

Navratri Day 7 Maa Kalratri

|माँ कालरात्रि | दुर्गा का सातवां रूप  माँ कालरात्रि Navratri Day 7 Maa Kalratri दुर्गा का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि है Navratri Day 7 Maa Kalratri । इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा गया हैं। असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने अपने तेज से इन्हें उत्पन्न किया […]

Navratri Day 6 Maa Katyayani

|माँ कात्यायनी | नवरात्रा के छठे दिन होती माँ कात्यायनी की पूजा Navratri Day 6 Maa Katyayani नवरात्र के छठे दिन माँ कात्यायनी Navratri Day 6 Maa Katyayani के स्वरूप की उपासना की जाती है। माता अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती है। ऋषि कात्यायन के घर जन्म लेने पर उनका नाम माता […]

Navratri Day 5 SkandaMata

| माँ स्कंदमाता | नवरात्रा के पांचवे दिन होती हैं माँ स्कंदमाता पूजा Navratri Day 5 SkandaMata नवरात्रि में माँ दुर्गा के नवस्वरूपों की पूजा की जाती है। Navratri Day 5 SkandaMata नवरात्रि के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की पूजा करने का विधान है। भगवान स्कंद की माता होने के कारण देवी को स्कंदमाता कहा जाता […]

Navratri Day 4 Maa Kushmanda

|माँ कुष्मांडा | नवरात्र के चैथे दिन करें माँ कुष्मांडा की पूजा Navratri Day 4 Maa Kushmanda माँ दुर्गा का चतुर्थ रूप माँ कूष्मांडा हैं। अपनी मन्द हंसी से अपने उदर से अण्ड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कुष्मांडा माँ के नाम से जाना जाता है। कुष्मांडा माँ के शरीर की चमक भी […]

Ganesh Chaturthi Festival in India – 2018

| हैप्पी गणेश चतुर्थी | गणपति का रूप निराला है, चेहरा भी कितना भोला-भाला हैं। जब भी आई मुझ पर मुसीबत, उसे गजानंद महाराज ने संभाला हैं। भगवान गणेश के जन्म दिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी ( Ganesh Chaturthi ) के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, […]

Navratri Day 3 Maa Chandraghanta

माँ चंद्रघंटा  Navratri Day 3 Maa Chandraghanta माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि विग्रह के तीसरे दिन माँं चंद्रघंटा ( Navratri Day 3 Maa Chandraghanta ) का पूजन किया जाता है। माँ का यह स्वरूप शांतिदायक ओर कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। इसलिए उन्हे माँ चंद्रघंटा […]

Navratri Day 2 Maa Brahmacharini

मां ब्रह्मचारिणी ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप ( Navratri Day 2 Maa Brahmacharini ) मां दुर्गा की नव शक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यह ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप जातकों को ओर सिद्वों को अंनत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, वैराग्य, सदाचार और संयम […]

Navratri Day 1 Maa Shailputri

 माँ शैलपुत्री नवरात्रि का त्यौहार भारत में बडे ही धूम-धाम से मनाया जाता हैं। ( Navratri Day 1 Maa Shailputri ) नवरात्रि 9 दिनों का एक बडा त्यौहार है। जिसमें देवी नवदुर्गा की पूजा-अर्चना बडे ही उत्साह के साथ की जाती है। नवरात्री एक संस्कृत शब्द है। जिसमें नव का अर्थ है “नौ दिन” तथा […]

Shri Krishna Janmashtami 2018

 | जन्माष्टमी 2018| नंद के घर आनन्द भायो..  जय कन्हैया लाल की ! राधा की भक्ति, मुरली की मिठास, माखन का स्वाद इन्हीं सबसे मिलकर बनता हैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का दिन खास ..   जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2018) पर्व को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप मनाया जाता हैं। यह पर्व पूरी दुनिया में पूर्ण […]

Raksha Bandhan – रक्षा बंधन का महत्व

रक्षा बंधन रक्षाबंधन (raksha bandhan) हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है | सब जानते है की यह  त्यौहार श्रावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है |  यह  भाई-बहन के मध्य प्रेम , रक्षा का प्रतिक है , यह बहन के प्रति भाई के कर्तव्यों को स्मरण करता है | रक्षा बंधन (raksha […]

गुप्त नवरात्री

गुप्त नवरात्रि पर्व प्रारंभ : 13 जुलाई  (शुक्रवार) 2018  सुबह 8 :15  से दोपहर 3:10 तक  शाम 6 :00  से रात्री 9 : 00 तक | समापन : 21 जुलाई  (शनिवार) 2018 | “नवरात्र पूजा विधान” आषाढ़ में आने वाली  नवरात्र , गुप्त नवरात्री  के नाम से  जाने जाते हैं | देश के अधिकतर  स्थानों […]

gayatri mantra ka Mahatva aur Jap ka Samay

गायत्री मंत्र के  जाप का समय TIMING FOR MANTRA JAP :- वैसे तो किसी भी समय गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है लेकिन वेदो के इस सर्वश्रेष्ठ मंत्र का जाप हेतु सर्वश्रेष्ठ पहला समय प्रातःकाल यानि ब्रम्हमुहूर्त है जोसूर्योदय तक किया  जा सकता है | दूसरा समय दोपहर का  है तथा तीसरा समय गोधुलिवेला यानि […]

शनि जयंती के उपाय – Shani Jayanti Ke Upay

Shani jaynti pr shani dev ke upay va sawdhaniya शनि देव को एक क्रूर गृह की संज्ञा दी गयी है किन्तु शनि न्यायाधीश है इसलिए उनको ही दंड देते है जिनके कर्म बुरे हो अन्यथा शनि की कृपा से व्यक्ति धन वैभव और मान की प्राप्ति करता है | शनि देव के बारे में जानकारी […]

Rudraksha ka Mahtva – रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी

IDENTIFICATION OF RUDRAKSHA (रुद्राक्ष की पहचान) – पौराणिक मान्यताओ के अनुसार आवले  के आकर का रुद्राक्ष श्रेष्ठ , बेर के आकार का रुद्राक्ष मध्यम, चने के आकार वाला रुद्राक्ष अधम मन जाता है | इसी प्रकार स्वतः छिद्र वाला रुद्राक्ष श्रेष्ठ और जिसमे छिद्र करना पड़े उसे मध्यम माना जाता है | बराबर गोल , […]

राशियों के अनुसार धन प्रापति के घरेलु टोटके

Rashiyo ke annusar gharelu totake  राशियों के अनुसार घरेलू टोटके : 1.  मेष राशि – मेष राशि के जातको को मगलवार के दिन पारद के हनुमान जी पर सिंदूर चढ़ा कर ,लाल चन्दन गुलाब के तीन फुल ,रोली के साथ लाल कपडे में बांध कर धुप दीप दिखा कर तिजोरी में रख दे ,इससे  धन […]

Mahamrityunjay Mantra | त्रयम्बकं मंत्र

Mahamrityunjay Mantra मृत्यु को जितने वाला महान मंत्र जिसे त्रियम्बकं मंत्र(Mahamrityunjay Mantra) के नाम से भी जाना जाता है , यजुर्वेद के रूद्र अध्याय में भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए की जाने वाली वंदना है| इस मंत्र में भगवान् शिव को मृत्यु को जितने वाला माना गया है| गायत्री मंत्र के सामान इस […]

ग्यारह मुखी रूद्राक्ष | Gyaraah Mukhi Rudraksh

ग्यारह मुखी रूद्राक्ष ग्यारह मुखी रूद्राक्ष मनका भगवान रुद्र का प्रतिनिधित्व करता हैं एवं यह स्वास्थ्य, धन, शक्ति, सफलता, लोकप्रियता और सांसारिक सुख प्रदान करता है । इसे एक मुखी रुद्राक्ष का प्रतिरूप भी कहा जाता है. यह एकादश मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से सभी कार्यो में सिद्धि प्राप्ति होती है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष […]

क्यों और केसे शुरु हुई हमारी WEBSITE और क्या है इसके फायेदे – Nidhi Shrimali

Start-Up Reason of an Astrology Website in India Hello Friends, In this video I would show that the many people are fear that if they will put the shivalinga(symbole of hind loard shiva) in there home then that not to be good for that, Its totaly wrong things friends if we kept the shivalinga at [...]

इस महाशिवरात्रि भोलेनाथ को केसे करे प्रसन्न

                     जैसा की आप सभी जानते है कि आगामी 13 फरवरी को महाशिवरात्रि का त्यौहार आने वाला है | प्रत्येक वर्ष की भाति इस वर्ष भी यह पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा मंदिरो में रुद्राभिषेक किये जाएंगे | भोलेनाथ को बिल्बपत्र अर्पित किये जाएंगे ॐ नमः […]

ब्लैक वैजयन्ती माला का जीवन में उपयोग

ब्लैक वैजयंती फूलों का बहुत ही सौभाग्यशाली वृक्ष होता है। मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में वैजयंती के बीजों की माला धारण करना बहुत ही शुभ फलदायक है। इस माला को धारण करने के बाद ग्रह-नक्षत्रों दुष्प्रभाव का प्रभाव खत्म हो जाता है, खासकर शनि का दोष समाप्त हो जाता है। साथ ही काळा जादू […]

माला और उसके प्रकार

माला और उसके प्रकार भगवान नाम जाप का सर्वश्रेष्ठ आधार माला को माना जाता है. माला का उपयोग प्राय: सभी धर्मो और देशो में देखा जाता है. कहा जाता है की गौतम बुद्ध के जन्म के समय में 108 ज्योतिषि उनका भाग्य बतलाने के लिए बुलाये गए थे और माला के मनके इसी बात का […]

हनुमान पूजन यन्त्र – बहुत शक्तिशाली है हनुमान जी का यह यन्त्र

हनुमान पूजन यन्त्र – बहुत शक्तिशाली है हनुमान जी का यह यन्त्र Hanuman Yantra – for Power and to Overcome Enemies भगवान रामभक्त हनुमान की उपासना से जीवन के सारे कष्ट, संकट मिट जाते है। हनुमान पूजन यन्त्र माना जाता है कि हनुमान एक ऐसे देवता है जो थोड़ी-सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न […]

मां त्रिपुर सुंदरी साधना से पूर्ण होती है मनोकामना

मां त्रिपुर सुंदरी साधना हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस संसार को बनाने वाली ‘आदि शक्ति’ देवी हैं। लेकिन इसी देवी के अनगिनत रूप भी हैं, जैसे कि दुर्गा, सरस्वती, पार्वती, लक्ष्मी, इत्यादि। लोग इन्हें अलग-अलग कारणों से पूजते हैं तथा मनवांछित फल की प्राप्ति करते हैं। लेकिन केवल पूजन के अलावा इन देवियों से […]

बगलामुखी पेंडेंट – बुरी खतरनाक शक्तियों विनाशक

बगलामुखी पेंडेंट – बुरी खतरनाक शक्तियों विनाशक ( बगलामुखी पेंडेंट )मां बगलामुखी के प्रत्येक साधक को प्रतिदिन जाप प्रारम्भ करने से पहले इस कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए । यदि हो सके तो सुबह दोपहर शाम तीनों समय इसका पाठ करें । यह कवच विश्वसारोद्धार तन्त्र से लिया गया है। पार्वती जी के द्वारा […]

लक्ष्मी प्राप्त करने के चमत्कारी उपाय – श्री महा लक्ष्मी यन्त्र

प्रातः काल उठते ही मानसिक रूप से 21 बार “श्री” का उच्चारण कर अपनी माता के चरण स्पर्श करे अथवा घर में जो वृद्ध स्त्री हो, उनके चरण स्पर्श करे। श्री वृद्धि होगी। अपने निवास में कुछ कच्चा स्थान अवश्य रखे। घर के मध्य में हो तो अच्छा है यदि वहाँ तुलसी का पौधा लगाकर […]

कैसे करें शंख की पूजा

कैसे करें शंख की पूजा Please click here for DISCOUNT OFFER on other Product! इस ब्लॉग में निधि श्रीमालीजी  ने कैसे करें शंख की पूजा और शंख से हम क्या क्या लाभ ले सकते है आदि की जानकारी प्रदान की है | दुर्लभ और मूलयवान होते है शंख मनोवांछित फल देकर सुखी बनाता है शंख:- समुद्र […]

शनि दोष निवारण पूजा

शनि दोष निवारण पूजा :- शनिवार को शनि दोष निवारण के लिए शनि पूजा तो सभी करते हैं, किंतु पूजा शुरू करने से पहले एक विशेष मंत्र से शनि का ध्यान किया जाए तो वह शनि की प्रसन्नता के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। शनि पूजा मंत्र :- “ऊँ सूर्यपुत्रो दीर्घदेही विशालाक्षा शिवप्रिया […]

शनि यन्त्र – PANDIT NM SHRIMALI

शनि यन्त्र शनि यन्त्र:- शनि ग्रह की पीड़ा से ग्रस्त लोगो के लिए एक चमत्कारी अद्भुत यन्त्र जिसकी पूजा करने से शनि ग्रह से सम्बंधित सभी परेशानिया दूर होती है। इस यन्त्र को शनि कृपा यन्त्र भी कहा जाता है। इसे शनिवार के दिन अपने घर में स्थापित करे, और तेल का दीपक ४० दिन […]

शुक्र यंत्र – वैवाहिक जीवन की परेशानियों करे दूर

शुक्र यंत्र :- शुक्र यंत्र शुक्र ग्रह का यंत्र है| शुक्र को शुभ ग्रह भी कहते है | ग्रह मंडल में शुक्र को मंत्री पद प्राप्त है| यह वृष और तुला राशियों का स्वामी है |यह मीन राशि में उच्च का तथा कन्या राशि में नीच का माना जाता है | तुला 20 अंश तक […]

धन वर्षा हेतु दिवाली में श्री सूक्त के साथ करें मां लक्ष्मी की पूजा

धन वर्षा हेतु मां लक्ष्मी की पूजा की जानकारी:- श्री सुक्त पूजा :- धनतेरस व दीपावली के शुभ अवसर पर लक्ष्मी की पूजा हेतु मैं आप सभी को “श्री सुक्त” का तंत्रोक्त पाठ उपलब्ध करा रहा हूँ। इसका पाठ यू तो किसी भी व्यक्ति को वर्ष पर्यंत करना चाहिए, किन्तु जो नियमित न कर सके […]

श्वेतार्क गणपति

श्वेतार्क गणपति भगवान गणेश को अनेक नाम से जाना जाता है, इनमें से इनका एक नाम श्वेतार्क गणपति भी हैं। धार्मिक मान्यताओं में धन, सुख-सौभाग्य, समृद्धि और प्रसन्नता के लिए श्वेतार्क के गणेश की मूर्ति शुभ मानी जाती है. श्वेतार्क के भगवान गणेश आक के पौधे की जड़ में बनी प्राकृतिक बनावट रुप में होते […]

संतान गोपाल यंत्र का जीवन में सुख

संतान गोपाल यंत्र का जीवन में सुख संतान सुख जीवन को स्वर्ग बना देता है और इसका दु:ख नर्क। ज्योतिष के आईने में इस सुख को हासिल करना संभव है। मानव जीवन को अपनी में सफलता प्राप्त करने के लिए एक अच्छे संतान की आवश्यकता तो होती हैं। परन्तु-कुछ लोग संतान विहीन होने के कारण […]

सम्पूर्ण काल सर्प दोष निवारण यन्त्र

सम्पूर्ण काल सर्प दोष निवारण यन्त्र काल सर्प योग :- ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य से लेकर शनि तक सभी ग्रह जब राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं तो कालसर्प योग बन जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिस व्यक्ति की जन्म कुण्डली में यह योग होता है उसके जीवन में काफी उतार चढ़ाव […]

सम्पूर्ण नवग्रह यंत्र

सम्पूर्ण नवग्रह यंत्र ग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों का घटाता और अनुकूल प्रभावों की वृद्धि करता है। आपकी जन्म कुंडली में कोई भी ग्रह प्रतिकूल हो या अनुकूल या आपको कोई समस्या बार-बार परेशान कर रही हो, अथवा मनोवांछित फल नहीं मिल रहा हो, चाह कर भी आप अपने कार्य में सफल नहीं हो पा रहे […]

सम्पूर्ण वास्तु दोष निवारण यन्त्र

सम्पूर्ण वास्तु दोष निवारण यन्त्र सम्पूर्ण वास्तु दोष निवारण यन्त्र वास्तु दोष:- वास्तु का अर्थ है मनुष्य और भगवान का रहने का स्थान। वास्तु शास्त्र प्राचीन विज्ञान है जो सृष्टि के मुख्य तत्वों के द्वारा निःशुल्क देने में आने वाले लाभ प्राप्त करने में मदद करता है। ये मुख्य तत्व हैं- आकाश, पृथ्वी, जल, अग्नि […]

सम्पूर्ण विद्या प्रदायक यन्त्र

सरस्वती बुद्धि प्रदान करने, शिक्षा और संगीत की संरक्षक देवी है। सम्पूर्ण विद्या प्रदायक यंत्र में 13 यन्त्र शामिल है अर्थात सरस्वती यंत्र 12 यंत्रो के बीच घिरा हुआ है, यह यंत्र इस प्रकार है – सूर्य यंत्र, शुक्र यंत्र, चंद्र यंत्र, मंगल यंत्र, गायत्री यंत्र, केतु यंत्र, राहु यंत्र, शनि यंत्र, गीता यंत्र, नवदुर्गा […]

सोमवती अमावस्या

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ये वर्ष में लगभग एक ही बार पड़ती है। इस अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। पंडित एन एम श्रीमाली जी के अनुसार इस दिन मौन […]

स्फटिक श्रीयंत्र

स्फटिक श्रीयंत्र श्री विद्या से संबंधित तंत्र ब्रह्माण्ड का सर्वश्रेष्ठ तंत्र है जिसकी साधना ऐसे योग्य साधकों और शिष्यों को प्राप्त होती है जो समस्त तंत्र साधनाओं को आत्मसात कर चुके हों| . श्री विद्या की साधना का सबसे प्रमुख साधन है श्री यंत्र.| श्री यंत्र प्रमुख रूप से ऐश्वर्य तथा समृद्धि प्रदान करने वाली […]

मांगलिक दोष निवारण

Please click here for DISCOUNT OFFER on other Product! जिस जातक की जन्म कुंडली में लग्न/चंद्र कुण्डाल्यादि मंगल ग्रह लग्न से लग्न में (प्रथम), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भावों में से कहीं भी स्थित हो, तो उसे मांगलिक कहते हैं। मांगलिक कुंडली का मिलान : वर,तथा कन्या दोनों की ही कुंडली मांगलिक हों तो […]

मोती शंख, चमत्कारी गुणों वाला होता है | मोती शंख से हो जाएंगे मालामाल

मोती शंख Please click here for DISCOUNT OFFER on other Product! मोती शंख :- मोती शंख साधारणतया गोल आकर का होता है, इसमें एक सफ़ेद धारी होती है जो ऊपर से नीची तक खींची होती है। तथा पूरा शंख एक मोती की तरह चमकता है। यह बहुत ही दुर्लभ किस्म का शंख है। इस शंख […]

मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या:- माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं। यह योग पर आधारित महाव्रत है । मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है। गंगा तट पर […]

रंगो कि होली

बुराई पर जीत के रंगो कि होली रंग रंगीला होली का त्यौहार धूम धाम के साथ मनाया जाता है। और मस्ती के साथ प्रेम -प्य़ार के रंग बिखेर देता है। हर उम्र और वर्ग के लोग सभी बंधनो को तोड़ कर रंगो से सराबोर होकर लोग सबको एक रंग कर देता है। सभी गीले सिक्वे […]

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन एक भारतीय त्यौहार है जो श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। सावन में मनाए जाने के कारण इसे सावनी या सलूनो भी कहते हैं।भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर बलि राजा के अभिमान को इसी दिन चकानाचूर किया था। इसलिए यह त्योहार “बलेव” नाम से भी प्रसिद्ध है। महाराष्ट्र राज्य […]

राशि से संवारे अपना कॅरियर

राशि से संवारे अपना कॅरियर इस ब्लॉग में पंडित एन एम श्रीमाली ने बताया है की किस तरह से राशि से संवारे अपना कॅरियर| रोजगार का चुनाव करने में राशि भी प्रमुख भूमिका निभाती है। कुल बारह राशि में से जो आपकी राशि है। आप उनमे से अपना रोजगार व् सही करीयर तलाश कर सकते […]

राहु दोष निवारण पूजा

राहु दोष निवारण पूजा राहु दोष निवारण पूजा :- राहु को छाया ग्रह कहा जाता है, और श्रीमदभागवत महापुराण में तो शुकदेवजी ने स्पष्ट वर्णन किया कि यह सूर्य से 10 हजार योजन नीचे स्थित है, और श्याम वर्ण की किरणें निरन्तर पृथ्वी पर छोडता रहता है, यह मिथुन राशि में उच्च का होता है, […]

लक्ष्मी चरण पादुका

लक्ष्मी चरण पादुका मां लक्ष्मी चरण पादुका। घर में लक्ष्मीर का स्वरूप मां ललिता श्री का प्रतीक हैं जिसमें सोलह चिन्ह बने होते हैं। लक्ष्मी चरण पादुका जहां भी स्थापित की जाती है वहां से समस्याओं का नाश होता है। इसकी स्थापना से धनाभाव खत्म होकर स्थाई धन संपत्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसे […]

लोक देवता बाबा रामदेव

लोक देवता बाबा रामदेव भारत की इस पवित्र धरती पर समय-समय पर अनेक संतों, महात्माओं, वीरों व सत्पुरुषों ने जन्म लिया है| युग की आवश्कतानुसार उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल से, दुखों से त्रस्त मानवता को दुखों से मुक्ति दिला जीने की सही राह दिखाई| लोक देवता बाबा रामदेव ऐसे महापुरुषो को कहा जाता […]

वास्तु दोष निवारण यन्त्र

वास्तु दोष निवारण यन्त्र वास्तु दोष निवारण यन्त्र वास्तु दोष को दूर करने का एक अचूक उपाय है। इस यन्त्र के द्वारा घर और ऑफिस से वास्तु सम्बंधित परेशानियों को दूर किया जा सकता है। हम कितने प्रयासों से कोई मकान या कोई जमीन खरीदते है। कितना भी ध्यान रखे परन्तु उसमे कुछ न कुछ […]

वास्तु शांति पूजा

वास्तु शांति पूजा वास्तु शांति पूजा :- “वास्तु” का अर्थ है :- मनुष्य और भगवान का रहने का स्थान। वास्तु शास्त्र प्राचीन विज्ञान है जो सृष्टि के मुख्य तत्वों के द्वारा निःशुल्क देने में आने वाले लाभ प्राप्त करने में मदद करता है। ये मुख्य तत्व हैं :- आकाश, पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु। वास्तु […]

vidhya prapti yantra

vidhya prapti yantra (विद्या प्राप्ति यंत्र ) विद्या प्राप्ति यंत्र किसी रुकावट के बिना अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। शिक्षा जीवन के प्रधानमंत्री लक्ष्यों में से एक है और यह कैरियर में सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। कभी कभी व्यक्ति अपनी पढ़ाई को याद करने में असमर्थ है और ऐसे […]

विश्वकर्मा यंत्र के लाभ

विश्वकर्मा यंत्र के लाभ हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा निर्माण एवं सृजन के देवता कहे जाते हैं। माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही इन्द्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्ग लोक, लंका आदि का निर्माण किया था। इस दिन विशेष रुप से औजार, मशीन तथा सभी औद्योगिक कंपनियों, दुकानों आदि पूजा करने का विधान है। […]

वृक्षो को लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति

वृक्षो को लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति श्रीमाली जी के अनुसार बिल्व वृक्ष को भगवान शिव का रूप माना जाता है। मान्यता है कि इसके मूल में महादेव का वास है। इसीलिए इस वृक्ष की पूजा का बहुत महत्त्व है। धर्मग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। भगवान शिव को बिल्व और बिल्व के पत्ते […]

नौ मुखी रूद्राक्ष

नौ मुखी रूद्राक्ष नौ मुखी रूद्राक्ष देवी दुर्गा का रूप है. इसमें नौ देवताओं की शक्ति शामिल हैं. नौ मुखी रूद्राक्ष पहने आदमी को दुर्गा शक्ति, से आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है. इसे पहनने से धीरज, साहस, वीरता आ जाती है। भगवान में उनकी भक्ति बढ़ जाती है. उनकी इच्छा शक्ति मजबूत होती है ।यह […]

panchmukhi hanuman yantra

panchmukhi hanuman yantra(पंचमुखी हनुमान यन्त्र) ॐ हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा गुरुदेव से मंत्र दीक्षा लेकर रुद्राक्ष, मूंगे अथवा लाल चन्दन की माला से सवा लाख मंत्रो का जप करें। हनुमान जी बहुत ही उग्र एवं त्वरित फल देने वाले देवता हैं इसलिए इनकी साधना में विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। साधना काल में ब्रह्मचर्य […]

पारद गणेश पूजन से आती है समृद्धि, जानें विशेष लाभ

पारद गणेश पूजन:- पारद गणेश पूजन से घर में आती है समृद्धि क्योंकि किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है, इसलिए इन्हें प्रथम पूज्य भी कहा जाता है। भगवान गणेश सभी संकटों को टालने वाले तथा सुख-समृद्धि प्रदान करने वाले हैं। ये भक्त की हर परेशानी का हल कर […]

पारद लक्ष्मी गणेश

पारद लक्ष्मी गणेश पारद लक्ष्मी गणेश :- पारद लक्ष्मी गणेश जी की मूर्ति हमें दोनों के आशीर्वाद प्रदान करती है, जिससे हमें कार्यों में सफलता, धन तथा जीवन में पूर्ण समृद्धि की उपलब्धि मिलती है। दीपावली के शुभ दिन इनकी स्थापना एवं पूजा करने से ये शीघ्र प्रसन्न होते है। दीपावली के दिन यदि कोई […]

पारद हनुमान

पारद हनुमान पारद हनुमान :- भगवान हनुमान भगवान शिव के 11 वें अवतार (रुद्र अवतार) माने जाते है, और इन्हे परमेश्वर के बीच सबसे अधिक शक्तिशाली और बुद्धिमानी माना जाता है। भगवान हनुमान की पूजा हमेशा शुद्ध और बेगरज भक्ति के साथ ही की जाती है। हनुमान पवन-पुत्र (पवन के बेटे) और वायु-पुत्र के रूप […]

यह हैं पितृदोष शांति के 06 उपाय, इसके बाद खुलेंगे ….

पितृदोष शांति पितृदोष शांति पूजा :- पितरों से अभिप्राय व्यक्ति के पूर्वजों से है। जो पित योनि को प्राप्त हो चुके है, ऐसे सभी पूर्वज जो आज हमारे बीच नहीं, परन्तु मोहवश या असमय मृ्त्यु को प्राप्त होने के कारण, आज भी मृ्त्यु लोक में भटक रहे है। अर्थात जिन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं हुई […]

प्रेम विवाह संबंधित जानकारी

प्रेम विवाह प्रेम विवाह हेतु निर्धारित भाव एवं ग्रह जिसका उळेख हमारे पंडित जी द्वारा किया गया है पंडित एन एम श्रीमाली द्वारा बतया गया है की शास्त्रो में सभी विषयों के लिए निश्चित भाव निर्धारित किया गया है लग्न, पंचम, सप्तम, नवम, एकादश, तथा द्वादश भाव को प्रेम-विवाह का कारक भाव माना गया है […]

प्रेम वृद्धि यंत्र

प्रेम वृद्धि यंत्र किसी भी दो लोग पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका को आकर्षित करने के लिए और लंबे समय तक संबंधों के लिए अपने जीवन में प्यार और स्नेह बढ़ाने के लिए प्रदान की जाती है । हालाँकि नकारात्मकता इरादों के साथ इस यंत्र का उपयोग करने के लिए नहीं लिया जाना चाहिए। यह यंत्र अच्छे इरादों […]

बछ बारस

बछ बारस भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाई जाती है। बछ यानि बछड़ा गाय के छोटे बच्चे को कहते है । इस दिन को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े का महत्त्व समझाना है। यह दिन गोवत्स द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। गोवत्स का मतलब भी गाय का बच्चा […]

बसंत पंचमी – करे माँ सरस्वती की पूजा और अर्चना

बसंत पंचमी:- भारत में जीवन के हर पहलू को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है | और इसी आधार पर पूजा – उपासना की व्यवस्था की गयी है | अगर धन के लिए दीपावली पर माता लक्ष्मी की उपासना की जाती है तो नेघा और बुद्धि के लिए माघ शुक्ल पंचमी को माता सरस्वती की भी […]

बुध यन्त्र

बुध यन्त्र बुध गृह:- बुद्धि के देवता बुध ग्रह का दिन है- बुधवार। बुध राशि के जातक बहुत सुंदर होते हैं। बुध को नवग्रहों में राजकुमार की उपाधि प्राप्त है। उनका शरीर अति सुंदर और छरहरा है। वह ऊंचे कद गोरे रंग के हैं। उनके सुंदर बाल आकर्षक हैं वह मधुरभाषी हैं। बुध यन्त्र :- […]

बुधग्रह दोष एवम निवारण

बुधग्रह दोष एवम निवारण सौरमंडल में नवग्रह पाए जाते है। इन नवग्रहों में सात ग्रहों के अपने पिंड किन्तु राहू तथा केतु का कोई पिंड नहीं है। इन्हें छाया ग्रह माना गया है। इन नवग्रहों में एक ग्रह बुधग्रह है। यह सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है। इसे ग्रहों में राजकुमार का पद प्राप्त है। […]

ब्लैक वैजन्ती माला

भोजपत्र निर्मित ग्रहण दोष निवारण यन्त्र

भोजपत्र निर्मित ग्रहण दोष निवारण यन्त्र :- ग्रहण योग का प्रभाव :- जैसे सूर्य को ग्रहण लग जाने पर अंधकार फैल जाता है और चन्द्रमा को ग्रहण लगने पर चांदनी खो जाती है उसी प्रकार जीवन में बनता हुआ हुआ काम अचानक रूक जाता हो तो इसे ग्रहण योग का प्रभाव समझ सकते हैं. हम […]

मकर सक्रांति का पावन पर्व

मकर सक्रांति – PANDIT NM SHRIMALI Punya Kaal Muhurta = 15:30 to 18:11 Duration = 2 Hours 41 Mins Sankranti Moment = 15:30 Mahapunya Kaal Muhurta = 15:30 to 15:54 Duration = 0 Hours 24 Mins 14 जनवरी -एक अद्भुत दुर्लभ संयोग- सूर्य देव का पुत्र शनि के घर आगमन…. प्रिय मित्रों,इस साल मकर संक्रांत‌ि […]

मरगज गणेश के फायेदे

मरगज गणेश के फायेदे मरगज गणेश :- भगवान श्री गणेश बुद्धि और शिक्षा के कारक ग्रह बुध के अधिपति देवता हैं। मरगज गणेश बुध के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है एवं नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। मरगज गणेश के शुभत्व से व्यापार और धन में वृद्धि होती है। बच्चों की पढ़ाई हेतु भी यह […]

महा गायत्री बिस्सा यंत्र

गायत्री देवी एक अच्छी किस्मत आकर्षण माना जा रहा है। गायत्री देवी का दूसरा नाम महा देवी है और वह सुप्रीम गायत्री कर सकते हैं यंत्र के लिए देवता है। आप भी अपने जीवन में अच्छी किस्मत का अनुभव करना चाहते हैं, तो महा गायत्री यंत्र सकते हैं एक आदर्श विकल्प है। इस यंत्र गायत्री […]

महा सुदर्शन यंत्र

सुदर्शन विष्णु, घृणा उत्पन्न करना और बुराई को दंडित करने के लिए हथियार की डिस्कस करने के लिए संदर्भित करता है और यह सूर्य का शुद्ध लौ से निर्माण किया है। श्री महा सुदर्शन यंत्र एक गतिशील यंत्र क्योंकि इसके निर्माण के पवित्र लौ कि सभी नकारात्मक बीमारियों रहता है, की चक्करदार पहिया का प्रतिनिधित्व […]

मांगलिक कार्यो का उचित समय

मांगलिक कार्यो का उचित समय देवउठनी एकादशी :- देवउठनी एकादशी में मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयन हो जाता है। भाद्रपद शुक्ल एकादशी को देव करवट बदलते है, कार्तिक शुक्ल एकादशी को देव जाग जाते है। देवताओ के शयनकाल को चातुर्मास काल कहा जाता है। एवं इस दौरान कोई मांगलिक […]

कालसर्प योग

कालसर्प योग :- जब राहू और केतु के प्रभाव में तथा इनके बीच में जब सारे ग्रह आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। राहू को सर्प का मुख तथा केतु को पूंछ माना जाता है। इस योग की विशेषता यह है कि काल सर्प योगियों का जन्म निश्चित रूप से कर्मभोग के लिये […]

काली हल्दी (अम्बा हल्दी)

KALI HALDI (काली हल्दी ) आइये जाने काली हल्दी से माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के टोटके इस धरती पर प्रकृति ने जो कुछ भी उत्पन्न किया है, वह बेवजह नहीं है। बहुत सी वस्तुएं है, जिनके बारे में अज्ञान हैं। हल्दी माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने की महत्वपूर्ण वस्तु है । काली हल्दी खाने […]

कुंडली के ग्रहो का हमारी सेहत पर प्रभाव

पंडित एन एम श्रीमाली द्वारा बताया गया है की कुंडली में हैं ये ग्रह खराब हो तो हमे डायबिटीज हो सकती हैज्योतिष शास्त्र में रोगों का कारण पूर्व कर्मों का प्रभाव दोषों का प्रकोप, वात-पित्त और कफ का असंतुलन माना जाता है।श्रीमाली जी कहते है की वैदिक ज्योतिष में मेडिकल ज्योतिष का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान […]

गणेश यंत्र

गणेश यंत्र भगवान गणेश सर्वप्रथम पूजनीय माने जाते हैं। भगवान शिव की तरह वह भी भोले हैं, तथा उनकी दया दृष्टि पानाबेहद आसान है। श्री गणेश यंत्र (Shree Ganesh Yantra) एक ऐसा चमत्कारी यंत्र है, जिसकी सहायता से जातकके जीवन पर सदा गणेश जी की दया दृष्टि बनी रहती है। माना जाता है कि गणेश […]

गुरुपूर्णिमा महत्व

जानिए की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार क्या हैं गुरुपूर्णिमा विशेष महत्व ????? पंडित न म श्रीमाली के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में गुरुप्रतिकूल स्थान पर होता है, उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते है। वे लोग यदि गुरु पूर्णिमा के दिन नीचे लिखे उपाय करें तो उन्हें इससे काफी लाभ होता है। वैदिक ज्योतिष […]

घर परिवार और वृक्ष

घर परिवार और वृक्ष :- आवासीय परिसर के समीप बिल्ब, अनार , नागकेसर , कटहल और नारियल के वृक्ष हमेशा शुभफलदायी होते है। इसी प्रकार आम , केला , जौ , अशोक , चमेली आदि सुगन्धित वृक्ष घर के समीप शुभ होते है।। जिस घर के पश्चिम में कमल के फूलो सहित जल हो , […]

छिन्नामस्ता यंत्र

छिन्नामस्ता यंत्र को स्थापित मुसीबतों से मन, सफल ध्यान, धारणा में सुधार, स्वतंत्रता की सीमाओं से मुक्ति पाने के लिए और समस्याओं का समाधान खोजने के लिए इसकी पूजा की जानी चाहिए। यह यंत्र नकारात्मकता और अंधेरे ऊर्जा के बुरे प्रभावों को कम कर देता है। यह एक बहुत शक्तिशाली यंत्र है, यह संतान के […]

जनेऊ का महत्व

जनेऊ क्या है आइये जाने पंडित एन एम श्रीमाली के अनुसार जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं। जनेऊ धारण करने की परम्परा बहुत ही प्राचीन है। इसे उपनयन संस्कार कहते हैं। हिन्दू धर्म के 24 संस्कारों में से एक ‘उपनयन संस्कार’ के अंतर्गत ही जनेऊ पहनी जाती है जिसे […]

जल शालिग्राम

प्राचीन काल से भारत भूमि हमेशा से ऋषि मुनियो की भूमि रही है, हिन्दू धर्म की संस्कृति बहुत ही दुर्लभ है इसलिए बहुत ही दुर्लभ और अद्भुत वस्तुए हमे देवी-देवताओ के अवतारों के रूप में मिली है. देवी-देवताओ के अवतार के रूप में इन दुर्लभ वस्तुओ में एक वस्तु शालिग्राम भी सम्मलित है इस शालिग्राम […]

तीन मुखी रुद्राक्ष

तीन मुखी रुद्राक्ष तीन मुखी रुद्राक्ष अग्नि देव का स्वरूप माना गया है. इस त्रिमुखी मुखी रुद्राक्ष का सत्तारूढ़ ग्रह मंगल हैं. यह रूद्राक्ष स्त्री हत्या जैसे पापों से मुक्ति दिलाता है. इस रूद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति हीन भावनाओं से मुक्त होता है. इसे पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. यह तीन मुखी […]

तुलसी के पौधे

तुलसी के पौधे हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को एक तरह से लक्ष्मी का रूप माना गया है। कहते है की जिस घर में तुलसी की पूजा अर्चना होती है उस घर पर भगवान श्री विष्णु की सदैव कृपा दृष्टि बनी रहती है । आपके घर में यदि किसी भी तरह की निगेटिव एनर्जी […]

दक्षिणावर्ती शंख

हिन्दू धर्म में पूजा स्थल पर शंख रखने की परंपरा है। शंख को बहुत ही पवित्र माना गया है। शंख कई प्रकार के होते हैं। साधारणत: मंदिर में रखे जाने वाले शंख उल्टे हाथ के तरफ खुलते हैं और बाजार में आसानी से मिल जाते हैं जबकि दक्षिणावर्ती शंख सीधे हाथ के तरफ खुलते हैं […]

दस मुखी रुद्राक्ष

दस मुखी रुद्राक्ष को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है.. इसके सत्तारुढ़ ग्रह नव-ग्रह हैं. मान्यता है कि इस रुद्राक्ष में भगवान विष्णु के दस अवतारों की शक्तियां समाई हुई हैं. इस दशममुखी रुद्राक्ष को उपयोग में लाने से व्यक्ति समाज में सम्मान और कीर्ति प्राप्त करता है. इसे धारण करने से व्यक्ति के […]

नवरत्न माला

नवरत्न माला नवरत्न माला :- नवरत्न माला नौ रत्नों से निर्मित की जाती है। इस माला को कोई भी व्यक्ति, स्त्री, पुरूष सभी धारण कर सकते हैं। इस माला को धारण करने से आयु-आरोग्यता, धन, पद प्रतिष्ठा आदि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से जिन व्यक्तियों की कुंडली में अधिकांश ग्रह कमजोर स्थिति में […]

छह मुखी रूद्राक्ष

छह मुखी रूद्राक्ष रुद्र का मतलब भगवान शिव से लिया जाता है,और अक्ष का मतलब होता है धुरी,भगवान शिव जो योगी के रूप में समाधिस्थ है भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है, रुद्राक्ष को शिवाक्ष,शर्वाक्ष,भ- ावाक्ष,फलाक्ष,भूतन- ाशन,पावन,हराक्ष, नीलकंठ,तृणमेरु,शिव- प्रिय, अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं : दो मुखी रुद्राक्ष […]

चार मुखी रूद्राक्ष

छह मुखी रूद्राक्ष की सतह पर छह लाइने है. इस रूद्राक्ष के सत्तारूढ़ देवता भगवान कार्तिकेय, जो भगवान शिव के दूसरे बेटे है और आकाशीय सेना के प्रमुख है. इसलिए इस रूद्राक्ष के पहनने से भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद से साहस के रूप में अच्छी तरह से ज्ञान हो जाता है छह मुखी रूद्राक्ष से […]

गोमती चक्र

गोमती चक्र गो का रूप गाय के लिये माना जाता है और उसे गो भी कहा जाता है,गाय को लक्ष्मी के रूप मे भी देखा जाता है और शुक्र ग्रह का कारक भी माना जाता है। नदियों के किनारे पर जहां गाय पानी पीती है और उनके जुगाली करने वाले फ़ैन का कुछ भाग पानी […]

कमलगट्टे की माला

धन प्राप्ति के लिए किए जाने वाले तंत्र प्रयोगों में कई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है, कमल गट्टा भी उन्हीं में से एक है। शत्रुजन्य कष्टों से बचाव हेतु मंत्र जप भी कमल गट्टे की माला से किया जाता है। लक्ष्मीजी के लिए मंत्रोच्चार द्वारा किये जाने वाले हवन में कमलगट्टे के बीजों से […]

दो मुखी रुद्राक्ष

रुद्र का मतलब भगवान शिव से लिया जाता है,और अक्ष का मतलब होता है धुरी,भगवान शिव जो योगी के रूप में समाधिस्थ है भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है, रुद्राक्ष को शिवाक्ष,शर्वाक्ष,भ- ावाक्ष,फलाक्ष,भूतन- ाशन,पावन,हराक्ष, नीलकंठ,तृणमेरु,शिव- प्रिय, अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं : दो मुखी रुद्राक्ष को शिव शक्ति […]

पारद शिवलिंग

पारद शिवलिंग शिव पुराण एवं शिव संहिता के अलावा अथर्ववेद एवं लिंग पुराण में पारद शिवलिंग का जो विवेचन दिया गया है वह संपूर्ण प्राणी जगत के लिए पार ब्रह्म परमेश्वर द्वारा प्रदत्त एक अनमोल वरदान है. इसमें कोई संदेह नहीं कि इसकी विधिवत पूजा एवं उपासना से दैहिक, दैविक एवं भौतिक तीनो कष्टो से […]

अक्षय तृतीया का इसलिए है बड़ा महत्व

गणेश जी उन्नति, खुशहाली और मंगलकारी देवता हैं। कहते हैं जहां पर गणेश जी की नित पूजा अर्चना होती है वहां पर रिद्घि-सिद्घि और शुभ लाभ का वास होता है। ऐसे स्थान पर अमंलकारी घटनाएं और दुख दरिद्रता नहीं आती है। इसलिए गणेश जी की पूजा हर घर में होती है। लोग अपने घरों में […]

अष्टविनायक गणेश जी

अष्टविनायक गणेश जी अष्टविनायक गणेश जी उन्नति, खुशहाली और मंगलकारी देवता हैं। कहते हैं जहां पर गणेश जी की नित पूजा अर्चना होती है वहां पर रिद्घि-सिद्घि और शुभ लाभ का वास होता है। ऐसे स्थान पर अमंलकारी घटनाएं और दुख दरिद्रता नहीं आती है। इसलिए गणेश जी की पूजा हर घर में होती है। […]

आठ मुखी रुद्राक्ष

आठ मुखी रुद्राक्ष अष्टदेवियों का प्रतिनिधि है तथा भगवान गणेश का रूप है. इस रूद्राक्ष की सत्तारूढ़ देवता भगवान गणेश जो भी बाधाओं की हटानेवाले यानी विघ्नहर्ता के रूप में जाने जाते है. इसलिए इस रूद्राक्ष के पहनने से भगवान गणेश के आशीर्वाद के कारण विफलताओं का सामना कभी नहीं करना पड़ता है । आठ […]

ऋण–मुक्ति यंत्र

एकमुखी रुद्राक्ष अत्यंत दुर्लभ होता है |यह साक्षात शिव का स्वरूप हैं इसे धारण करने से समस्त पापों व समस्याओं से छुटकारा मिलता है। एक मुखी रूद्राक्ष का प्रतिदिन पूजन करने से या शरीर में धारण करने से आत्म-विश्वास व असीम ऊर्जा की प्राप्ति होती है। लोगों के प्रति मन में कल्याणकरी भावना जाग्रत होती […]

एक मुखी रूद्राक्ष

एकमुखी रुद्राक्ष अत्यंत दुर्लभ होता है |यह साक्षात शिव का स्वरूप हैं इसे धारण करने से समस्त पापों व समस्याओं से छुटकारा मिलता है। एक मुखी रूद्राक्ष का प्रतिदिन पूजन करने से या शरीर में धारण करने से आत्म-विश्वास व असीम ऊर्जा की प्राप्ति होती है। लोगों के प्रति मन में कल्याणकरी भावना जाग्रत होती […]

एकाक्षी नारियल घर पर करें स्थापित

एकाक्षी नारियल एकाक्षी नारियल नारियल रेशेनुमा ज़डों से आवृत्त होता है। इन ज़डों को हटा देने पर अधिकांश नारियलों पर तीन काले रंग की बिन्दु जैसी आकृति दिखाई देती है, इनमें से दो नेत्रों तथा एक मुख का परिचायक होती है। किसी-किसी नारियल में एक नेत्र और एक मुख के रूप में मात्र दो ही […]

कात्यायनी माता पूजा

कात्यायनी माता पूजा :- नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है। माता दुर्गा के नौ रूपों में से छठा रूप माँ कात्यायनी का होता है। माँ दुर्गा के छठे रूप को माँ कात्यायनी के नाम से पूजा जाता है। महर्षि कात्यायन […]

कात्यायनी यंत्र

माँ कात्यायनी को दुर्गा की छठी शक्ति का रूप माना जाता है | नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी के इस अद्दभुत स्वरुप की पूजा की जाती है | माँ कात्यायनी मन की शक्ति की देवी है इनकी उपासना से सभी इन्द्रियों को वश में किया जा सकता है सभी पापियों का सर्वनाश करने वाली माँ […]

होली पर की जाने वाली साधनाए

होली पर की जाने वाली साधनाए सम्पूर्ण भारत वर्ष के लोग विभिन्न रीती रिवाज के अनुसार होली के अवसर को मनाने में गौरव महसूस करते है । वेद पुराणो से लेकर सम्पूर्ण विश्व में भी होली के प्रचलन का पता चलता है । भगवान शिव से लेकर गुरु गोरखनाथ जी ने भी इसे विशेष साधना […]

शिव यन्त्र कवच

शिव यन्त्र कवच साक्षात् शिव का ही स्वरूप है । यह एक चमत्कारी कवच है जो बुरी शक्तियों का नाश कर मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है । यह मन से भुत प्रेतों का डर , अकाल मृत्यु का डर , दुर्घटना से होने वाली मृत्यु के डर को दूर करता है […]

श्रावण मास

श्रावण मास:- हिन्दू कैलेण्डर के बारह मासों में से सावन का महीना अपनी विशेष पहचान रखता है. इस माह में चारों ओर हरियाली छाई रहती है.वेदों में मानव तथा प्रकृति का बडा़ ही गहरा संबंध बताया गया है. वेदों में लिखी बातों का अर्थ है कि बारिश में ब्राह्मण वेद पाठ तथा धर्म ग्रंथों का […]

श्री बगुलामुखी यंत्र

श्री बगुलामुखी यंत्र बगुलामुखी यंत्र :- माता बगुलामुखी को कलयुग में बहुत शक्तिशाली देवी के रूप में जाना जाता है। जिनकी कृपा से कार्यों में आने वाली विघ्न बाधाएं दूर होतीं हैं, संकट टल जाते हैं तथा साहस, पराक्रम आदि की प्राप्ति होती है बगुलामुखी यंत्र का प्रयोग मां बगुलामुखी का आशिर्वाद प्राप्त करने के […]

गोमती चक्र के लाभ, जीवन के हर दुख दूर कर देंगे

गोमती चक्र गो का रूप गाय के लिये माना जाता है और उसे गो भी कहा जाता है,गाय को लक्ष्मी के रूप मे भी देखा जाता है और शुक्र ग्रह का कारक भी माना जाता है। नदियों के किनारे पर जहां गाय पानी पीती है और उनके जुगाली करने वाले फ़ैन का कुछ भाग पानी […]

स्वस्तिक पिरामिड

स्वस्तिक पिरामिड स्वस्तिक पिरामिड :- स्वस्तिक शब्द “सु” एवं “अस्ति” का मिश्रण है। “सु” का अर्थ है – “शुभ” और “अस्ति” का अर्थ है – “होना”। अर्थात “शुभ हो”, “कल्याण हो”। स्वस्तिक अर्थात कुशल एवं कल्याण। हिंदू धर्म में स्वस्तिक को शक्ति, सौभाग्य, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। हर मांगलिक कार्य में […]

शुक्र गृह दोष निवारण पूजा

शुक्र गृह दोष निवारण पूजा :- शुक्र गृह दोष निवारण के लिए सूर्योदय के समय दुर्गा देवी की पूजा करनी चाहिए तथा श्रीसूक्त का पाठ करना चाहिए। और देवी की वंदना या दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए। शुक्र के मूल मंत्र का जप सूर्योदय के समय 16,000 जप 40 दिन में करना चाहिए। मंत्र […]

ॐ का महत्त्व

ॐ का महत्त्व सृष्टि के आरम्भ में सर्वप्रथम जो शब्द उत्पन्न हुआ वह ॐ ही था । सनातन धर्म के समस्त श्लोक एवं मंत्र का आरम्भ इसी एकाक्षरी मंत्र से होता है । ॐ वह सात्विक शक्ति है , जिसके जाप के समय होने वाले स्पंदन से शरीर के अन्दर व्याप्त सभी प्रकार के रोगाणुओ […]

शिवरात्रि विशेष : पारद शिवलिंग का महत्व

पारद शिवलिंग शिव पुराण एवं शिव संहिता के अलावा अथर्ववेद एवं लिंग पुराण में पारद शिवलिंग का जो विवेचन दिया गया है वह संपूर्ण प्राणी जगत के लिए पार ब्रह्म परमेश्वर द्वारा प्रदत्त एक अनमोल वरदान है. इसमें कोई संदेह नहीं कि इसकी विधिवत पूजा एवं उपासना से दैहिक, दैविक एवं भौतिक तीनो कष्टो से […]