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शनि दोष निवारण पूजा

शनि दोष निवारण पूजा :- शनिवार को शनि दोष निवारण के लिए शनि पूजा तो सभी करते हैं, किंतु पूजा शुरू करने से पहले एक विशेष मंत्र से शनि का ध्यान किया जाए तो वह शनि की प्रसन्नता के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। शनि पूजा मंत्र :- “ऊँ सूर्यपुत्रो दीर्घदेही विशालाक्षा शिवप्रिया मंदाचारा प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु में शनि” इस मंत्र से शनि का ध्यान कर आगे की पूजा में तिल, तेल, काला कपड़ा, लोहे की वस्तु, काली उड़द आदि चढ़ाकर शनि पूजा, मंत्र जप और आरती करनी चाहिए। अंत में शनि पीड़ा से मुक्ति के लिए श्रद्धा से प्रार्थना करनी चाहिए। शनि दोष निवारण पूजा के उपाय :- शनिदेव को शांत करने के लिए दान और पूजन का विधान है। शनि की अनिष्टता निवारण के लिए शनिवार को शनिदेव के मंदिर में तेल चढ़ाना चाहिए व दान करना चाहिए। इसके अलावा काले तिल, काली उड़द, लोहा, काले वस्त्र, काली कंबल, छाता, चमड़े के जूते, काली वस्तुएं आदि। शनिदेव के मंदिर के बाहर पुराने जूते और वस्त्रों का त्याग करना भी लाभदायक होता है। तथा शनिदेव का व्रत रखने से भी शनि प्रसन्न होते हैं। शनि की अनिष्टता निवारण के लिए शनिवार को व्रत करना चाहिए। अगर व्रत न कर सके तो मांसाहार व मदिरापान नहीं करना चाहिए और संयमपूर्वक प्रभु का स्मरण करना चाहिए। व शनि मुद्रिका से भी लाभ मिलता है, ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह अनुसार काले घोड़े के खुर की नाल की अभिमंत्रित अंगूठी मध्यमा अंगुली में धारण करनी चाहिए। शनि दोष निवारण के लिए पीपल के वृक्ष की पूजा करना श्रेष्ठ उपाय बताया जाता है। जिस किसी भी व्यक्ति पर शनि का प्रकोप हो उसे रोज पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना चाहिए और शाम के समय पीपल के नीचे सरसौं के तेल का दीपक लगाना चाहिए जिससे शनि दोष में कमी आती है। दीपक लगाते समय यदि पश्चिममुखी होकर शनि मंत्र का जप भी किया जाए तो और भी लाभकारी होता है। शनि मंत्र :- “ऊँ प्रां, प्रीं, प्रौं, स: शनैश्चराय नम:” शनि पीड़ा निवारण रत्न :- शनि दोष निवारण के लिए शनि रत्न नीलम धारण करना चाहिए, परन्तु यह केवल तुला, वृषभ, मकर, कुंभ राशि या लग्न के व्यक्तियों को ही धारण करना चाहिए। शनि यंत्र :- शनिदोष के निवारण हेतु शुभ मुहूर्त में अनुष्ठान से अभिमंत्रित किया हुआ शनि यंत्र धारण करने से शनि की पीड़ा शांत हो जाती है। शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा, अंतर्दशा के समय इस यंत्र को कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है। चांदी में बना यंत्र लाॅकेट पूजा करके काले धागे में शनिवार सायं काल में धारण करना चाहिए।

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