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नवरत्न माला

Navratna Mala by Pandit NM Shrimali

Navratna Mala by Pandit NM Shrimaliनवरत्न माला

नवरत्न माला :- नवरत्न माला नौ रत्नों से निर्मित की जाती है। इस माला को कोई भी व्यक्ति, स्त्री, पुरूष सभी धारण कर सकते हैं। इस माला को धारण करने से आयु-आरोग्यता, धन, पद प्रतिष्ठा आदि में वृद्धि होती है। विशेष रूप से जिन व्यक्तियों की कुंडली में अधिकांश ग्रह कमजोर स्थिति में स्थित हों, उन्हें इस माला को धारण करने से लाभ प्राप्त होता है। इस माला को रविवार तथा बृहस्पतिवार के दिन सुबह के समय धारण करनी चाहिए। नवरत्न माला में अनेक गुण पाये जाते हैं, इसे धारण करने से अनेक सफलता एवं सिद्धियां प्राप्त होती है। इसमें अपनी एक अद्भुत विशेषता होती है तथा अनेक तात्विक संरचनायें होती है। नवरत्न माला में निम्न तात्विक सरंचना पायी जाती हैं, जैसे- अल्यूमिनियम आक्सीजन, क्रोमियम तथा लौह, कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम, बेरोलियम, मिनयिम, फ्लोरीन, हाइड्रोक्सिल, जिक्रोनियम, आदि तात्विक संरचनायें पायी जाती हैं। नवरत्न माला में सारे ग्रहों के रत्नों को समाहित किया गया है। परिवार में ग्रहों की अनुकूलता हेतु इसे घर मे पूजा घर के अंदर किसी भी प्रतिमा के गले मे धारण करवाना चाहिए। नव रत्न माला के प्रभाव से नव ग्रहों के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। तथा शुभ फलों में वृद्धि होती है। इस तरह नव रत्न माला की पूजा उपासना से जीवन में सुख समृद्धि बढ़ती है । नवरत्न माला धारण करने से लाभ :- 1. जीवन में अनेक प्रकार की संपूर्ण बाधाओं से बचने के लिए तथा सभी प्रकार की खुशहाली के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली नवरत्न माला धारण करने से लाभ प्राप्त होता है। 2. मानसिक और नवग्रह शांति के लिए नवरत्न की माला धारण करनी चाहिए। 3. नवरत्न की माला के अलग-अलग दानें अपने से सम्बन्धित ग्रहों की रश्मियों को अपने आप समाहित करके धारण करने वाले को लाभ प्रदान करती हैं। 4. नवरत्न माला को धारण करने से अनेक लाभ मिलते हैं। जैसे यश, सम्मान, वैभव, भौतिक समृद्धी में फायदा तथा कफ रोग, शीत रोग, ज्वर रोग आदि रोगों से लाभ मिलता है। तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। 5. जिनकी कुंडली में अधिकांश ग्रह कमजोर हों, उन्हें नवरत्न माला को धारण करने से लाभ प्राप्त होता है। 6. शारीरिक एवं मानसिक परिश्रम करने के बावजूद उसका फल प्राप्त नहीं होता। व्यापार में घाटे की स्थिति रहती है। कार्य में मन नही लगता है। उत्साह में कमी आ जाती है। विवाह मे देरी होती है। बनते बनते काम बिगड जाते है, ऐसी परिस्थितियों में इन ग्रहों के अशुभ प्रभावों को दुर करने के लिए नव रत्न माला धारण करने से लाभ एवं उन्नति के मार्ग प्राप्त होते हैं। तथा मान सम्मान, यश आदि मे वृदि होती है।

Nidhi Shrimali

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