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तुला राशि जनवरी 2023 राशिफल in hindi | Libra Horoscope 2023 | Nidhi Shrimali |

tula rashifal january 2023

तुला राशि जनवरी 2023 राशिफल

ये नया साल आपके लिए उन्नतिदायक है। सभी तरक्की और उन्नति के रास्ते आप अपने जीवन में तय करें। शुभ आपके जीवन में हो यही हम मंगल कामना आप सभी के लिए करते हैं और लेकर आये हैं। नए साल की प्रथम माह यानि जनवरी माह का तुला राशि वालो का मासिक राशिफल | तुला राशि वालो के लिए साल का ये प्रथम माह कैसा रहने वाला है। सबसे पहले तो जान लेते हैं। इस माह में आने वाले कुछ विशेष पर्वों के बारे में तो 1 जनवरी को नववर्ष प्रारंभ हो जाएगा। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जाएगी। 14 जनवरी को लोहड़ी या मकर सक्रांति इन दोनों का पर्व एक साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। 21 जनवरी को मौनी अमावस्या आ रही है और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और बसंत पंचमी का पर्व साथ में धूम धाम से मनाया जाएगा।

अब जान लेते हैं कि साल के प्रथम माह में ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी तो सबसे पहले बात करते हैं सूर्य ग्रह की जो कि वर्तमान में अपनी अति मित्र राशि धनु में विराजमान हैं और 14 जनवरी को वे अपनी सम राशि मकर में प्रवेश कर जाएंगे और यहां सूर्य उत्तरायण होते हुए दिखाई देंगे। मकर सक्रांति का पर्व इस दिन मनाया जाएगा। बुध ग्रह इस पूरे माह अपनी मित्र राशि धनु में विराजमान रहेंगे। वहीं मंगल ग्रह वक्री अवस्था में अपनी राशि शत्रु राशि वृषभ में इस पूरे माह विराजमान रहने वाले हैं। गुरू अपनी ही राशि मीन में इस पूरे माह विराजमान रहेंगे। वहीं शुक्र ग्रह की बात करें तो वे वर्तमान में अपनी सम राशि मकर में विराजमान हैं और 22 जनवरी को वे अपनी सम राशि कुम्भ में प्रवेश कर जाएंगे। शनि ग्रह की अगर बात करें तो वे वर्तमान में स्वग्रही अवस्था में अपनी राशि मकर में विराजमान हैं और इस माह में यानि 17 जनवरी को वे अपनी मूल त्रिकोण की राशि कुम्भ में स्वग्रही होकर विराजमान होने वाले हैं। शनि का ये जो राशि परिवर्तन इस साल का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन कहलाएगा | राहू इस पूरे माह अपनी सम राशि मेष में विराजमान रहेंगे और केतु इस पूरे माह अपनी राशि तुला में विराजमान रहने वाले हैं। तो ये हैं इस माह की ग्रह गोचर की स्थिति का हाल। अब जान लेते हैं कि इन ग्रहों की स्थितियों का। इस साल के सबसे बड़े राशि परिवर्तन का क्या इम्पैक्ट आपके इस माह पर पड़ने वाला है तो शुरू करते हैं तुला राशि वालो का जनवरी माह का मासिक राशिफल राशिफल | 

सबसे पहले बात करते हैं आपके राशि स्वामी की जो कि हैं शुक्र और शुक्र आपके अष्टम भाव के स्वामी हैं। शुक्र राशि स्वामी होकर यानि लग्नेश होकर सुख स्थान में जाकर बैठे है और शुक्र का सुख स्थान में जाकर बैठना बहुत ही शानदार परिणाम आपके लिए लेकर आएगा। शुक्र सुख स्थान में शनि के साथ जाकर बैठे हैं और शनि के साथ सम भाव रखते हैं। इसीलिए शुक्र और शनि की युति भी आपके लिए बहुत अच्छी रहेगी क्योंकि सुखेश और लग्नेश की युति इस समय होगी तो वो आपके लग्न को और अधिक पावरफुल बनाएंगी। हालाँकि इस समय कभी कभी आपका मन विचलित होगा और आपका मन करेगा कि आप अपने मन समय कार्यों को करें, खूब घूमें फिरें, यात्राएं करें। परंतु शुक्र चूंकि लग्जरी का कारक ग्रह और सुखेश के साथ बैठा है तो इस समय आप अपनी मनचाही लग्जरी को प्राप्त करते हुए दिखाई देंगे। ये माह की लग्जरी में वृद्धि करेगा। आपके सुखों में वृद्धि करेगा। आपके सामाजिक मान सम्मान में बढोत्तरी करेगा। आपके व्यक्तित्व को और अधिक आकर्षक बनाएगा आपके रिश्तों को और अधिक बेहतर करेगा। ददिहाल वालों से आपके रिश्ते बहुत ही अच्छे होते हुए दिखाई देंगे। आध्यात्मिक और धार्मिक आपकी प्रवर्ती रहेगी। साथ ही धार्मिक और रमणीय स्थलों की यात्राएं आप संयुक्त रूप से करते हुए दिखाई देंगे। इस समय आप अपने कर्तव्य को तो निभाएंगे पर साथ में बहुत बैलेंस्ड रहेंगे। कर्तव्य के साथ साथ आप अपनी इच्छाओं को भी पूर्ण करने का प्रयास करेंगे और पूरे आनंद के साथ आप अपनी इच्छाओं को भी पूर्ण करेंगे तो शुक्र के रिजल्ट बहुत ही अच्छे और शानदार आपको देखने को मिलेंगे। परन्तु एक दिक्कत है क्योंकि आपकी राशि के अन्दर केतु भी बैठे हैं जो कि मिसअंडरस्टेंडिंग क्रिएट करते तो इस समय आपको किसी की बातों से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है या फिर कोई भी काम भ्रम की स्थिति हो तो आप अपने परिवार की सहायता ले सकते हैं क्यूंकि परिवार की सहायता से आपके भ्रम के बादल छंट जाएंगे और आप का विज़न क्लियर होता हुआ दिखाई देगा और निश्चित रूप से आपकी डिसीजन मेकिंग स्ट्रॉंग होगी। इसीलिए खुद अपने ऊपर। कोई भी डिसीजन ना ले। एक दो जनों की सलाह लेने में अनुभवी मित्र अनुभवी व्यक्ति परिवार इनकी सलाह लेने में आपको झिझकने की आवश्यकता नहीं है। उनकी सलाह लेकर ही आप अपने जीवन में आगे बढें तो लग्नेश के साथ शुक्र बहुत अच्छे रिजल्ट देगा।

अब अष्टम भाव की बात करते हैं। अष्टमेश भी शुक्र है। अष्टम भाव में मंगल बैठे हैं जो कि अष्टम भाव को थोड़ा ठीक करें क्योंकि मंगल क्रूर ग्रह पर अष्टम भाव के स्वामी शुक्र अपने से नवम जाकर बैठे है। शुक्र का अपने से नवम जाकर बैठना बहुत ही अच्छे दिन रिजल्ट आपको दिलवाने वाला है। शुक्र जो कि सुख स्थान में भी बैठे हैं तो सुखों में वृद्धि करेंगे। इस समय आपके ऊपर कर्जे की स्थिति अगर चल रही है तो वो खत्म हो जाएगी। कर्जे से आप अपने आपको मुकदमा मुक्त पाएंगे। इस समय जो गुप्त शत्रु हैं जो कि आपके मित्र भी हो सकते हैं। इस बार भी हो सकता है वे भी आपके कार्यों में किसी भी प्रकार से दखल देने का प्रयास नहीं कर पाएंगे।

यानि वे अपने मंसूबों में खुद ही नाकामयाब हो जाएंगे। इस समय यात्रायें बहुत अच्छी होगी परंतु यात्रा आपके लिए सुखद और मंगलमय रहेगी। ससुराल वालों से आपका तालमेल बहुत ही अच्छा और सुदृढ़ होता हुआ दिखाई देगा। ससुराल में कोई मांगलिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी रखी जा सकती है और उसमें आप बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लेंगे। 22 जनवरी को जब शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे तो लग्नेश और सप्तमेश दोनों ही सबसे अच्छे परिणाम देंगे। देखिए अब तक तो वे आपके सुख स्थान में बैठे थे। अब वे आपके पंचम भाव में जाकर बैठेंगे तो लग्नेश का अपने से पंचम जाकर बैठना और अष्टमेश का अपने से दशम जाकर बैठना बहुत ही अच्छे रिजल्ट दिलवाएगा। इस समय आप अगर कला के क्षेत्र से जुड़े हैं तो कलाकारों के लिए ये समय विशेष रूप से मान सम्मान और प्रसिद्धि का रहेगा। वहीं कला वर्ग के छात्रों को विशेष उपलब्धियां इस समय प्राप्त होती हुई दिखाई देंगी। आप अपने फील्ड में बहुत अच्छा नाम कमाते हुए दिखाई देंगे। आपके सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर आपकी एक्टिविटी बढ़ सकती है। आपके बहुत सारे फॉलोवर बढ़ सकते हैं तो ये माह आपके लिए शुक्र के बेहतरीन रिजल्ट दिलवाएगा।

अब बढ़ते आगे और जान लेते हैं। तृतीय भाव के बारे में, लेकिन तृतीय भाव के स्वामी हैं। मंगल जो कि अष्टम भाव में बैठकर अपने ही घर को देख रहे हैं। धनेश का अपनी से सप्तम जाकर बैठना और अपने ही घर को देखना बहुत ही अच्छे परिणाम दिलवाएगा। इस समय प्रॉपर्टी से सम्बंधित कोई भी विवाद है या पारिवारिक कुटुम्ब से संबंधित कोई विवाद है तो उनका हल निकल जाएगा। बस इस समय बहुत ज्यादा ओवरड्यू ना होने का प्रयास करें। थोड़ा सा शांत रहें। जब दो बड़े बात कर रहें तो आपको बीच में नहीं आना है। शांत रहकर उनके मुद्दों को सुनना, उनकी बातों को सुनना और अगर शांति से किसी बात का हल निकल रहा है तो उसमें अग्रेशन दिखाने की आवश्यकता नहीं है। बस इस बात का ध्यान रखें क्यूंकि मंगल आपको एग्रेसिव भी बनाएगा। इसीलिए रिश्तों में मिठास चाहते हैं तो इन बातों को जरुर अपनाएं। साथ ही बैंकिंग सेक्टर के कार्य आपकी द्रुत गति से संपन्न होंगे। साथ ही यदि आपने किसी से उधार ले रखा है तो आप उसका उधार फटाफट चुका देंगे। इस समय आप कोशिश करें कि न तो किसी को आप उधार दें और ना ही किसी से उधार लें, उसमें आपकी भलाई ज्यादा है और इसमें आपको ज्यादा निश्चिन्त रहेंगे। सुकून से अपनी लाइफ जिएंगे। बाकी मंगल के रिजल्ट सेकंड हाउस के हिसाब से बहुत ही अच्छे आपको देखने को मिलेंगे।

अब आते हैं सप्तम भाव पर, लेकिन सप्तम भाव के स्वामी हैं। मंगल जो कि अपने से एक घर आगे अष्टम भाव में बैठे हैं। इस समय आपको मांगलिक कार्य भी करना है। सप्तम भाव में राहु भी बैठ गया है तो दाम्पत्य जीवन के हिसाब से ये स्थान इतना अच्छा आपको रिजल्ट नहीं देगा में समस्याएं बढ़ सकती है तो इसलिए अपने वैवाहिक जीवन में थोड़ा सा सावधान होकर चलें। छोटी छोटी बातों पर ईगो पर लेना ठीक नहीं है। बराबरी के रिश्ते से चलें एक दूसरे से मिठास बनाये रखें। अगर बात कहीं बिगड़ रही हो तो शांत हो जाएँ या फिर उस जगह से हट जाएं। इसी में भलाई है।

दाम्पत्य जीवन का सूत्र यही कहता है कि हम हमारे जीवनसाथी की भावनाओं को लेकर चलें और उनकी कमियों और अच्छाइयों दोनों को आत्मसात करें। यही दाम्पत्य जीवन में आगे बढ़ने का सूत्र माना गया है। इसीलिए जल्दबाजी में कोई भी डिसीजन ना लें। इस समय आपको अपने लाइफ पार्टनर के साथ में बहुत सौम्यता से पेश आना पड़ेगा लेंगी। आप उनके नाम से कोई भी इन्वेस्टमेंट करेंगे तो उसमें आपको निश्चित रूप से लाभ की प्राप्ति होगी। व्यापारी वर्ग के लिए ये समय बहुत ही अच्छा रहेगा परन्तु डिसीजन आपको भ्रम की स्थितियों में नहीं लेना बहुत ओर कॉम्पिटेंट होकर भी नहीं लेना है। डिसीजन लेते समय बहुत सावधानी रखें। हमने  पहले भी आपको बताया कि एक से अधिक लोगों की सलाह लेने में कोई भी हर्ज नहीं है। परिवार की अनुभवी मित्रों की या अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेकर ही अपने जीवन में आगे बढ़ें। इस समय पार्टनरशिप में काम शुरू ना करें और अगर आप ऑल रेडी पार्टनरशिप में हैं तो निश्चित रूप से आपको अपने पार्टनर की भावनाओं का भी सम्मान करना पड़ेगा। वरना पार्टनरशिप बिगड़ सकती है और बना बनाया काम भी बिगड़ सकता है तो थोड़ा सा सावधानी के साथ आप अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे तो मंगल के बेहतरीन परिणाम पाएंगे।

अब बढ़ते हैं आगे और जान लेते हैं। तृतीय स्थान के बारे में, तृतीय स्थान के स्वामी हैं। गुरु, जो की रोग भाव में स्वग्रही होकर बैठा है, लेकिन गुरु जब भी रोग भाव में बैठते हैं तो रोग को थोड़ा सा बढ़ाते हैं। पेट की प्रॉब्लम बढ़ाते हैं वज़न की तरफ और वजन के साथ में कई और समस्याएं आ जाती है। इसीलिए आपको अपने वजन का विशेष रूप से ध्यान रखना है। हालाँकि गुरु पराक्रम भाव के हिसाब से आपको बहुत अच्छे रिजल्ट देंगे। क्योंकि अपने से चतुर्थ जाकर बैठे है और गुरु का अपने से चतुर्थ जाकर बैठना आपके पराक्रम में निरंतर वृद्धि करता हुआ दिखाई देगा। भाई बहनों के साथ आपकी ट्यूनिंग बहुत ही अच्छी होगी। आपकी पॉवर बढ़ेगी। वर्क प्लेस पर अधिकारी आपसे पूछ कर अपना काम करेंगे। इस वजह से सहकर्मी भी आपके चारो तरफ चक्कर लगाएंगे। यानि वे भी कोई न कोई काम में आपकी सलाह लेने का प्रयास करेंगे। अधिकारी तो कोई बात पता नहीं है तो सहकर्मी चाटुकारिता जरूर करेंगे। परन्तु ऐसी चाटुकारिता वाले लोगो से सावधान रहें जो चापलूसी कर रहे हैं, उनसे थोड़ा सा बचकर रहें क्योंकि वे आपके लिए घातक भी साबित हो सकते जरुरी नहीं है। हर समय मीठा बोलने वाले लोग बहुत अच्छे हों। मीठा बोलने वाले लोग पीछे से खंजर भी भोकने वाले होते हैं। इसीलिए इस समय आपको बहुत संभलकर ऐसे लोगो से बचकर रहना है। प्रैक्टिकल होकर सोचें, थोडा सा प्रोफेशनल रहें और अपने कार्यों में कुशलता लाने का प्रयास करें। बस यही आपके लिए ज्यादा बेटर रहेगा। अब गुरु चूंकि आपके रोग भाव के स्वामी हैं तो आपको पेट से सम्बंधित गले से सम्बंधित विकार आपको हो सकते हैं और खासकर वजन से सम्बंधित जो की कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाएगा, बीपी को बढ़ाएगा। शुगर को बढ़ाएगा ऐसी समस्याओं से बचने के लिए आपको योग मैडिटेशन, प्राणायाम जो भी आप करते हैं उसको रूटीन का हिस्सा बनाएं उसे करने का प्रयास बिलकुल भी ना करें।

गुरु आपको बहुत अच्छे रिजल्ट देंगे क्यूंकि स्वग्रही होकर बैठा है इसीलिए आपको मातृपक्ष से सहायता प्राप्त होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शत्रुओं और विरोधियों का नाश हो जायेगा और आप अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विजय की प्राप्ति करेंगे। परन्तु अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखना है क्योंकि पहला सुख निरोगी काया अगर आप निरोगी नहीं हैं तो आप किसी भी काम को सही ढंग से नहीं कर पाएंगे और कोई भी काम सही ढंग से सिरे नहीं चढ़ पायेगा। इसीलिए अगर आप अपने श्वास का विशेष रूप से ध्यान रखेंगे तो सभी कार्यों में कुशलता पूर्वक और सफलता पूर्वक अपने जीवन में आगे बढ़ पाएंगे।

अब आते हैं आपके सुख स्थान पर, लेकिन सुख के स्थान की बात करें तो शुक्र शनि जो कि नामक महापुरुष योग बनाते हुए सुख स्थान में स्वग्रही होकर बैठा है। शनि इस माह आपको 17 जनवरी तक बहुत शानदार परिणाम देने वाले है। उसके बाद भी सुख स्थान के रिजल्ट बहुत अच्छे नहीं हैं। वैसे भी आपकी कुण्डली में शनि योगकारक ग्रह है और शनि ने आपको बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं। ढाई सालों के अन्दर शनि ने बहुत अच्छे रिजल्ट दी है और आगे भी ढाई साल तक शनि बहुत अच्छे रिजल्ट देने वाला क्योंकि 17 जनवरी को शनि चेंज हो जायेंगे और शनि आपके पंचम भाव में आ जायेंगे। इस माह के हिसाब से ये टाइम पीरियड आपके लिए बहुत शानदार रहेगा। वैसे भी आपको बताया लग्नेश और सुखेश की युति हो रही है। लग्जरी में प्रति सुखों में प्रति परिवार का सुख संतान का सुख सुख कई प्रकार के होते हैं तो ऐसे सुखों में आप निरंतर इस माह वृद्धि कर पाएंगे। 17 जनवरी को जब शनि चेंज हो जाएंगे तब भी शनि अपने अपने से एक घर आगे जाकर बैठेंगे। तब भी वे निरंतर आपकी उन्नति बढ़ाते हुए दिखाई देंगे। खासकर किसान वर्ग एग्रीकल्चर और जो किराणे के व्यापारी हैं उनके लिए यह समय बहुत ही बढ़िया रहेगा। कोई मेगा मार्ट से आप जुड़े हैं तो निश्चित रूप से यह समय बहुत ही अच्छा पेट्रोलियम पदार्थो का काम करते और ऑयल का काम करते हैं तो उनके लिए भी ये समय उन्नति दायक रहेगा। उन्नति के रास्ते तय करेगा। किसानों को खेतीबाड़ी में बहुत अच्छा लाभ प्राप्त होगा। इस समय फसल अच्छी होने से आपका मनोबल भी बढता हुआ दिखाई देगा। पशुपालन और डेरी से सम्बंधित जो लोग काम करते हैं उनके लिए भी ये समय बहुत ही अच्छा और उन्नति दायक रहेगा तो चने के बेहतरीन परिणाम आपको सुख किसान के साथी जरूर देखने को मिलेंगे।

अब आते हैं पंचम भाव पर क्योंकि शनि पंचमेश भी है और योगकारक भी है तो पंचम भाव के स्वामी पहले तो अपने से बारवे पर अपने ही घर में शश नामक महापुरुष योग बना रहे हैं तो इसलिए शनि के रिजल्ट आपको पंचम भाव के हिसाब से भी बहुत अच्छे मिलेंगे और 17 जनवरी के बाद तो सोने पे सुहागा हो जाएगा क्योंकि पंचम में स्वग्रही होंगे और इस समय शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर हो जाएगी। पढाई में दिक्कते समाप्त हो जाएगी। विद्यार्थी वर्ग को बहुत अच्छे रिजल्ट मिलेंगे और आपको मेहनत का फल जरुर प्राप्त होगा। करियर को लेकर अगर कन्फ्यूज हैं |

तो इसमें आपका विज़न क्लियर हो जाएगा। नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो वो तलाश खत्म होती हुई दिखाई देगी। यानी आपको नौकरी मिल जाएगी और आप अपनी लाइफ में अपने आप को सेटल नजर आएंगे। यानी आप बहुत अच्छे से अपने कार्यों को दक्षता पूर्वक संपन्न करेंगे। तो ये समय आपको शनि के शानदार परिणाम दिलवाएगा।

अब आते हैं आपके भाग्य स्थान पर भाग्यस्थान के स्वामी हैं बुध जो कि अपने सप्तम बैठे और अपने घर को देख रहे हैं। भाग्येश का अपने ही घर को देखना भाग्य में बढोत्तरी करेगा। इस समय अधूरे पड़े हुए कार्य द्रुतगति से संपन्न होंगे जो हायर एजुकेशन के छात्र हैं उनको विदेशों से बहुत अच्छा लाभ प्राप्त होगा। क्योंकि विदेश के स्थान के स्वामी भी बुध है जो कि अपनी चतुर्थ बेटी हैं तो विदेशों से बहुत अच्छा लाभ प्राप्त होगा। अगर विदेश में पढ़ रहे स्टूडेंट चाह रहे हैं कि पढ़ाई के साथ साथ कोई साईड जॉब मिल जाए तो वो सपना आपका इस समय पूर्ण हो जाएगा। आर्थिक हालात मजबूत रहेंगे। इसलिए फाइनेंशियली आपको किसी भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कर्ज की समस्या आपके जीवन से समाप्त होती हुई दिखाई देगी। धर्म कर्म के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। लेखनी के द्वारा आप लोगों को प्रभावित करेंगे। जो भी अच्छे राइटर हैं उनके लिए ये समय बहुत ही अच्छा और प्रसिद्धि के मार्ग को प्रशस्त करता हुआ दिखाई देगा। ये समय आपको अच्छी उपलब्धि और उन्नति दिलवाएगा। चूंकि आपके उसके लॉर्ड भी हो गए हैं तो जो व्यापारी बाहर जाकर काम कर रहे हैं या विदेशों के साथ कॉपरेट करके आप कोई भी बिजनस करते हैं, चाहे इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का काम हो, चाहे कोई भी काम या फिर और किसी चीज से संबंधित कार्य हो। यदि विदेशों के साथ टाईअप करके विदेशी कंपनियों के साथ टाईअप करके काम करते हैं तो निश्चित रूप से उसमें आप लाभ प्राप्त करते हुए दिखाई देंगे। सहकर्मियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा और बचत योजनाओं में इन्वेस्टमेंट भी आपके लिए लाभदायक रहेगा।

अब आते हैं आपके कर्म भाव पर। कर्म भाव के स्वामी हैं। चन्द्रमा जो कि फ्लक्चुएट होते रहते हैं तो इस उम्र में काम में दिक्कतें परेशानियां कभी कभी आ सकती हैं। क्योंकि शनि की सप्तम दृष्टि भी 17 जनवरी तक आपके कर्म भाव पर पड़ेगी तो इस समय डिसिज़न लेते समय जल्दबाजी ना करें। अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलें और कोई भी काम बताए बिना ना करें क्योंकि एक मिसअंडरस्टैंडिंग क्रिएट हो जाती है। अपने बॉस के साथ और उस वजह से उसका नुकसान आपको झेलना पड़ सकता है। चाहे आप बहुत अच्छी मन्सा से काम कर रहें। अच्छी नीयत से काम करें, उसके बावजूद भी आपके कामों को उल्टा लिया जाएगा। मिसअंडरस्टैंडिंग किया जाएगा और आप ये कभी भी नहीं चाहेंगे। इसीलिए अपने अधिकारियों के साथ और सहयोग से काम करें। एक टीमवर्क की तरह काम करें ताकि कभी भी ब्लेम आपके अकेलेपन और लीडरशिप ना करें। साथ में चलकर कार्य करने का प्रयास करें तो आपके लिए बेहतर रहेगा। पिता के साथ नोकझोंक होती रहेगी। 17 जनवरी के बाद का समय आपके लिए बहुत ही अच्छा रहेगा।

अब आते हैं आपके लाभ भाव पर। लाभ भाव की बात करें तो लाभेश सूर्य जो कि अपने से पंचम जाकर बैठा है। लाभेश का अपने से पंचम जाकर बैठना बहुत ही अच्छा लाभ की स्थितियों को बढ़ाने वाला है। इस समय सूर्य 14 जनवरी तक आपके पंचम भाव में बैठे हैं पंचम भाव का स्वामी है। सूर्य के स्थान में जाकर बैठा है तो वो अच्छे परिणाम देगा। लाभ की उत्तरोत्तर वृद्धि होगी और जो व्यापारी नए कार्य शुरू करना चाहते हैं। नया व्यापार नई योजनाएं नया प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं। उनके लिए भी यह समय बहुत ही अच्छा और उन्नतिदायक रहेगा।

अब सूर्य जब 14 जनवरी के बाद आपके सुख स्थान में चले जाएंगे तब भी वे आपको अच्छे परिणाम देंगे। परंतु इस समय आपको थोड़ा सा संभलकर रहना है। अचानक कुछ खर्चे आ सकते हैं जैसे अचानक से गाड़ी खराब हो गई। अचानक से घर के रखरखाव पर खर्चा क्या वर्क प्लेस पर अचानक से कोई निवेश करना पड़ गया? ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है तो इन स्थितियों को कंट्रोल करने के लिए एक बजट देकर चलें। सोच समझ कर डिसीजन लें। जल्दबाजी में न भागें और साथ ही जिसके मन में भी सोच समझकर निवेश करें। बस इस बात का ध्यान रख लेंगे तो सूर्य के शानदार परिणाम ये महीना आपको दिलवाने वाला है। अब ये तो था तुला राशि वालो का जनवरी माह का यानि साल के प्रथम मासिक राशिफल |

शुभ तारीखें –1 , 2 , 5 से 12, 15 से 21 24, 25, 28 और 29।

अशुभ तारीखें – 3, 4, 13, 14, 22, 23, 26, 27, 30 और 31।

शुभ रंग – काला हरा, भूरा और नीला।

उपाय

  • प्रतिदिन श्री गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत का पाठ करें।
  • शुक्रवार के दिन किसी सुहागिन महिला को श्रृंगार की वस्तुएं भेंट करें।
  • शुक्रवार का व्रत करें |
  • श्री सूक्त लक्ष्मी सूक्त का सूक्त का पाठ जरुर करें।
  • गौ माता और कुत्ते के लिए रोजाना रोटी जरुर निकालें और चांदी और सफेद वस्तुओं का दान जरूर करें।

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