Astro Gyaan, Astro Gyaan|Astrology Tips|Featured, Astro Gyaan|Astrology Tips|Featured|Jeevan Mantra, Astro Gyaan|Astrology Tips|Featured|Jeevan Mantra|jems and stone|Numerology|Palm Reading

कर्क राशि 21 अप्रैल 2023 गुरु राशि परिवर्तन – Guru Transit in HIndi | ♋ Cancer Prediction गुरु बृहस्पति

कर्क राशि 21 अप्रैल 2023 गुरु राशि परिवर्तन – Guru Transit in HIndi

ज्योतिष एक विज्ञान है और इसे गहराई से समझा जाए तो जीवन में बदलाव संभव है। तो आइये हम करेंगे आपकी हर समस्या का समाधान गुरुर, ब्रह्मा, गुरुर, विष्णु, गुरुर, देवो महेश्वर, गुरुर साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः। गुरू बिना ज्ञान कहा गुरू हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरू हमें ज्ञान प्रदान करते है और हमारे जीवन की नीव रखने वाले भी गुरू ही होते हैं। हमें जीवन के रास्तों पर चलना भी गुरू ही सिखाते है और गुरू बिना हमारा जीवन उस नाव के समान हो जाता है जिसमें पतवार ही नहीं है तो किनारे कैसे लगेगी इसीलिये जीवन में गुरू का होना बेहद आवश्यक है और गुरू का महत्व भी बहुत अधिक है और यही महत्व ज्योतिष में भी गुरू ग्रह का है। ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान का कारक ग्रह माना गया है। गुरु ग्रह जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करते है। गुरु पहले शिक्षा में अपना प्रभाव दिखाते हैं। उसके बाद में संतान में अपना प्रभाव दिखाते हैं। उसके बाद विवाह योग्य हो जाते हैं तो विवाह कारक ग्रह भी गुरु को माना गया है। उसके बाद संतान प्राप्ति के लिए भी गुरु ग्रह को देखा जाता है। संतान कारक ग्रह भी गुरु को माना गया है। जीवन में प्रसिद्धि उन्नति को गुरु ग्रह से जोड़ा जाता है और लास्ट में जब जीवन का अंत हो रहा होता है या हम बुढापे की तरफ अग्रसर होते हैं तो गुरु ग्रह ही है जो हमे आध्यात्मिकता से भी जोड़ता है। हमें स्प्रिचुअलिटी से भी जोड़ते हैं क्योंकि आखिर तो हमें उस परमपिता परमेश्वर के यहां भी जाना है। सब कुछ यहीं रह जाएगा और हम चले जाएंगे परमपिता परमेश्वर के पास तो गुरु ग्रह जीवन के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करता है और ज्योतिष में भी गुरु का अपना विशेष स्थान है। देवताओं के गुरु बृहस्पति के रूप में इन्हें देखा जाता है। ये धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। कर्क में उच्च के और मकर में नीच के प्रभाव दिखाते हैं। गुरु ग्रह अगर कुण्डली में अच्छे बैठे हों केन्द्र स्थानों में स्वग्रही या उच्च के होकर बैठे हों तो हंस नामक महापुरुष योग भी बनाता है। गुरू व्यक्ति को अनुसंधान शिक्षण और मैनेजमेंट से संबंधित कार्यों से जोड़ता है। ज्ञान से संबंधित कार्यों से जोड़ता है। लेखन से जोड़ता है। सांस्कृतिक तारिक कार्यों से जोड़ता है। कला से जोड़ता है। हर फील्ड में गुरु का अपना प्रभाव जरूर देखने को मिलता है तो अगर किसी की कुण्डली में गुरु ग्रह बहुत अच्छे हो तो वो व्यक्ति धर्मगुरु बन सकता है। एस्ट्रोलॉजर बन सकता है, एस्ट्रोनॉट बन सकता है रिसर्च और अनुसन्धान के कार्यों से अपने आप को जोड़ सकता है। मैनेजमेंट के फील्ड में बहुत अच्छा काम कर सकता है और शिक्षण व्यवसाय में भी बहुत अच्छा नाम और काम कमा सकता है। तो गुरु ग्रह हमारे जीवन को अत्यधिक प्रभावित क्यों करता है उसके बारे में आज हम विशेष जानकारी लेकर आये है। ये है गुरु का राशि परिवर्तन आज आपको इस राशि परिवर्तन से सम्बंधित जानकारी देने के लिए उपस्थित हुए |

अब तक वर्तमान में गुरु अपनी खुद की राशि मीन में स्वग्रही होकर विराजमान है और 21 अप्रैल को रात्रि 08:43 बजे पर गुरु का राशि परिवर्तन होगा और वे खुद की राशि मीन से अपनी मित्र राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे और 1 मई वर्ष 2024 तक यहां पर विराजमान रहेंगे। गुरु लगभग एक वर्ष तक एक राशि में विराजमान रहते हैं। इसीलिए जब वार्षिक राशिफल हम मनाते हैं तब हम गुरु शनि और राहु की स्थिति को देखते हैं क्योंकि ये तीनों ग्रहों का प्रभाव बहुत लंबे समय तक हमारे जीवन पर रहता है। अब आज हम आपको बताने वाले है कर्क राशि वालो के लिए गुरु के इस राशि परिवर्तन का क्या प्रभाव रहेगा? उसकी जानकारी कि कर्क राशि वालो के लिए गुरु ग्रह क्या लेकर आया और इस राशि वालो को गुरु के क्या लाभ और क्या नुकसान देखने को मिलेंगे।

शुरू करते है कर्क राशि के लिए अब कर्क राशि की अगर हम बात करे तो आपकी राशि के लिए गुरु आकर बैठ रहे हैं कर्म भाव में अब तक बैठे थे भाग्य स्थान में वहां पर स्वग्रही थे और अब आ जाएंगे कर्म भाव में और 10th हाउस में हमेशा गुरु के रिजल्ट अच्छे मिलते हैं। केन्द्रीय स्थान में भी चारों केंद्रीय स्थानों में से गुरू दशम भाव कर्म भाव में सबसे बेस्ट रिजल्ट देते हैं तो यहां पर गुरु का बैठता बहुत अच्छा है। पर हमने जैसा कि आपको बताया कि साथ में चांडाल योग बन रहा है। शनि की तीसरी दृष्टि भी है। हालांकि गुरु और शनि भी अपने आपमें एक दूसरे से मित्रवत व्यवहार रखते हैं। इसीलिए ये चोट शनि की जो दृष्टि है उसके बावजूद गुरु अपने अच्छे परिणाम जरूर देंगे। पर 30 अक्टूबर तक यह समय थोड़ा सा गुरू के प्रभाव को दबा देगा क्योंकि राहु भी बैठे हैं जो चांडाल योग बना रहे और शनि की दृष्टि भी है। जो कि अच्छी नहीं होती, ये क्लियर है। अब आपकी राशि में गुरु आपके भाग्येश भी है और गुरु आपके रोग भाव के स्वामी है।

गुरु की दृष्टियों की अगर हम बात करे तो गुरु की पंचम दृष्टि आपके द्वितीय भाव पर सप्तम दृष्टि आपके सुख स्थान पर और नवम दृष्टि गुरु के खुद के घर पर यानि रोग भाव पर पड़ेगी। अब गुरू रोग भाव के हिसाब से और भाग्य स्थान के हिसाब से मिक्स रिजल्ट देंगे। यहां पर आपको ध्यान रखना है कि गुरू चूंकि रोग भाव के स्वामी है तो अपने खानपान और वजन का विशेष रूप से ध्यान रखें। थाइरॉयड, गले से संबंधित समस्या, पेट से संबंधित समस्या, हृदय संबंधी समस्या गुरू देता है। इसलिए हमें बहुत ज्यादा संभलकर रहना है। छोटी छोटी समस्याओं से आप हर समय परेशान दिखाई देगें और जब व्यक्ति परेशान होता है और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझता है तब वो कोई भी विशेष कार्य नया कार्य अपने जीवन में नहीं कर सकता क्योंकि उसके दिमाग में केवल उसका श्वास घूमता है। क्रिया ठीक नहीं है तो हम कुछ और क्या सोच पाएंगे? पर यहां पर ये भी ध्यान रखना है कि गुरु की दृष्टि अपने ही घर पर पड़ रही है। इसीलिए स्वास संबंधी समस्याएं अपने जीवन में बहुत लंबी नहीं होगी। हां, समय समय पर थोड़ी थोड़ी समस्या चलती रहेगी पर ये समस्या बड़ी नहीं है। इसीलिए अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखें और इन समस्याओं को इन छोटी छोटी समस्याओं को अपने ऊपर हावी न होने दें। शत्रुपक्ष समाप्त हो जाएगा। प्रतिद्वंद्वियों को मुंह की खानी पड़ेगी। यहां पर रुपए पैसे से संबंधित कार्यों में भी आपको सफलता मिलती हुई दिखाई देगी। रोग भाव का स्वामी गुरू है और गुरु अपने से पंचम में बैठा है। केंद्र में बैठा है कर्म भाव में बैठा है तो वो अच्छे रिजल्ट देगा ही। तो गुरु के रिजल्ट रोग भाव के हिसाब से पूरे वर्ष पर्यंत की हम बात कर रहे है न कि केवल छोटे से टाइम पीरियड जो कि गुरु राहु को चांडाल योग बना इसीलिए हम गुरु के रिजल्ट आपको बताने वाले है यहां पर ये ध्यान जरूर रखिएगा।

गुरु के रिजल्ट 30 अक्टूबर के बाद और अच्छे हो जाएंगे क्योंकि राहु का साथ छूट जाएगा। चंडाल योग खत्म हो जाएगा और उसके बाद गुरूकुल पावर में आ जाएंगे और पावरफुल होकर डिसीजन देंगे। अपने प्रभाव दिखाएंगे। अभी अपना भाग्येश भाग्येश भी अपने से एक घर आगे बैठा है तो भाग्य में भी वृद्धि करेंगे। अधूरे पड़े हुए जो भी कार्य वो फटाफट से पूर्ण हो जाएंगे। जो युवक युवतियां नौकरी की तलाश करें, उनकी तलाश खत्म होती हुई दिखाई देगी और गुरु के रिजल्ट बहुत अच्छे मिलेंगे। करियर में आ रही बाधाएं दूर हो जाएगी। जो बच्चे हायर एजुकेशन की शिक्षा अपने मनचाहे कॉलेज में लेना चाहते हैं या कोई लक्ष्य आपने निर्धारित किया तो उसमें आप बुलाएंगे उसमें बहुत अच्छे और सफलतादायक परिणाम आपको देखने को मिलेंगे जिससे आपका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ेगा और आपका भविष्य भी उसी से तय होगा। क्योंकि जो हायर एजुकेशन बच्चे लेते हैं उनके हायर एजुकेशन लेते ही आगे उनके करियर का पीक टाइम आ जाता है। अब सैटल होना अच्छी नौकरी पानी है। अच्छा काम करना है तो ये समय आपको तब आपकी परिस्थितियां दिलवाएगा। चूंकि भाग्य स्थान के स्वामी हैं तो आध्यात्मिकता से भी आपको जुड़ेंगे। धर्म कर्म के कार्यों में आपकी प्रवर्ति बढ़ेगी। जहां पर भी कोई धार्मिक अनुष्ठान या धार्मिक कार्य रहे होंगे, वहां पर आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगें। वहां पहुंचेंगे स्प्रिचुअलिटी आपके अंदर आ जाएगी। भगवान से एक नाता आपका जुड़ जाएगा जो कि बहुत ही सुंदर नाता होगा और उससे आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा और आपकी मानसिक शांति भी बढ़ेगी।

अब अगर हम बात करे गुरु की दृष्टियों की एक दृष्टि तो रोग पर पड़ेगी जिसके बारे में हमने आपको बता दिया अब पंचम और सप्तम दृष्टि की बात करते हैं। सबसे पहले पंचम दृष्टि की बात करे तो चूंकि गुरु की दृष्टियाँ बहुत अच्छी होती है और यहां पर अभी तक तो 30 अक्टूबर तक राहु की भी बैठेगी। राहु की अच्छी नहीं पर गुरु की अच्छी तो बेलेन्स कर देगी। पर हम बात कर रहे और गुरु के इस टाइम पीरियड की एक वर्ष के इसीलिए गुरु की पंचम दृष्टि की। अगर हम बात करे तो धन संबंधी सारी समस्याएं दूर हो जाएगी। रोजमर्रा के लाभ में प्रतियोगी पैतृक संपत्ति संबंधी विवादों से भी मुक्ति मिल जाएगी। कुटुंब का साथ मिलेगा। कुटुंब में मान सम्मान बढ़ेगा। रिश्तेदारों के साथ एक अच्छी ट्यूनिंग और अच्छा तालमेल आपको देखने को मिलेगा। या आपकी इच्छाएं और मनोकामनाएं भी पूर्ण होंगी। जो काम अपने हाथ में लिए हो उनमें आपको सफलता प्राप्त होगी। अधिकारी भी आपको बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां देंगे जिनका इंतजार आप लंबे समय से कर रहे थे। वो जिम्मेदारियां वो अपॉर्चुनिटी आपके सामने खड़ी होगी। अब फिर देर क्या फिर हम उस अपॉर्चुनिटी को किरण ग्रैब करके अपने जीवन में सफलता के शिखर पर पहुँच सकते हैं। प्रयास आपको ही करने पड़ेंगे। रोजाना के प्रयास जो व्यक्ति करता है उसको विजय ज़रूर प्राप्त होती है।

अब आते है गुरु की सप्तम दृष्टि पर तो वो सुख स्थान पर पड़ रही है। फाइनेंशियली आपको स्ट्रॉन्ग बनाती हुई दिखाई देगी। सुखों में वृद्धि करेगी। इस समय आपके भूमि भवन वाहन हर तरीके के सुख आपको प्राप्त होंगे। परिवार का सुख भी आपको भरपूर मिलेगा। दाम्पत्य सुखों में भी वृद्धि होगी यदि विवाह योग्य हो चुके हैं तो विवाह हो जाएगा। मां के साथ आपकी ट्यूनिंग और अधिक बेहतर होती हुई दिखाई देगी और गुरु के रिजल्ट आपको बहुत ही शानदार मिलेंगे। इस समय आप अपने जीवन को लग्जरी से भरेंगे। यानी अपने सुख सुविधा के सारे संसाधन जुटाते हुए दिखाई देंगे। अब गुरु चूंकि कर्मभाव में बैठे हैं, वैसे तो गुरू जहां बेटे की स्थाना नहीं करते पर केंद्र में गुरू के रिजल्ट अच्छे। तो यहां पर मैनेजमेंट के कार्यों में भी अच्छी सफलता गुरू आपको दिलवा सकते हैं। कर्म करते चले जाइये। कोई भी जल्दबाजी में ना लें। अपने बड़ों से पूछ कर आपको डिसीजन लेने होंगे। प्रेम संबंधों में आपको मजबूती देखने को मिलेगी। आप सीरियस लव रिलेशनशिप में बंध जाएंगे। यात्रा सफलता और। दायक रेकी लाभदायक रहेगी और करियर में कई नई संभावनाएं आपके सामने आएगी। कई नए मौके आपको मिलते हुए दिखाई देंगे। तो ये है गुरु की दृस्टि कर्क राशि वालों के लिए और हम जो बता रहे है उस हिसाब से गुरु की स्थिति बहुत ही अच्छी है। कर्क राशि वालों के लिए।

उपाय

  • गुरु राहु चांडाल योग बन रहा है तो चांडाल योग निवारण यंत्र को अपने पूजा कक्ष में रखें और गुरु के जाप सुबह और राहु के जाप रात्रि में करें।
  • हमेशा जब भी कोई जाप करे तो आसन लगाकर जरूर करें।
  • शनि की तीसरी दृष्टि गुरु राहु पर पड़ रही है। इसीलिए आपको शनि का दान जरूर करना।
  • भगवान विष्णु की पूजा आराधना करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ रोजाना करें और गुरुवार के दिन आपको पीली चीजों का दान किसी मंदिर में किसी ब्राह्मण को जरुर दे देना। यानि चने का दान। बेसन से बनी मिष्ठानों का दान, घी का दान, बेसन के लड्डुओं का दान ये दान आप मंदिर में कर सकते हैं। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को कर सकते हैं, पुजारी को कर सकते हैं।

Note: Daily, Weekly, Monthly and Annual Horoscope is being provided by Pandit N.M.Shrimali Ji, almost free. To know daily, weekly, monthly and annual horoscopes and end your problems related to your life click on (Kundali Vishleshan) or contact Pandit NM Shrimali  Whatsapp No. 9929391753, E-Mail- [email protected]
Connect with us at Social Network:-

Contact : +918955658362 | Email: [email protected] | Click below on Book Now
Subscribe on YouTube – Nidhi Shrimali

Related Posts